नेपाल

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संघीय लोकतान्त्रिक गणराज्य नेपाल
नेपाल क ध्वज नेपाल क कुल चिन्ह
ध्वज कुल चिन्ह
राष्ट्रवाक्य: जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी  (संस्कृत)
"मां एवं मातृभूमि स्वर्ग से भी महान् होती हैं"
राष्ट्रगान: सयौं थुंगा फूल का
नेपाल की स्थिति
राजधानी
(अउरी सबसे बड़ शहर)
काठमांडू
27°42′ N 85°19′ E
राजभाषा(एँ) नेपाली[१]
सरकार संयुक्त सरकार
 - राष्ट्रपति डा॰ रामबरण यादव
 - प्रधानमंत्री सुशील कोइराला[२]
एकीकरण २१ दिसंबर १७६८ 
 - गणराज्य २८ दिसंबर २००७ 
एरिया
 - कुल १४७,१८१ वर्ग किमी (९३वां)
५६,८२७ वर्ग मील
 - जल(%) २.८
जनसंख्या
 - जुलाई २००७ अनुमान २८,९०१,७९० (४० वां)
 - २००२ जनगणना २३,१५१,४२३
 - जन घनत्व १८४/वर्ग किमी (५६वां)
४७७/वर्ग मील
सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) (पीपीपी) २००६ अनुमान
 - कुल $४८.१८ बिलियन (८७ वां)
 - प्रति व्यक्ति $१,५०० (१६४ वां)
मानव विकास सूचकांक  (२००७) Increase ०.५३४ ({{{HDI_ref}}}) (१४२ वां)
मुद्रा रुपया (एनपीआर)
समय मंडल नेपाली प्राईम टाईम (यूटीसी +५:४५)
 - ग्रीष्म (DST) - (यूटीसी +५:४५)
इंटरनेट टीएलडी .एनपी
दूरभाष कोड +९७७

नेपाल अन्तरिम संविधान के अनुसार आधिकारिक रूप से संघिय लोकतांत्रिक गणतंत्र नेपाल कहल जायेला, इ दक्षिण एशिया में एगो भूपरिवेष्ठित या स्थल रुद्ध हिमालयी राष्ट्र ह। नेपाल भौगोलिक रूप से एगो सुन्दर देश ह। नेपाल एगो बहुभाषिक, बहुसांस्कृतिक देश ह। नेपाल में नेपाली भाषा के आलावा हिंदी, भोजपुरी, मगही, थारु, मैथिली, अवधी आदि भाषा भी बोलल जायेला। नेपाल के भौगोलिक अवस्थिती अक्षांश २६ डिग्री २२ मिनट से ३० डिग्री २७ मिनट उत्तर और ८० डिग्री ४ मिनट से ८८ डिग्री १२ मिनट पूर्वी देशान्तर तक फैलल बा। इ देश के कुल क्षेत्रफल १,४७,१८१ वर्ग किमी बा। इ क्षेत्रफल पृथ्वी के कुल क्षेत्रफल के हिसाब से ०.०३% अउर एशिया महाद्वीप के हिसाब से ०.३% बा । लन्दन स्थित ग्रीनवीच मिनटाइम से पूर्वतर्फ रहला के कारण गौरीशंकर हिमालय नजदिक होके गईल ८६ डिग्री १५ मिनेट पूर्वी देशान्तर के आधार पर नेपाल के प्रमाणिक समय ५ घण्टा ४५ मिनट रखल गईल बा।

नेपाल के पूर्वी सीमा से पश्चिमी सीमा तक नेपाल के कुल लम्बाई ८८५ कि.मि बा अउर उत्तर से दक्षिण के चौड़ाई एक बराबर नइखे। नेपाल के पूर्वी हिस्सा के अपेक्षा पश्चिमी हिस्सा अधिक चौड़ा बा वैसे मध्य भाग तनिक सिकुड़ल बा अर्थात एकर अधिकतम चौड़ाई २४१ किमी आ न्युनतम चौड़ाई १४५ किमी बा। ए प्रकार से नेपाल के औसत चौड़ाई १९३ किमी बा। नेपाल के उत्तर में चीन के स्वशासित क्षेत्र तिब्बत पड़ेला आ दक्षिण, पूरब आ पश्चिम तीन तरफ से भारत पड़ेला। नेपाल के ८५% से अधिक नागरिक हिन्दू धर्म मानेला लोग। इ प्रतिशत भारत के प्रतिशत से अधिक बा, एही से नेपाल विश्व के सबसे अधिक प्रतिशत हिन्दू धर्म माने वालन के देश ह। एगो छोट देश नेपाल के भौगोलिक विविधता बहुत उल्लेखनीय बा। अहिजा तराई के उष्ण फाँट बा त हिमालय के खूब ठंडा क्षेत्र भी अवस्थित बा। संसार के सबसे ऊँच १४ गो शिखर में से आठ गो ऊँच शिखर नेपाल में पड़ेला, जे में संसार के सबसे ऊँच शिखर एवेरेस्ट (जे के नेपाली भाषा में सगरमाथा कहल जायेला) नेपाल आ चीन के सीमा पर स्थित बा। नेपाल के राजधानी आ सब से बड़ शहर काठमांडू ह। काठमांडू, ललितपुरभक्तपुर इ तीन गो शहर कुल काठमांडू घाटी में पड़ेला। नेपाल के अन्य प्रमुख शहरन में बा भरतपुर, बिराटनगर, भैरहवा, वीरगञ्ज, जनकपुर, पोखरा, नेपालगञ्जमहेन्द्रनगर

