उत्तर प्रदेश

भोजपुरी विकिपीडिया से
इहाँ जाईं: नेविगेशन, खोजीं
उत्तर प्रदेश
اتر پردیش
राज्य
बीच में: बनारस क मुंशी घाट; ऊपर से घड़ी के दिसा में: ताज महल; काशी विश्वनाथ मंदिर; बुलंद दरवाजा; एत्मादुदौला के मकबरा; इलाहाबाद में नया यमुना पुल; सारनाथ में धमेख स्तूप; प्रेम मंदिर, मथुरा; इलाहाबाद विश्वविद्यालय
बीच में: बनारस क मुंशी घाट; ऊपर से घड़ी के दिसा में: ताज महल; काशी विश्वनाथ मंदिर; बुलंद दरवाजा; एत्मादुदौला के मकबरा; इलाहाबाद में नया यमुना पुल; सारनाथ में धमेख स्तूप; प्रेम मंदिर, मथुरा; इलाहाबाद विश्वविद्यालय
Coat of arms of उत्तर प्रदेशاتر پردیش
Coat of arms
भारत में लोकेशन के लोकेशन
भारत में लोकेशन
Coordinates: 26°51′N 80°55′E / 26.85°N 80.91°E / 26.85; 80.91निर्देशांक: 26°51′N 80°55′E / 26.85°N 80.91°E / 26.85; 80.91
देस  भारत
राज्य के दर्जा

26 जनवरी 1950

राजधानी लखनऊ
जिला 75[1]
सरकार
 • संस्था उत्तर प्रदेश सरकार
 • राज्यपाल राम नाइक[2]
 • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (भाजपा)
 • बिधानसभा
 • संसद सीट
 • हाइकोर्ट इलाहाबाद हाइकोर्ट
रकबा
 • कुल 240,928 km2 (93,023 sq mi)
रकबा रैंक 4था
जनसंख्या (2011)[1]
 • कुल 199,281,477
 • रैंक 1
 • जनघनत्व 830/km2 (2,100/sq mi)
भाषा[3]
 • ऑफिशियल हिंदी
 • दूसर ऑफिशियल उर्दू
 • अन्य लोकल भोजपुरी, अवधी
टाइम जोन आइएसटी (यूटीसी+05:30)
UN/LOCODE IN-UP
गाड़ी नंबरप्लेट UP 01—XX
ऍचडीआइ Increase 0.5415 (medium)
ऍचडीआइ रैंक 18वाँ (2007-08)
साक्षरता
  • 67.7%
  • 77.3% (पुरुष)
  • 57.2% (महिला)
वेबसाइट www.up.gov.in

उत्तर प्रदेश या यूपी भारत क सभसे ढेर जनसंख्या वाला राज्य आ दुनिया में सभसे ढेर जनसंख्या वाला देस-उपबिभाग बाटे। भारतीय उपमहादीप के उत्तरी-बिचला इलाक में पड़े वाला एह राज्य के कुल आबादी लगभग 200 मिलियन (2 अरब) बाटे। लखनऊ एह राज्य के राजधानी हवे।

ब्रिटिश शासन के दौरान 1 अप्रैल 1937 के यूनाइटेड प्रोविंस के नाँव से ई प्रदेश के रूप में बनावल गइल आ आजादी के बाद 1950 में एकर नाँव बदल के उत्तर प्रदेश रखाइल। 9 नवंबर 2000 के एह राज्य से उत्तरी पहाड़ी इलाका के अलग क के उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) राज्य बनल। वर्तमान में, प्रशासन खातिर ई अठारह गो मंडल आ 75 जिला में बिभाजित कइल गइल बा।

भूगोलीय रूप से ई राज्य गंगा के मैदान के सपाट हिस्सा में स्थित बा आ इहाँ उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु पावल जाले। राज्य के पछिम ओर राजस्थान; उत्तर-पच्छिम में हरियाणा, दिल्लीहिमाचल प्रदेश; उत्तर में उत्तराखंडनेपाल; पूरुब ओर बिहार आ दक्खिन ओर मध्य प्रदेश बाड़ें; जबकि एकदम दक्खिन-पूरुब के छोर पर एकर कुछ सीमा झारखंडछत्तीसगढ़ के साथ भी सटल बा। कुल 243,290 बर्ग किलोमीटर (93,933 बर्गमील) रकबा वाला ई राज्य भारत के 7.33% भाग हवे आ चउथा सबसे बड़ राज्य भी हवे।

