नेपाल

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संघीय लोकतान्त्रिक गणराज्य नेपाल
नेपाल के निशान
निशान
मोटो: जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी  (संस्कृत)
"महतारी अउरी मातृभूमि स्वर्गो ले महान होखे लीं"
राष्ट्रगान: सयौं थुँगा फूलका (नेपाली)
सैयन फूल के
नेपाल के लोकेशन
राजधानी
आ सभसे बड़ शहर
काठमांडू
ऑफिशियल भाषा नेपाली[1]
निवासी नाँव नेपाली, गोरखालि
सरकार संयुक्त सरकार
बिद्या देवी भंडारी
• प्रधानमंत्री
शेरबहादुर देउवा
एकीकरण 21 दिसंबर 1768
• गणराज्य
28 दिसंबर 2007
• जल (%)
2.8
जनसंख्या
• जुलाई 2007 अनुमान
28,901,790 (40वां)
• 2002 जनगणना
23,151,423
जीडीपी (पीपीपी) 2006 अनुमान
• कुल
$48.18 बिलियन (87वां)
• प्रति ब्यक्ति
$1,500 (164 वां)
गिनी (2003–04) 47.2
high
एचडीआइ (2007) Increase 0.534
Error: Invalid HDI value · 142वां
करेंसी रुपिया (एनपीआर)
टाइम जोन नेपाल समय (यूटीसी+5:45)
• गर्मीं में (डीएसटी)
- (यूटीसी+5:45)
कालिंग कोड 977
इंटरनेट टीएलडी .एनपी

नेपाल संविधान के हिसाब से आधिकारिक रूप से संघिय लोकतांत्रिक गणतंत्र नेपाल कहल जायेला, इ दक्षिण एशिया में एगो भूपरिवेष्ठित या स्थलरुद्ध हिमालयी राष्ट्र ह। नेपाल भूगोलीय रूप से एगो सुन्दर देश ह। नेपाल एगो बहुभाषिक, बहुसांस्कृतिक देश ह। नेपाल में नेपाली भाषा के आलावा हिंदी, भोजपुरी, मगही, थारु, मैथिली, अवधी आदि भाषा भी बोलल जायेला। नेपाल के भूगोलीय अवस्थिती अक्षांश 26 डिग्री 22 मिनट से 30 डिग्री 27 मिनट उत्तर और 80 डिग्री 4 मिनट से 88 डिग्री 12 मिनट पूर्वी देशान्तर तक फैलल बा। इ देश के कुल क्षेत्रफल 1,47,181 वर्ग किमी बा। इ क्षेत्रफल पृथ्वी के कुल क्षेत्रफल के हिसाब से 0.03% अउर एशिया महाद्वीप के हिसाब से 0.3% बा । लन्दन स्थित ग्रीनवीच मिनटाइम से पूर्वतर्फ रहला के कारण गौरीशंकर हिमालय नजदिक होके गईल 86 डिग्री 15 मिनेट पूर्वी देशान्तर के आधार पर नेपाल के प्रमाणिक समय 5 घण्टा 45 मिनट रखल गईल बा।