एगो राजतंत्र के रूप में, इतिहास में इ देश पर शाह राजवंश के द्वारा सब से अधिक समय तक शासन कईल बा - १७६८ (जवना घड़ी पृथ्वी नारायण शाह छोट छोट राज्यन के एकीकृत करे के शुरू कईलन) से लेकर के २००८ तक। नेपाल के कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा एक सदी तक कईल गईल जन युद्ध, लगभग नेपाल के सब बड़हन पार्टी द्वारा कई सप्ताह तक चलल आंदोलन राजा के झुके पर मजबूर कर दिहलस आ 22 नवम्बर 2005 के 12 बिंदु पर सहमति खातिर राजा के तैयार होखे के पड़ल। 28 मई 2008 के नेपाल में प्रथम संबिधान सभा खातिर चुनाव भईल जे में लोग के मत रहल की राजतंत्र के खतम कर के बहुपार्टी प्रणाली के अन्तगर्त संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र के स्थापना होखे।

लगातार नेता कुल के कलह के कारण प्रथम संबिधान सभा के चुनाव के बाद भी संबिधान ना बन पावल आ तारीख खतम हो गईल। 2013 में फेर दूसरा हाली मतदान भईल आ संबिधान बनावे के एगो तारीख दिहल गईल रहल आ उ तारीख के खतम हो गइला के बाद भी अभी नया संबिधान बनावे के मुख्य लक्ष्य अधर में लटकले बा।

नेपाल एगो विकाशसिल देश ह जहाँ बहुत कम आर्थिक आय बा, मानव विकास सूचकांक के 2014 के रिपोर्ट के अनुसार नेपाल के न्यूनतम आय दर नेपाल के 187 गो देश में से नेपाल के 145वां स्थान पर रखत बा। इ देश लगातार गरीबी आ उच्च स्तर के खाना के कमी से लड़ रहल बा। एतना कुछ के बावजूद भी इ देश तनी विकास दर में सुधार लईले बा, अहिजा के सरकार के कहनाम बा की साल 2022 तक देश के कम से कम विकसित राष्ट्र बना लियाई।

इतिहास[संपादन]

हिमालय क्षेत्रमे मानव जाती के बसाई कम से कम ९,००० वर्ष पहिले से शुरू हो गईल रहल इ बात के पुष्टि काठमाण्डौ घाटी में पावल गईल प्राचीन औजार से भईल बा। सम्भवत: तिब्बती-बर्मी मूल के लोग नेपाल में लगभग ३,५०० वर्ष पहिलही से आ चुकल रहल लोग।[३]

ईशा पूर्व २५०० में इन्डो-आर्यन समूह के लोग घाटी में प्रवेश कइले रहल लोग। करीब ईशा पूर्व १००० वर्ष अहिजा छोट छोट राज्य के गठन होखे लागल। सिद्धार्थ गौतम (ईशा पूर्व ५६३–४८३) अइसही एगो वंश, शाक्य वंश के राजकुमार रहले, जे आपन राज-काज त्याग के तपस्वी के जीवन अपना लिहलें, पाछे बुद्ध के नाम से प्रसिद्द हो गइलें। ईशा पूर्व २५० तक, इ क्षेत्र में उत्तर भारत के मौर्य साम्राज्य के प्रभाव पड़ल आ बाद में चौथा शताब्दी में गुप्त साम्राज्य के अधीन इ क्षेत्र भइल रहल। इ क्षेत्र में 5वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध मे लिच्छवीवंश नेपाल मे शासन कइले। ८वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में लिच्छवी शासन के अंत हो गइल आ ८७९ से नेवार युग के उदय घाटी क्षेत्र में भइल। ११वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में दक्षिण भारत से आइल चालुक्य साम्राज्य के प्रभाव नेपाल के दक्षिणी भूभाग में पड़ल। चालुक्यन के प्रभाव में बुद्ध धर्म के बदले हिन्दू धर्म के अधिक प्रसार भईल। नेपाल में हिन्दू धर्म के तरफ लोग अधिक आकर्षित भइलें।