अर्थब्यवस्था के आकार के मामिला में ई भारत के तीसरा सभसे बड़ राज्य बा जहाँ जीडीपी ₹9,763 बिलियन (US$150 बिलियन) बाटे। खेती आ सर्विस क्षेत्र प्रमुख आर्थिक कामकाज बाड़ें; सर्विस सेक्टर में परिवहन, पर्यटन, होटल, अचल संपत्ति, इंशोरेंस आ फाइनेंस संबंधी चीज सामिल बाटे। गाजियाबाद, बुलंदशहर, कानपुर, गोरखपुर, इलाहाबाद, भदोही, रायबरेली, मुरादाबाद, बरेली, अलीगढ़, सोनभद्र, आ बनारस एह राज्य में औद्योगिक रूप से महत्व वाला शहर बाने।

प्राचीन आ मध्य्कालीन दौर में उत्तर प्रदेश ताकतवर राज सभ के भूमि रहल बा। इहाँ प्राकृतिक आ ऐतिहासिक पर्यटन के कई जगह बा जइसे की आगरा, बनारस, कौशांबी, बलियाँ, श्रावस्ती, गोरखपुर, कुशीनगर, लखनऊ, इलाहाबाद इत्यादि। धार्मिक रूप से हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख शाखा वैष्णव मत के दू गो अवतार रामकृष्ण एही राज्य में पैदा भइल बतावल जालें आ अजोध्यामथुरा प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ हवें। गंगा के तीरे बसल बनारस आ गंगा आ यमुना नदी के संगम पर मौजूद इलाहाबाद के हिंदू धरम में बहुत महत्व बा। दूर उत्तर-पूरुब कोना पर मौजूद गोरखपुर नाथ सम्प्रदाय के संस्थापक गोरखनाथ के भूमि मानल जाले।

इतिहास[संपादन]

आदिकाल[संपादन]

शिकार आ भोजन संग्रह करे वाला आदिम मनुष्य लोग के उपस्थिति एह इलाका में रहल जहाँ आज के उत्तर प्रदेश बा[4][5][6] आ अनुमान बा की ई लोग[7] 85,000 से 72,000 साल पहिले इहाँ रहे। इहाँ से पुरापाषाणकाल के चीज भी मिलल बा जे 21,000–31,000 साल पुरान बतावल गइल बा[8] आ मेसोलिथिक/माइक्रोलिथिक जमाना के आदिम लोग के 10550–9550 ईसा पूर्व के बस्ती के अवशेष प्रतापगढ़ जिला से मिलल बा जेह में पालतू मवेशी, बकरी आ भेड़ पाले आ खेती के सुरुआत के प्रमाण कम से कम 6000 ईसा पूर्व तक ले के मिलल बा जे धीरे-धीरे c. 4000 से 1500 ईसापूर्व&nbsp ले बिकसित भइल; सिंधु घाटी सभ्यता आ हड़प्पा संस्कृति के दौर से होत वैदिक काल आ लोहा के जुग ले आइल।[9][10][11]

प्राचीन जुग[संपादन]

राम क पेंटिंग, बगल में सीता आ लक्ष्मन भी बाने
राम के बनगमन के दृश्य, सीता आ लछमन के साथ।

महाजनपद काल में कोसल राज्य के बिस्तार ओही इलाका में रहे जवन आज के जमाना के उत्तर प्रदेश के सीमा के भीतर आवे ला।[12] हिंदू कथा के मोताबिक अवतारी पुरुष राम अजोध्या के राजा रहलन जे कोसल के राजधानी रहे।[13] कृष्ण, हिंदू कथा के अन्य पात्र, जिनके महाभारत में प्रमुख भूमिका रहल आ जिनके बिष्णु के अवतार मानल जाला, उत्तर प्रदेश के मथुरा में पैदा भइल बतावल जालें।[12] महाभारत के लड़ाई ऊपरी दुआबा आ दिल्ली के आसपास के इलाका में भइल रहल जहाँ कुरु महाजनपद रहल आ पांडव लोग के शासन भइल। इतिहास के हिसाब से कुरु जनपद के काल उहे हवे जे करिया आ लाल माटी के बर्तन वाला जुग हवे, यानि उत्तरी-पच्छिमी भारत में लोहा जुग के सुरुआत, लगभग 1000 ईसा पूर्व के समय।[12]