नेपाल के पूर्वी सीमा से पश्चिमी सीमा तक नेपाल के कुल लंबाई 885 कि.मि बा अउर उत्तर से दक्षिण के चौड़ाई एक बराबर नइखे। नेपाल के पूर्वी हिस्सा के अपेक्षा पश्चिमी हिस्सा अधिक चौड़ा बा वैसे मध्य भाग तनिक सिकुड़ल बा अर्थात एकर अधिकतम चौड़ाई 241 किमी आ न्युनतम चौड़ाई 145 किमी बा। ए प्रकार से नेपाल के औसत चौड़ाई 193 किमी बा। नेपाल के उत्तर में चीन के स्वशासित क्षेत्र तिब्बत पड़ेला आ दक्षिण, पूरब आ पश्चिम तीन तरफ से भारत पड़ेला। नेपाल के 85% से अधिक नागरिक हिन्दू धर्म मानेला लोग। इ प्रतिशत भारत के प्रतिशत से अधिक बा, एही से नेपाल विश्व के सबसे अधिक प्रतिशत हिन्दू धर्म माने वालन के देश ह। एगो छोट देश नेपाल के भूगोलीय विविधता बहुत उल्लेखनीय बा। अहिजा तराई के उष्ण फाँट बा त हिमालय के खूब ठंडा क्षेत्र भी अवस्थित बा। संसार के सबसे ऊँच 14 गो शिखर में से आठ गो ऊँच शिखर नेपाल में पड़ेला, जे में संसार के सबसे ऊँच शिखर एवेरेस्ट (जे के नेपाली भाषा में सगरमाथा कहल जायेला) नेपाल आ चीन के सीमा पर स्थित बा। नेपाल के राजधानी आ सब से बड़ शहर काठमांडू ह। काठमांडू, ललितपुरभक्तपुर इ तीन गो शहर कुल काठमांडू घाटी में पड़ेला। नेपाल के अन्य प्रमुख शहरन में बा भरतपुर, बिराटनगर, भैरहवा, वीरगञ्ज, जनकपुर, पोखरा, नेपालगञ्जमहेन्द्रनगर

एगो राजतंत्र के रूप में, इतिहास में इ देश पर शाह राजवंश सब से अधिक समय तक शासन कइले बा - 1768 (जवना घड़ी पृथ्वीनारायण शाह छोट छोट राज्यन के एकीकृत करे के शुरू कइलन) से लेकर के 2008 तक। नेपाल के कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा एक सदी तक कइल गईल जन युद्ध, लगभग नेपाल के सब बड़हन पार्टी द्वारा कई सप्ताह तक चलल आंदोलन राजा के झुके पर मजबूर कर दिहलस आ 22 नवम्बर 2005 के 12 बिंदु पर सहमति खातिर राजा के तैयार होखे के पड़ल। 28 मई 2008 के नेपाल में प्रथम संबिधान सभा खातिर चुनाव भइल जे में लोग के मत रहल की राजतंत्र के खतम कर के बहुपार्टी प्रणाली के अन्तगर्त संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र के स्थापना होखे।

लगातार नेता कुल के कलह के कारण पहिलका संबिधान सभा के चुनाव के बाद भी संबिधान ना बन पावल आ तारीख खतम हो गईल। 2013 में फेर दूसरा हाली मतदान भइल आ देर सबेर संबिधान बन गइल। 20 सितम्बर 2015 के नयका संविधान बनला के साथ लागू हो गईल।

नेपाल एगो विकाशसिल देश ह जहाँ बहुत कम आर्थिक आय बा, मानव विकास सूचकांक के 2014 के रिपोर्ट के अनुसार नेपाल के न्यूनतम आय दर नेपाल के 187 गो देश में से नेपाल के 145वां स्थान पर रखत बा। इ देश लगातार गरीबी आ उच्च स्तर के खाना के कमी से लड़ रहल बा। एतना कुछ के बावजूद भी इ देश तनी विकास दर में सुधार लईले बा, अहिजा के सरकार के कहनाम बा की साल 2022 तक देश के कम से कम विकसित राष्ट्र बना लियाई।

इतिहास[संपादन]

हिमालय क्षेत्र में मानव जाती के बसाई कम से कम 9,000 वर्ष पहिले से ही शुरू हो गईल रहल इ बात के पुष्टि काठमाण्डौ घाटी में पावल गईल प्राचीन औजार सभ से भइल बा। सम्भवत: तिब्बती-बर्मी मूल के लोग नेपाल में लगभग 3,500 वर्ष पहिले ही से आ चुकल रहल लोग।[2]