पाटन के हिन्दू मन्दिर, तीन प्राचीन राज्य में से एक के राजधानी
१९२० के समय के नेपाली राजसंस्था

13वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में संस्कृत शब्द मल्ल वंश के उदय होखे लागल। शुरु में वकैनके सत्ता उदयमान भ्इल, बाकीर वकरबादमे २०० वर्षोमे राजाकुल वकैनके शक्ति एकमुष्ठ पारेके काम करे लगले । १४औँ शताव्दिक उत्तरार्धमे देशके जादाजैसन भाग एकिकृत राज्यकी अधीनमे आगैल। वाकीर ए एकीकरण छोट समयतक भर रहल: १४८२मे राजा यक्ष मल्लक समयमे आपन बेटवानके अंशबण्डाकैके काठमाडौं उपत्यकाके तीन राज्य बाँटके देनेका निर्णय कैलेपर नेपाल राज्य तीन टुकडम होगैल - काठमाण्डौ, पाटन, व भादगाँउ – जेकर बीचम शताव्दियौँ तक खिचातानी व दुश्मनी रहलरहे।

१७६५मा, गोरखाके राजा पृथ्वी नारायण शाह मित्रोसे हतियार व सहयोग लेकर छिमेकी भारतीय राज्योकी तटस्थता आपन पक्षमे उपयोग करेके सफल भैलेपर देश एकीकरणका निम्ति एकदाइ आगे बढगैल। बहुत रक्तरंजित लडाँईया पश्वात, वे ३ वर्षपछे उपत्यका को नेपालमे एकीकरण करे सफल होगैले। तथापि उनके काठमाण्डुलक जितेकेखातीर कोनो युद्ध करेके नही पडल। वास्तबमे, उबेला इन्द्रजात्रा पर्वमे उपत्यकाके सब जनताकुल जात्रा मनावलरहले जब पृथ्वी नारायण शाहल आपन सेनासाथ लेके आइले खास कोही मेहनतबिना उपत्यका कब्जा कैल । जात्राको जारी रखले यकरेसे नयाँ नेपालक जनम आधारशिला तय कैल ।

तिब्बत सँग हिमाली मार्गका नियन्त्रणके निम्ति भ्इल विवाद व वकर पश्चातके युद्धमे चीन तिब्बतके सहायताके खातिर आइले पर नेपालके पाछे जाएक परल । नेपालक सीमा नजिकके छोट-छोट राज्यको हड्पले पर सुरू भएल ब्रिटिस इस्ट इण्डिया कम्पनि सँगके दुश्मनीके कारण रक्तरंजित एङ्गलो-नेपाल युद्ध (१८१४–१६) भइल, जेकरमे नेपाल हालकी सीमा रक्षा कैले पर सफल भैल पर महाकाली नदी पश्चिमके आपन क्षेत्र गुमावेके पडल। उ क्षेत्रके पस्चिममे हालके उत्तराखण्ड राज्य व हालके हिमाञ्चल प्रदेशका साथ बहुत पञ्जाबी पहाडी राज्य रहल। आपन स्वाधिनताका खातिर नेपालल ईस्ट इण्डिया कम्पनिसँग सुगौली संधि करके तराईके कुछ भूभाग व एक तिहाइ से जादा भूभाग सहित सिक्किम ,दार्जिलिङ, गुमावेके पडगैल। कांगाडतक पुगल नेपाली व सतलज से टिष्टा तकका बिशाल नेपाल मेची व काली म सिमाङ्कित होगैल, पर तब्बोमे पाछेछी १८६० मे प्रथम राणा प्रधानमन्त्री जंगवाहादुर राणा संग खुसी भइल अंग्रेज नेपालक राप्ती नदी से काली तकका तराइ फर्कादेले ।