मध्यकालीन[संपादन]

12 वी शताब्दी के पास मुस्लिम् आक्रमणकारीयों के आने के साथ् ही राजपूत राजाओ की शक्ति कम् होवे लागल । कुतुबुद्दिन् ऐबक् सन् 1206 में दिल्ली पर आपन अधिकार कई लिहलन औरि गुलाम् वंश की नीव् डललन। गुलाम्वंश क बादे खिलजी और् तुगलक् वन्श् के राजाओ ने दिल्ली की सीमाओ का विस्तार् किया और् तब् उत्तर् प्रदेश् क्षेत्र इस् साम्राज्य का एक् अंग् बन् गया । 13 वी और् 14 वी शताब्दी का उत्तर् प्रदेश् क्षेत्र का इतिहास् मुगलो के दमन् और् मौलिक साम्राज्यों के बहादुर् प्रतिरोध् की कहानी सुनाता है। 13 वी शताब्दी के अन्त् तक् तुगलक् वन्श् का शासन् बिखरने लगा । सन् 1394 में उत्तर् प्रदेश् के पूर्वी क्षेत्र ज़ौनपुर् में मलिक् सर्वर् खवाज़ा ने एक् स्वतन्त्र राज्य् की स्थापना की, इसे शर्की साम्राज्य कहा गया और् यह् 84 वर्षो तक् दिल्ली के सुल्तानो से लोहा लेता रहा । सन् 1398 में तैमूर् के आक्रमण् के साथ् ही दिल्ली पर् तुगलक् वन्श् का शासन् खत्म् हो गया । सन् 1414 से ले कर् 1526 तक् दिल्ली पर् सयद् वन्श् और् लोधी वन्श् का शासन् रहा पर् अधिकतर् पूर्वी और् मध्य उत्तर् प्रदेश् विभिन्न् हिन्दू और् मुस्लिम् राजाओ के अन्तर्गत् रहा । इसी काल् में इब्राहिम् लोधी ने आगरा को उप्-राजधानी बनाया ।

सन् 1526 में बाबर् ने इब्राहिम् लोधी को पानिपत् की लडाई में हरा दिया और् आगरा पर् अधिकार् कर् लिया पर् अफ़गानो और् मुगलो के बीच् संभल्,जौनपुर्,गाज़ीपुर्,काल्पी,ईटावा और्कन्नौज् मे लडाई होती रही । सन् 1552 में अकबर ने सत्ता सम्भाली। अकबर् का शासन् काल् शान्ती, मजबूत् प्रशासन् और् उदारता के लिये जाना जाता है। आगरा सन् 1649 तक् मुगल् शासन् की राजधानी रही। बाद् में शाह्जहां ने राजधानी दिल्ली में विस्थापित् कर् दी। औरंगजेब के शासनकाल् मेंबुन्देलखण्ड् के राजा छ्त्रसाल् ने मुगल् शासन् के खिलाफ़् विद्रोह् कर् दिया। यह् विद्रोह् 50 साल् तक् चला अन्त् में छ्त्रसाल् ने मराठों से मुगलो के खिलाफ़् मदद् मांग़ी । इसके बद्ले में छ्त्रसाल् ने अपना एक् तिहाई बुन्देलखण्ड् राज्य मराठों को दे दिया । इस् प्रकार् मराठों का उत्तर् प्रदेश् क्षेत्र में प्रवेश् हुआ ।

सन् 1732 में अवध् के नवाब् सआदत् अली खान् ने अवध् के स्वतन्त्र होने की घोषणा कर् दी, अवध् का स्वतन्त्र शासन् सन् 1850 तक् चला। उसी समय् रोहिल्ला ने भी स्वतन्त्र रोहेलखण्ड् की स्थापना की , रोहिल्लो का राज्य सन् 1774 तक् चला जब् अवध् के नवाब ने अन्ग्रेज़ो की ईस्ट् ईंडिया क्ंपनी की मदद् से उन्हे हरा दिया ।