ईशा पूर्व 2500 में इन्डो-आर्यन समूह के लोग घाटी में प्रवेश कइले रहल लोग। करीब ईशा पूर्व 1000 वर्ष अहिजा छोट छोट राज्य के गठन होखे लागल। सिद्धार्थ गौतम (ईशा पूर्व 563–483) अइसही एगो वंश, शाक्य वंश के राजकुमार रहले, जे आपन राज-काज त्याग के तपस्वी के जीवन अपना लिहलें, पाछे बुद्ध के नाम से प्रसिद्द हो गइलें। ईशा पूर्व 250 तक, इ क्षेत्र में उत्तर भारत के मौर्य साम्राज्य के प्रभाव पड़ल आ बाद में चौथा शताब्दी में गुप्त साम्राज्य के अधीन इ क्षेत्र भइल रहल। इ क्षेत्र में 5वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध मे लिच्छवीवंश नेपाल मे शासन कइले। 8वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में लिच्छवी शासन के अंत हो गइल आ 879 से नेवार युग के उदय घाटी क्षेत्र में भइल। 11वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में दक्षिण भारत से आइल चालुक्य साम्राज्य के प्रभाव नेपाल के दक्षिणी भूभाग में पड़ल। चालुक्यन के प्रभाव में बुद्ध धर्म के बदले हिन्दू धर्म के अधिक प्रसार भइल। नेपाल में हिन्दू धर्म के तरफ लोग अधिक आकर्षित भइलें।

पाटन के हिन्दू मन्दिर, तीन प्राचीन राज्य में से एक के राजधानी
1920 के समय के नेपाली राजसंस्था

13वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में संस्कृत शब्द मल्ल वंश के उदय होखे लागल। शुरु में वकैन के सत्ता उदयमान भइल, बाकी ओकर बाद में 200 बरिस ले राजा लोग वकैन के शक्ति एकट्ठा करे के काम करे लगले । 14वीं सदी के उत्तरार्ध में देश के लगभग अधिक भाग एकिकृत राज्य के अधीन आ गईल लेकिन ई एकीकरण छोट समय तक भर रहल: 1482 में राजा यक्ष मल्ल के समय में उ आपन राजपाठ आपन बेटा सभ के बाँट दिहले। काठमाण्डु घाटी के तीन भाग में बाँट के तीनो लैकन के दे दिहले। नेपाल राज्य तीन टुकड़ा में बंट गईल - काठमांडु, पाटन, आ भादगाँउ – ई तीनो राज्य के बीच में सदियों तक खिचा-तानी आ दुश्मनी रहल।

1765 में, गोरखा के राजा पृथ्वी नारायण शाह एकीकरण अभियान शुरू कईले। बहुत खून खराबा के बाद 3 साल बाद उ काठमांडू घाटी के आपन राज्य में मिलाये में सफल हो गईले। असल में काठमांडू घाटी के जीते खातिर उनके कउनो युद्ध ना करे के पड़ल। जब उ काठमांडू पर चढ़ाई करे गईले त देखले उ समय इन्द्रयात्रा पर्व मन रहल बा आ राज्य के सारा लोग इन्द्रयात्रा के झांकी में शामिल बा बस उ आपन सेना के साथ सभे के घेर लिहले आ उ राज्य के राजा पृथ्वीनारायण शाह के सामने हथियार डाल दिहले। ई घटना के बाद पृथ्वीनारायण साह आपन राज्य के नाम गोरखा के बदले नेपाल रख लिहले आ आपन राजधानी जवन उ समय गोरखा जिला में रहल के छोड़ काठमांडू के बना लिहले।

तिब्बत के साथे हिमालयी रास्ता के नियन्त्रण खातिर भईल विवाद आ ओकरी बाद भईल लड़ाई में चीन तिब्बत के सहायता खातिर आइल जेसे नेपाल के पाछे हटे के पड़ल। नेपाल के सीमा नजदीक के छोट-छोट राज्य सभ के नेपाल में एकीकरण कइला के चक्कर मे ब्रिटिस इस्ट इण्डिया कम्पनि संगे दुश्मनी शुरू हो गईल नतीजतन अंग्रेज-नेपाल युद्ध (1814–16) भइल, जे में नेपाल के आपन एक तिहाई भू-भाग सुगौली संधि के स्वरूप में अंग्रेजवन के देवे के पड़ गईल। ई संधि से पहिले [[मेची नदी] से ले के पूरब में तिष्टा नदी के बीच के सारा हिस्सा पर नेपाल के नियंत्रण रहल। पश्चिम में महाकाली नदी से पश्चिम सतलुज नदी के बीच के हिस्सा गुमावे के पड़ल। ई हिस्सा में हाल के उत्तराखंड राज्य, हाल के हिमाचल प्रदेश के हिस्सा के साथ कुछ पंजाबी पहाड़ी हिस्सा रहल। सुगौली संधि में नेपाल के कुछ तराई हिस्सा भी गँवावे के पड़ल रहे लेकिन अंग्रेज लोग दु बार में तराई के हिस्सा फिर से नेपाल के वापस कर दिहल लोग।