राज परिवार बीचके गुटबन्दिका कारण युद्धकेपाछे अस्थायित्व कायम भइल। शन् १८४६मे शासन कइलरहली रानीका सेनानायक जङ्गबहादुर राणाके पदच्युत करल षडयन्त्रका खुलासा भैलेसे कोतपर्व घट् गैल। हतियारधारी सेना व रानीप्रति वफादार भाइ-भारदारविच मारकाट चललेसे देशके सयौँ राजखलक, भारदार, व रजौटावोका हत्या भइल। जङ्गबहादुरके जितलेपर राणा खानदान सुरु कैले र राणा शासन लागु गरे। राजालाई नाममात्रमा सिमित गरियो र प्रधानमन्त्री पदलाई सक्तिशाली र वंशानुगत गरियो। राणाहरू पूर्णनिष्ठाले ब्रिटिसहरूका पक्षमा थिए र ब्रिटिसहरूलाई व १८५७के सिपोई रेबेल्योन (प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम), व पाछे दुनु विश्व युद्धमे अंग्रजका सघायैले रहेले। सन् १९२३मे संयुक्त अधिराज्य व नेपाल विच आधिकारिक रुपमे मित्रताके सम्झौतामे हस्ताक्षर भइल, जकरमा नेपलके स्वतन्त्रताक संयुक्त अधिराज्य स्विकार् कैलस ।

१९४० दशकका उत्तरार्धमे लोकतन्त्र-समर्थित आन्दोलन उदय होवे लगगइल व राजनैतिक पार्टि राणा शासनके बिरुद्धमे उत्रे । उसीताक चीन १९५०मा तिब्बत पर कब्जा कैल जेकर काराण बढ्दो सैनिक गतिविधि टालेके भारतको नेपालके स्थायित्व प्रति चाख बढ गैल, फलस्वरुप राजा त्रिभूवनको भारत समर्थन करके १९५१मा सत्ता दिलाए सहयोग कैलस, व नयाँ सरकार निर्माण भैल, जेकरमे जादा नेपाली कङ्ग्रेस पार्टिके मायैनके सहभगिता रहल । राजा र सरकार विच वर्षौँके शक्ति खिचातानि पश्चात, १९५९मे राजा महेन्द्र लोकतान्त्रिक अभ्यास अन्त्य कैले व "निर्दलिय" पञ्चायत व्यवस्था लागु कर राज्य कैले । सन् १९८९के "जनआन्दोलन" राजतन्त्रक संबैधानिक सुधार कैले र बहुदलिय संसद बनवेके बाध्य बनादेहल[४] र मे १९९मे कृष्णप्रसाद भट्टराई अन्तरिम सरकारके प्रधानमन्त्री बनगैले, नयाँ संविधानको निर्माण भैल व संसदके खातिर लोकतान्त्रिक चुनाव करवाइले। नेपाली कङ्ग्रेस राष्ट्रके दुशर लोकतान्त्रिक चुनावमे बहुमत ल्यायाइलस व गिरिजाप्रसाद कोइराला प्रधानमन्त्री बनगैले ।

भूगोल[संपादन]

मुख्य लेख: नेपालको भूगोल

नेपालको भौगोलिक नक्सा
सुक्खा हिमाली पृष्ठभूमि

नेपाल अन्दाजी चारकोने आकारका बा। नेपालका लम्बाई करिब ८०० किलोमिटर (५०० मा) व चौडाई २०० किलोमिटर (१२५ मा) बा। नेपालका कुल क्षेत्रफल १४७,१८१ वर्ग किलोमिटर (५६,८२७ sq मा)बा। नेपाल भौगोलिक हिसाबसे मुख्यत ३ भागमा विभाजन कैलजाला: हिमाली क्षेत्र, पहाड, व तराइ क्षेत्र। यी तिन क्षेत्र पूर्व-पश्चिम दिशामा देशभरि फैललबाने व यिनीहनके नेपालका प्रमुख नदीया ठाउँ-ठाउँमे विभाजन कैलेबाने। तराइ क्षेत्र व पाहाडी क्षेत्रका बिच दक्षीणमे चुरे तथा उत्तरमे माहाभारत श्रृङखला से घेराइल बिभिन्न सात उपत्यकान समुह बा जेकराके भित्री मधेश कहलजाला ।

भारतसँग जोडाइल तराइ फांट भारतीय-गंगा समथरका उत्तरी भाग ह। इ भागके सिंचाई तथा भरणपोषणमे तीन नदीयका मुख्य हात बा, यी नदीया: कोशी, गण्डकी (भारतमा गण्डक नदी), व कर्णाली नदी। बाटे तराइका भूभाग उष्म व संतृप्त होखला।

पहाडी भूभागमे १,००० से ४,००० मिटरतकके(३,३००–१३,१२५ फू) उचांईके पर्वत परेले। यि क्षेत्रमे महाभारत लेख व सिवालिक श्रृखला (चुरिया) नामक दुई छोटे पहाडी श्रृखला मुख्य श्रृखला बाटे। पहाड क्षेत्रमे काठमाडौं उपत्यका पडला जो नेपालके सबसे उर्वर तथा शहरी क्षेत्र ह। पहाडी क्षेत्रके उपत्यका तुलना पर २,५०० मिटर (८,२०० फिट)से उच्च स्थलमे जनघनत्व बहुत कम बा ।