अवध् के तीसरे नवाब सुजाउद्दोला ने बंगाल् के बागी नवाब मीर् कासिम् के साथ् अन्ग्रेज़ो के खिलाफ़् सन्धि कर् ली । सन् 1784 में मीर् कासिम् अन्ग्रेज़ो से हार् गया और् उसे कार् और्इलाहाबाद अन्ग्रेज़ो को देने पडे । ईसके बाद् अन्ग्रेज़ो ने फ़ूट डालने की राजनीति की। सन् 1816 में वर्तमान् कुमाउं , गढ्वाल् और् देह्रादून् के जिले सान्गुलि की सन्धि के अन्तर्गत् अन्ग्रेजी राज्य में मिला लिये गये । इस् तरह् से बने क्षेत्र को नार्थ् वेस्ट् प्रोविन्स् कहा गया । डल्होजी की इसी नीति के अन्तर्गत् अवध् और् झाँसी भी अन्ग्रेजी राज्य में मिला लिये गये ।

प्रथम् स्वतन्त्रता सन्ग्राम्[संपादन]

यूनाइटिड् प्रोविन्स् ओफ़् आगरा एण्ड् अवध् 1903

सन् 1857 में अन्ग्रेजी फ़ौज् के भारतीय सिपाहियो ने विद्रोह् कर् दिया । यह् विद्रोह् एक् साल तक् चला और् अधिकतर् उत्तर् भारत् में फ़ैल् गया । इसे भारत् का प्रथम् स्वतन्त्रता सन्ग्राम् कहा गया । इस् विद्रोह् का प्रारम्भ् मेरठ् शहर् में हुआ । इस् का कारण् अन्ग्रेज़ो द्वारा गाय और् सुअर् की चर्बी से युक्त् कारतूस देना बताया गया । इस् सन्ग्राम् का एक् प्रमुख् कारण् डलहोजी की राज्य ह्डपने की नीति भी थी। यह् लडाई मुख्यत्ः दिल्ली,लखनऊ,कानपुर,झाँसी और् बरेली में लडी गयी। ईस् लडाई में झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, अवध् की बेगम् हज़रत् महल्, बख्त् खान्, नाना साहेब् , मौल्वी अहमदुल्ला शाह् , राजा बेनी माधव् सिंह् , अजीमुल्लाह् खान् और् अनेक् देशभक्तों ने भाग लिया ।

आधुनिक[संपादन]

सन् 1902 में नार्थ् वेस्ट् प्रोविन्स् का नाम् बदल् कर् यूनाइटिड् प्रोविन्स् ओफ़् आगरा एण्ड् अवध् कर् दिया गया । साधारण् बोलचाल् की भाषा में इसे यूपी कहा गया । सन् 1920 में प्रदेश् की राजधानी को इलाहाबाद से लखनऊ कर् दिया गया । प्रदेश् का उच्च् न्यायालय इलाहाबाद ही बना रहा और् लखनऊ में उच्च न्यायालय की एक् न्यायपीठ स्थापित की गयी । उत्तर प्रदेश आधुनिक भारत के ईतिहास् और् राजनीति का केन्द्र बिन्दु बना रहा और् यहां के निवासियों ने भारत के स्वतन्त्रता सन्ग्राम् और् पाकिस्तान् प्रथकता आन्दोलन् में प्रमुख् भूमिका निभायी । इलाहाबाद शहर् प्रख्यात राष्ट्रवादी नेताओं जैसे मोतीलाल नेहरू, पुरुषोत्तम दास टन्डन् और् लालबहादुर शास्त्री का घर् था । यह प्रदेश् भारत देश् के छ्: प्रधान् मन्त्रियो जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गाँधी,लालबहादुर शास्त्री, विश्वनाथ प्रताप सिंह, राजीव गाँधी और् चन्द्र्शेखर् का चुनाव् क्षेत्र भी रहा । स्वतन्त्रता के बाद् 12 जनवरी सन् 1950 में इस् क्षेत्र का नाम् बदल् कर् उत्तर प्रदेश रख् दिया गया। गोविंद वल्लभ पंत इस् प्रदेश् के प्रथम् मुख्य मन्त्री बने। अक्टूबर् 1963 में सुचेता क्रिपलानी उत्तर् प्रदेश् एवम् भारत् की प्रथम् महिला मुख्य मन्त्री बनी । सन् 2000 में हिमालय के पहाडी क्षेत्र में स्थित गडवाल और् कुमांउ मन्डल् को मिला कर् एक् नये राज्य उत्तरांचल का गठन् किया गया ।