राज परिवार के बीच गुटबन्दि के चलते युद्ध के बाद अस्थायित्व कायम हो गईल। सन 1846 में शासन पर विराजमान रानी के सेनानायक जङ्गबहादुर राणा के पदच्युत करे के षडयन्त्र के खुलासा भईल। एहि बीच दरबार हत्याकांड हो गइल। हतियारधारी सेना आ रानी के प्रति वफादार भाइ-भतीजा के बीच मारकाट भइला से देश के सैकड़ों राजपरिवार, कुलीनवर्ग आ रजवाड़ा सभ के शासक लोग के हत्या भइल। जंगबहादुर के जितला पर राणा शासन शुरू भईल। राजा के नाममात्र में सिमित कर दिहल गईल आ प्रधानमन्त्री पद के शक्तिशाली बनावल गईल। राणा लोग पूरा निष्ठा के साथ ब्रिटिश लोग के पक्ष में रहले। राणा शासक भारत में राज कर रहल ब्रिटिश के हर तरह से मदद करत रहले। राणा शासन 1857 के सिपाही विद्रोह (प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम) के दबावे में अंग्रेजवन के सैन्य मदद कईले आ पाछे दुनो विश्वयुद्ध में अंग्रेज लोग के सैन्य मदद कईले रहले। सन् 1923 में यूनाइटेड किंगडम आ नेपाल के बीच आधिकारिक रूप में मित्रता के समझौता पर हस्ताक्षर भइल, समझौता के स्वरूप यूनाइटेड किंगडम नेपाल के संप्रभु आ स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में स्वीकार कइलस।

1940 के बाद नेपाल में लोकतन्त्र-समर्थित आन्दोलन के उदय होखे लागल आ राजनैतिक पार्टि राणा शासन के बिरुद्ध आये लगले। एहि दशक में 1947 में भारत आजाद हो गइल आ चीन 1950 में तिब्बत पर कब्जा कऽ लिहलस। एकर चलते नेपाल में सैनिक गतिविधि बढ़े लागल जे के टाले खातिर आजाद भारत नेपाल के स्थायित्व प्रति रुचि लेवे लागल, फलस्वरुप राजा त्रिभूवन के भारत समर्थन करे लागल आ 1951 में सत्ता दिलवाये में मदद कैलस आ राणा शासन के अन्त्य भईल। एकरी बाद से राजा के साथ साथ बहुदलीय राजनीति के शुरुआत भी हो गइल। राजा के नीचे चुनावी प्रक्रिया से सरकार के गठन भईल। राजा आ सरकार के बीच कई बरिस ले शक्ति के खिचातानि के खेल के बाद, 1959 में राजा महेन्द्र लोकतान्त्रिक अभ्यास के अन्त्य कऽ दिहले आ "निर्दलिय" पञ्चायत व्यवस्था लागु कर राज्य कइले। सन् 1989 के "जनआन्दोलन" से राजतन्त्र में संबैधानिक सुधार भइल आ फिर से बहुदलिय संसद बनल।[3] 1999 में कृष्णप्रसाद भट्टराई अन्तरिम सरकार के प्रधानमन्त्री बनले आ नया संविधान के निर्माण भईल।

राजा बीरेन्द्र १९९० में नेपाल के इतिहास में दूसरका प्रजातन्त्रिक बहुदलीय संविधान जारी कईले आ अन्तरिम सरकार के संसद खातिर प्रजातान्त्रिक चुनाव करवइले। नेपाली कांग्रेस राष्ट्र के दूसरका प्रजातन्त्रिक चुनाव में बहुमत प्राप्त कइलस आ गिरिजा प्रसाद कोइराला प्रधानमन्त्री बनले।