हिमाली क्षेत्रमे संसारके सबसे उच्च हिमश्रृखला पडला। इस क्षेत्रके उत्तरमे चीनका सिमामे संसारका सर्वोच्च शिखर, सगरमाथा ८,८४८ मिटर (२९,०३५ फि) अवस्थित बा। संसारके ८,००० मिटर से उच्च १४ चोटीम ८ नेपालके हिमाली क्षेत्रमे पडेले। कञ्चनजङ्घा, संसारके तिसरा उच्च शिखर यही हिमाली क्षेत्रमे पडला। नेपालके सब भौगोलिक क्षेत्रके मुख्य समस्यामे वन बिनास एक मुख्य बा जेकरासे भूक्षय व इकोसिस्टमको विनास होवेला।

नेपालमे पाँच मौसमी क्षेत्र बाटे जो उचाँईसंग कुछ मात्रामा मेल खावेला। ट्रपिकल तथा सबट्रपिकल क्षेत्र १,२०० मिटर(३,९४० फि) से तले, टेम्परेट क्षेत्र १,२०० से २,४०० मिटर (३,९००–७,८७५ फि), चिसो क्षेत्र २,४०० से ३,६०० मिटर (७,८७५–११,८०० फि), सबआर्क्टिक क्षेत्र ३,६०० से ४,४०० मिटर (११,८००–१४,४०० फि), व आर्क्टिक क्षेत्र ४,४०० मिटर(१४,४०० फिट)से माथि। नेपालम पाँच ऋतु बाने: उष्म, मनसून, अटम, शिषिर व बसन्त। हिमालय मध्य एसियासे बहेवाला चीसो हावाको नेपाल जावेपर रोकदेवला तथा मनसूनके वायुका उत्तरी परिधिके रुपमे भि काम करला।

नेपाल व बंगलादेशके सिमा नाइजोडाएलबा तब्बोमे यी दुई राष्ट्र २१ किलोमिटर (१३ माइल)कि एक सांघुरो चिकेन्स् नेक कहेवाला क्षेत्रसे अल्गाइलबाने| इस क्षेत्रको स्वतन्त्र-व्यापार क्षेत्र बनावेका प्रयास भइलबा|

संसारके सर्वोच्च शिखर सगरमाथा नेपाल व तिब्बत (चिन)के सिमानामा अवस्थित बा।य हिमालके नेपालमे पडेवाला दक्षिण-पूर्वी रिज(ridge) प्राविधिक रूपमे चढ्ना सहज मानाजाला। जेकर कारण हरेक वर्ष उस स्थानमे धेर पर्यटक भेला होवेले। अन्य चढेजायवाला हिमालमे अन्नपुर्ण (१,२,३,४) अन्नपुर्ण श्रृंखलामा पडला।

प्राकृतिक सम्पदा[संपादन]

नेपाल प्राकृतिक सम्पदाकफ् धनाढ्य देश ह। छोट मुलुक भैले पर तब्बोमे हिमालसे तराइतक मिलत विविधतापूर्ण हावापानीका कारण यहाँ विविधतापूर्ण प्राकृतिक वनस्पति, फूल, लहरा, जनावर, कीटपतंङ्ग, चराचुरूङ्गी तथा झरना, खोला, पहाड, कन्दरा आदि पाइलजाता। नेपाली चरा पंछि की विविधता तो पुरी विश्वमे उत्कृष्ट मानाजाला। यहाँ बडहनमे सारससे छोटमे फिस्टो तकका चराचुरुङ्गी पाइलजाला।

अर्थतन्त्र[संपादन]