भूगोल[संपादन]

उत्तर् प्रदेश् भारत के उत्तर पश्चिमी भाग में स्थित है। प्रदेश् के उत्तरी एवम् पूर्वी भाग् की तरफ़् पहाड तथा पश्चिमी एवम् मध्य भाग् में मैदान् हैं । उत्तर् प्रदेश् को मुख्य्त्: तीन क्षेत्रों में विभाजित् किया जा सकता है।

  1. उत्तर् में हिमालय का क्षेत्र - यह् क्षेत्र बहुत् ही ऊंचा-नीचा और् प्रतिकूल भू-भाग है। यह् क्षेत्र अब् उत्तरांचल के अन्तर्गत् आता है। इस् क्षेत्र की स्थलाकृति बद्लाव् युक्त् है। समुद्र तल् से इसकी ऊन्चाई 300 से 5000 मीटर् तथा ढ्लान 150 से 600 मीटर/किलोमीटर है।
  2. मध्य में गंगा का मैदानी भाग् - यह् क्षेत्र अत्यन्त् ही उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी का क्षेत्र है। ईसकी स्थलाकृति सपाट है। इस् क्षेत्र में अनेक तालाब, झीलें और् नदीयां हैं। इसका ढ्लान 2 मीटर/किलोमीटर है।
  3. दक्षिण का विन्ध्याचल क्षेत्र - यह् एक् पठारी क्षेत्र है, तथा इसकी स्थलाकृति पहाडों, मैंदानों और् घाटियों से घिरी हुई है। इस् क्षेत्र में पानी कम् मात्रा में उप्लब्ध् है।

यहां की जलवायु मुख्यत्: उष्णदेशीय मानसून की है परन्तु समुद्र तल से ऊन्चाई बदलने के साथ् इसमे परिवर्तन् होता है।

कला एवम् संस्कृति[संपादन]

साहित्य[संपादन]

संगीत[संपादन]

नृत्य[संपादन]

कत्थक उत्तर् प्रदेश् का एक् परिषक्रत् शास्त्रिय नृत्य है जो कि हिन्दुस्तानी शास्त्रिय संगीत के साथ किया जाता है। कत्थक नाम् 'कथा' शब्द् से बना है, इस् नृत्य में नर्तक् किसी कहानी या संवाद को नृत्य के माध्यम् से प्रस्तुत् करता है । कत्थक नृत्य का प्रारम्भ् 6-7वीं शताब्दी में उत्तर् भारत् में हुआ था। प्राचीन समय् में यह् एक् धार्मिक नृत्य हुआ करता था जिसमे नर्तक् महाकाव्य गाते थे और् अभिनय करते थे । 13 वी शताब्दी तक् आते आते कत्थक सौन्दर्यपरक हो गया तथा नृत्य में सूक्ष्म अभिनय् एवम् मुद्राओं पर् अधिक ध्यान् दिया जाने लगा । कत्थक में सूक्ष्म मुद्राओं के साथ् ठुमरी गायन् पर् तबले और् पखावज के साथ् ताल मिलाते हुए नृत्य किया जाता है । कत्थक नृत्य के प्रमुख् कलाकार पन्डित बिरजू महाराज हैं ।

लोक कलायें[संपादन]

  • ब्रज् रासलीला
  • राम् लीला

हस्त शिल्प[संपादन]

सहारनपुर का काष्ठ शिल्प, वाराणसी की साड़ियाँ तथा रेशम व ज़री का काम, लखनऊ का कपड़ों पर चिकन की कढ़ाई का काम, रामपुर का पैचवर्क, मुरादाबाद के पीतल के बरतन आदि

जनसंख्या[संपादन]

उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा (जनसंख्या के आधार पर) राज्य है । करीब 16 करोङ की जनसंख्या के साथ उत्तर प्रदेशविश्व का सर्वाधिक आबादी वाला उप राष्ट्रीय इकाई है । विश्व में केवल पांच राष्ट्र चीन, स्वयंभारत,संयुक्त अमरीका, इंडोनिशिया और ब्राज़ील की जनसंख्या प्रदेश की जनसंख्या से अधिक है.