मुख्य लेख: नेपालका अर्थतन्त्र

चित्र:Nepal One Rupee obverse.jpg
कुछ साल पहिलाका एक रुपैयाँका नोट

कृषि जनसङ्ख्याका ७६% धानके रखलबा व कुल ग्राह्यस्थ उत्पादनयकर ३९% योगदान कैलेबा वैसेही सेवा ३९% व उद्योग २१% कैलेबा। देशका उत्तरी दुई-तिहाई भागमे रहल पहाडी व हिमाली भूभाग सडक मार्ग व अन्य संरचना निर्माण कैलेमे कठिन व महङ्ग बनइले बा। सन् २००३ तकमे पिच-सडककि कुल लम्बाई ८,५०० किमि से कुछ जादा रहल व दक्षिणमे रहल रेल्वे-लाइनका कुल लम्बाई मात्र ५९ किमि बा। ४८ धावनमार्ग व वकरमे १० ठि पिच भैले से हवाइ मार्ग काफी बढीया बा । यहाँ जादेमेप्रति १२ व्यक्तिके खातीर १ टेलिफोन सुविधा उपल्ब्ध बा; तारजडित सेवा देशभर अपुग बा बाकिर सहरे व जिल्ला सदरमुकामोमे जादा केन्द्रित बा; सेवामे जनताकी पहुँच बढलेसे व सस्ता भैलेसे मोबाइल (वा तार-रहित) सेवाका स्थिति देशभर बढीया बा। सन् २००५ मे १,७५,००० इन्टरनेट जडानह (connections) रहल, बाकीर "सङ्कटकाल" लागू पश्चात कुछ समय सेवा अवरूद्ध भैलरहे । कुछ अन्योल बाद नेपालके दुसरा बृहत जनआन्दोलन राजाका निरङ्कुश अधिकार समाप्त कैल पश्चात सभि इन्टरनेट सेवा बिना रोकटोक सुचारू भइलबाने[५]

नेपालका भूपरिवेष्ठित स्थिति[६] व प्राविधिक बिपन्नता व लमहर द्वन्द अर्थतन्त्रके पूर्णरूपेण विकाशशील होखे नहिदेले बा। नेपाल भारत, जापान, संयुक्त अधिराज्य, अमेरिका, युरोपेली संघ, चीन, स्वीजरल्याण्ड र स्क्यानडेभियन राष्ट्रसे वैदेशिक सहयोग पवेल। आर्थिक बर्ष २००५/०६मा सरकारका बजेट करिब १.१५३ अर्ब अमेरिकी डलर जेतना रहे, बाकीर कुल खर्च १.७८९ अर्ब भइल रहे। १९९० दशक वरका बढ्ल मुद्रा स्फीति दर घटेके २.९% पुगल बा। बर्षौं से नेपाली मुद्रा रूपैयाँको भारतिय रूपैयासँग सटहीदर १.६ मा स्थिर रखागैलबा। १९९० दशकमे खुकुलो बनाइगैल मुद्रा बिनिमय दर निर्धारण नीतिका कारण बिदेशी मुद्राके कालोबजार लगभग समाप्त होगइलबा। एक दिर्घकालिन आर्थिक सम्झौता भारतसँगके राम्रो संबन्धको टेवा देलेबा।

जनता बीचकका सम्पत्ति वितरण अन्य विकसित व विकासोन्मुख देशनके तुलनेमै बा: उपरला १०% गृहस्थीसँग कूल राष्ट्रिय सम्पतिके ३९.१% उपर नियन्त्रण बा वैसेही निम्नतम १०% सँग केबल २.६% मात्र बा।

हिमालयको पुछारमा पाखो खेति

नेपालका १ करोड करिव कार्यबलमा दक्ष कामदारके कमी बा। ८१% कार्यबलको कृषिसे, १६% सेवासे, र ३% उत्पादन/कला-आधारित उद्योगसे रोजगारी मिलल बा। कृषी उत्पादन —— मुख्यतया भारत सीमा नजिकका तराईक्षेत्रमे खेती करल —— हुन्: चामल, मकै, गहूँ, उखु, दुध, व राँगापालन ह। उद्योगमा जुट, उखु, सुर्ति व अन्न लगायतका मुख्यत: कृषी प्रसोधनका कार्य कैलजाला। नेपालका शानदार भूदृश्य व गहन, अदभुत संस्कृतिका फलस्वरुप पर्यटनमा निक्कै संभाव्य बा, बकिर यकर खातिर निर्यातमुलक उद्योगको बिगतका राजनैतिक घटना तनिकयाक खस्कादेले बा। बेरोजगारी व अल्परोजगारीका अनुपात जनसङ्ख्याके कार्यबल-आयुके आधा पुगला। यही खातिर कइ नेपाली कामके खोजिमे भारत जावेले, खाडी राष्ट्र व मलेसिया कामका नया श्रोतहरू भैलबाने। गरिबी चरम बा।[७] भारतिय व ब्रिटिस सैनिकमा कार्यरत गोर्खाली सेना मार्फत नेपाल वार्षिक ५ करोड अमेरिकी डलर आम्दानी करेला। गोर्खाली सेनाको रणकौशल व बहादुरीका खातिर आदर कैलजाला। पर्सियन खाडी व मलेसिया, जहाँ करिब ७ लाख नेपाली श्रमिकहरू कार्यरत बाने, वकैनके पठावलने रकाम समेत कुल रेमिट्यान्सके करिब १ अर्ब डलरको हाराहारीमा बाटे ।

सन २००५ का खातिर नेपालके कुल ग्राह्यस्त उत्पादन (GDP) अनुमान ३९ अर्ब डलरसे जादा (पर्चेजिङ पावर प्यरिटि समायोजित) बा, जेकरासे य के विश्वका ८३औँ बडा अर्थतन्त्र बनाइले बा। प्रति-व्यक्ति आय करिब १,४०२ डलर बा, जकर स्थान १६३औँ बा। नेपालका निर्यात मुख्यत: गलैँचा, पोशाक, छालाका बस्तु, जुट र अन्न करके कूल ८२.२ करोड डलरके बा। आयात मुख्यत: सुन, मेसिनरि तथा कलपुर्जा, पेट्रोलियम पदार्थ व कृषिमल करके जम्मा २ अर्ब डलरका बा। प्रमुख निर्यात करेके राष्ट्र भारत (५३.७%), संयुक्त राज्य अमेरिका (१७.४%), व जर्मनी(७.१%) हुन। नेपालके आयात करैके प्रमुख राष्ट्र भारत (४७.५%), संयुक्त अरब इमिरेट्स (११.२%), चीन (१०.७%), साउदी अरेबिया (४.९%), र सिङ्गापुर (४%).टेम्पलेट:Inoteबा

प्रशासनिक विभाजन[संपादन]

मुख्य लेख: नेपाल के विभाजन

नेपाल के मात्र 5 गो विकास क्षेत्र में विभाजित करल गईल बा।

नेपाल
* विकास क्षेत्र मुख्यालय (राजधानी)
1 पूर्वांचल धनकुटा
2 मध्यांचल काठमांडु
3 पश्चिमांचल पोखरा
4 मध्य पश्चिमांचल वीरेन्द्रनगर
5 सूदूर पश्चिमांचल दिपायल

संस्कृति[संपादन]

नेपाल सांस्कृतिक बिबिधताले भरल देश बा। कोही संस्कृति तिब्बत व कोही भारतसँग मिलतजुलत बाटे। यहाँका भेषभूषा, भाषा तथा पकवान जादा समानतापाइल जाला।

खाना[संपादन]

नेपालके सामान्य खाना दाल, भात, तरकारी, अचार ह। इस प्रकारका खाना एक दाइ बिहान व एक दाइ रातमे कइके दिनके दुई पटक खायाजाला। य खानेके बीचमे चिउरा तथा चियाका सेवन भि कैलजाला। समय-समयमे माछा, मासु, अण्डा आदिका सेवन भि मरलजाला। हिमाली भेगमे गहुँ, मकै , कोदो, आलु आदिका खाना होवेला वैसे तराईमे गहुँका रोटीका प्रचलन जादा बा। कोदोका मादक पदार्थ तोङ्गबा, छ्याङ, रक्सी आदिका सेवन हिमाली भेगमे जादा होला। नेवार समुदाय अपने विशेष किसिमकके नेवारी परिकार सेवन करेले।

शिक्षा[संपादन]

नेपालमे आधुनीक शिक्षाका शुरूवात राणा प्रधानमन्त्री जंग बाहदुर राणाका बेलायत यात्राके पिछे सन् 1982 मा स्थापीत दरबार हाइस्कुल (हाल का रानीपोखरी किनारका भानु मा.बि। )से भइल ह। एकर पहले नेपालमे मात्र कुछ धर्मशास्त्रीय दर्सनमे आधारीत शिक्षा देअलजातरहे । आधुनीक शिक्षाका शुरूवात 1982 मे भैलेपरभि यि आम नेपाली जनताका खातिर सर्वशुलभ नहीरहल । बाकीर देशका बिभिन्न भागमे कुछ बिधालय दरवार हाइस्कुलका शुरूवात साथे खुल्ना शुरूभैल । परन्तु नेपालमे पहिला उच्च शिक्षा केन्द्र काठमान्डौमे रहल त्रिचन्द्र क्याम्पस ह । राणा प्रधानमन्त्री चन्द्र सम्सेर अपनेसाथ राजा त्रिभुवनका नाम जोडके इस क्याम्पसका नाम रखलेरहले। यि क्याम्पसके स्थापना भैलेपर नेपालमे उच्च शिक्षा आर्जन बहुत सहज होखेलागल रहे परन्तु सन 1959 तक भि देश मे यक्को विश्वविधालय स्थापना होवे नाइसकल रहे, राजनितीक परिवर्तन भैलेपर राणा शासन मुक्त देश अन्तत 1959मा त्रिभुवन विश्वविधालयको स्थापना कैलस ।वकरपाछे १९८४मे महेन्द्र संस्कृतका साथ अन्य विश्वविधालय भि खुलते चलगैले। हालहीमे मात्र सरकार ४ नया विश्वविधालय भि खोलेको घोषणा कैले बा। नेपालके शिक्षा का सबसे मुख्य योजनाकार शिक्षामन्त्रालय ह त्यस बाहेक शिक्षा विभाग, ५ क्षेत्रीय शिक्षा निर्देसनालय, ७५ जिल्ला शिक्षा कार्यालय , परिक्षा नियन्त्रण कार्यालय सानोठिमी, उच्चमाध्यामीक शिक्षा परिषद,पाठ्यक्रम बिकास केन्द्र, बिभिन्न विश्वविधालयका परिक्षा नियन्त्रण कार्यलय शिक्षाके बिकास बिश्तार तथा नियन्त्रणके क्षेत्रमे कार्यरत बाने ।