लोकरंग[संपादन]

लोकरंग सांस्कृतिक समिति, बी 4-140 विशालखंड, गोमतीनगर, लखनऊ 226010 द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रम है । लोकरंग सांस्कृतिक समिति, लोक संस्कृतियों के संवर्द्धन, संरक्षण के लिए कार्यरत है। विगत तीन वर्षो से इसने लगभग 150 से अधिक लोककलाकारों को, जो व्यावसायिक नहीं हैं, जो गांवों में खेती-किसानी करते, अपने दुखःसुख भुलाने के वास्ते गीत और संगीत में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हैं, को मंच प्रदान किया है । लोकरंग सांस्कृतिक समिति कोई व्यावसायिक संगठन नहीं है और न एन0जी0ओ0 है। यह जनता का संगठन है जो जनता के सहयोग से चलाया जाता है। लोकरंग सांस्कृतिक समितिभोजपुरी संस्कृति के उच्च आदर्शों से समाज को परिचित कराना चाहती है न कि फूहड़पन से । लोकरंग सांस्कृतिक समिति ने अपने मंच पर भोजपुरी के तमाम संवेदनात्मक गीतों को मंच प्रदान किया है। प्रकाशन के क्षेत्र में लोकरंग सांस्कृतिक समिति ने `लोकरंग-1´ पुस्तक के माध्यम से लोकसंस्कृतियों के विविध पक्षों को उकेरने वाले देश के 28 श्रेष्ठ रचनाकारों की रचनाएं प्रकाशित की हैं। लोकरंग सांस्कृतिक समिति गुमनाम लोककलाकारों की खोज कर रही है। विस्तृत जानकारी के लिए देखें www.lokrang.in

जिले[संपादन]

उत्तर प्रदेश में 75 जिले हैं -

  1. 1.0 1.1 "Statistics of Uttar Pradesh"; Census of India 2011; UP Government; 1 मार्च 2011; पहुँचतिथी 31 जुलाई 2012. 
  2. "Centre in a hurry, but Governors won’t quit"; Hindu; The Hindu; पहुँचतिथी 17 जून 2014. 
  3. उद्धरण खराबी:Invalid <ref> tag; no text was provided for refs named 2011lang
  4. Virendra N. Misra, Peter Bellwood (1985); Recent Advances in Indo-Pacific Prehistory: proceedings of the international symposium held at Poona; p. 69; ISBN 90-04-07512-7; पहुँचतिथी 23 July 2012. 
  5. Bridget Allchin, Frank Raymond Allchin (29 July 1982); The Rise of Civilization in India and Pakistan; Cambridge University Press; p. 58; ISBN 0-521-28550-X; पहुँचतिथी 23 July 2012. 
  6. Hasmukhlal Dhirajlal Sankalia; Shantaram Bhalchandra Deo; Madhukar Keshav Dhavalikar (1985); Studies in Indian Archaeology: Professor H.D. Sankalia Felicitation Volume; Popular Prakashan; p. 96; ISBN 978-0-86132-088-2. 
  7. Confidence limits for the age are 85 (±11) and 72 (±8) thousand years ago.
  8. Gibling, Sinha; Sinha, Roy; Roy, Tandon; Tandon, Jain; Jain, M (2008); "Quaternary fluvial and eolian deposits on the Belan river, India: paleoclimatic setting of Paleolithic to Neolithic archeological sites over the past 85,000 years"; Quaternary Science Reviews 27 (3–4): 391; doi:10.1016/j.quascirev.2007.11.001. 
  9. Kenneth A. R. Kennedy (2000); God-apes and Fossil Men; University of Michigan Press; p. 263; ISBN 0-472-11013-6; पहुँचतिथी 23 July 2012. 
  10. Bridget Allchin, Frank Raymond Allchin (1982); The Rise of Civilization in India and Pakistan; Cambridge University Press; p. 119; ISBN 0-521-28550-X; पहुँचतिथी 23 July 2012. 
  11. "Prehistoric human colonization of India" (PDF); पहुँचतिथी 5 April 2012. 
  12. 12.0 12.1 12.2 Sailendra Nath Sen (1 जनवरी 1999); Ancient Indian History And Civilization; New Age International; pp. 105–106; ISBN 978-81-224-1198-0; पहुँचतिथी 1 अक्टूबर 2012. 
  13. William Buck (1 January 2000); Ramayana; Motilal Banarsidass Publ.; ISBN 978-81-208-1720-3; पहुँचतिथी 1 October 2012.