नेपालका विश्वविधालय

त्रिभुवन विश्वविधालय

महेन्द्र संस्कृत विश्वविधालय (हाल नेपाल संस्कृत बनाइलगैलबा )

काठमाडौं विश्वविधालय

पुर्वान्चल विश्वविधालय

पोखरा विश्वविधालय

लुम्वीनी विश्वविधालय

नेपाल कृषी तथा वन विश्वविधालय (निकट भविश्यमे स्थापना कैलजायी)

मध्यपस्चिमाञ्चल विश्वविधालय(निकट भविश्यमे स्थापना कैलजायी)

सुदुरपस्चीमाञ्चल विश्वविधालय

डोटी जिल्लाके दिपायल वा कैलालीमे उपकुलपतीका कर्यालय राखके सुदुरपस्चीमाञ्चल बिकासक्षेत्र भर क्याम्पस बिस्तार करलजायी । यि विश्वविधालय भि क्षेत्रीय विश्वविधालयके अवधारणा अनुरूप खोले लागल ह ।

खुल्ला विश्वविधालय

सरकार खुला विश्वविधालयका विश्वभर सफल अवधारणा नेपालमे भि कार्यान्वयन करेके नेपालमे खुल्ला विश्वविधालय खोलेको घोषणा कैलेबा।

श्वास्थ[संपादन]

नेपालमे धरैपहिलासे आयुर्वेद, प्राकृतीक चिकित्सा पद्धती उपयोगमा रहलरहे बैध व परंपरागत चिकित्सक गाँउघर सहरमे श्वास्थ सेवा चलावलरहले, वकैनके औसधीका श्रोत नेपालके हिमाल से तराइ तक मिलेवाला जडीबुटी रहल करते। आधुनीक चिकित्सा पद्धतीका शुरूवात राणा प्रधानमन्त्री जंगवाहादुर राणाका बेलायत यात्रा बाद दरवारके भितर शुरूहोगैल तब्बोमे नेपालमे आधुनीक चिकित्सा संस्थाके रूपामे राणा प्रधानमन्त्री वीर सम्सेरके कालमे काठामाण्डौमे सन १८८९ मा स्थापित वीर अस्पताल हि पहिला अस्पताल बा वकरबाद चन्द्र समसेर के शासन कालमेमे स्थापीत त्रिचन्द्र सैनीक अस्पताल दुसरा रहे, हाल नेपालका अस्पताल सामन्यतया आयुर्वेद,प्रकृतीक चिकीत्सा तथा आधुनीक चिकीत्सा करके सरकारी सेवा विधमान बा ।

संदर्भ[संपादन]

  1. अंतरिम संविधान के अनुसार नेपाली एकमात्र राजभाषा है (अनुच्छेद ५, पैरा २), नेपाल मे बोली जानेवाली अन्य भाषा नेपाल की राष्ट्रीय भाषायें हैं। (अनुच्छेद ५, पैरा १) [१]
  2. http://en.wikipedia.org/wiki/List_of_Prime_Ministers_of_Nepal
  3. "A Country Study: Nepal". Federal Research Division, Library of Congress. तारीख September 23 के उतारल गइल.  Unknown parameter |accessyear= ignored (help); Check date values in: |accessdate= (help)
  4. "Timeline: Nepal". BBC News.  Unknown parameter |accessyear= ignored (help); Unknown parameter |accessmonthday= ignored (help)
  5. "Nepal". CIA World Factbook.  Unknown parameter |accessyear= ignored (help); Unknown parameter |accessmonthday= ignored (help)
  6. "Nepal: Economy". MSN Encarta. p. 3. तारीख September 23 के उतारल गइल.  Unknown parameter |accessyear= ignored (help); Check date values in: |accessdate= (help)
  7. "Nepal". Factbook on Global Sexual Exploitation. तारीख September 23 के उतारल गइल.  Unknown parameter |accessyear= ignored (help); Check date values in: |accessdate= (help)

समाचार/समाचार ब्लग[संपादन]

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