एक्कइसवीं सदी के आरम्भ से नेपाल में माओवादियन के आन्दोलन तेज होत गईल। मधेशियन के मुद्दो पर आन्दोलन भईल। अन्त में सन् 2008 में राजा ज्ञानेन्द्र प्रजातांत्रिक चुनाव करवइले जे में माओवादियन के बहुमत मिलल आ प्रचण्ड नेपाल के प्रधानमंत्री बनले आ नेपाली कांग्रेस के नेता रामबरन यादव राष्ट्रपति के पद संभलले।

भूगोल[संपादन]

नेपाल के एगो नक्शा
A topographic map of Nepal.
नेपाल के कोपेन जलवायु वर्गीकरण के नक्शा

नेपाल मोेट तौर पर समलम्बाकार आकार के, 800 किलोमीटर (497 मील) लमहर आ 200 किलोमीटर (124 मील) चौड़ाई में बा, जेकर क्षेत्रफल बा 147,181 किमी2 (56,827 वर्ग मील)। तुलनात्मक आकार देखे खातिर देखीं आकार के हिसाब से भूखंड। ई 26°31°N उत्तरी अक्षांश आ 80°89°E पूरबी देशांतर पर स्थित बा।

नेपाल सामान्य तौर पर तीन भौगोलिक क्षेत्र में बँटल बा: हिमालय, पहाड़ आ तराई। पारिस्थितिक पट्टी पूरब से पछिम ले गईल बा आ उत्तर से दखिन की ओर कई गो नदी सभ बहेला जवन देश के कइयों उपखंड में बँटले बा।

दखिन के सपाट निम्नभूमि या तराई जवन भारतीय सीमा से सटल बा इंडो-गंगा सपाट भूमि के हिस्सा ह। तराई एगो निम्नभूमि क्षेत्र ह जेमें कुछ पहाड़ी श्रृंखला भी पड़ेला। ई क्षेत्र में हिमालय से बह के तीन गो मुख्य नदी सभ: कोशी, नारायणीकर्णाली आवेला जवन इ क्षेत्र के निर्माण कइले रहल। स्थायी हिमरेखा से भी नीचे के कुछ छोट नदी कुल बाड़ी सन जवन इ में सहायता कइली सन। ई क्षेत्र में उपोष्णकटिबंधीय से लेके उष्णकटिबंधीय तक के जलवायु पावल जाला। सब से बाहरी तलहटी वाला पहाड़ी शिवालिक या चुरिया कहाला। एकर ऊंचाई 700 से 1,000 मीटर (2,297 से 3,281 फीट) तक बा, जहां आके गंगा समतलीय भूमि के सीमा खत्म हो जाला, हालांकि चौड़ा निम्न घाटी बाड़ी सन जवन भीतरी तराई कहाला ई क्षेत्र के उत्तर में पड़ेला।

पहाड़ी क्षेत्र शिवालिक के उत्तरी क्षेत्र से शुरू होखेला जवन महाभारत कहाला। सामान्यतः पहाड़ी क्षेत्र पर हिम या बरफ के मौजूदगी ना दिखेला। एकर ऊंचाई 800 से 4,000 मीटर (2,625 से 13,123 फीट) तक बा। अहिजा 1,200 मीटर (3,937 फीट) से 3,600 मीटर (11,811 फीट) तक के जलवायु अल्पाइन होखेला। निम्न हिमालयी श्रृंखला 1,500 से 3,000 मीटर (4,921 से 9,843 फीट) के दखिन के क्षेत्र पहाड़ क्षेत्र के सीमा ह, जँहवा उपोष्णकटिबंधीय नदी घाटी आ पहाड़ ई श्रृंखला के उत्तर में समानांतर बा। घाटी क्षेत्र में जनसंख्या घनत्व अधिक बा लेकिन 2,000 मीटर (6,562 फीट) से कम रहेला आ 2,500 मीटर (8,202 फीट) ऊंचाई पर जनसंख्या बिल्कुले कम रहेला, जहां जाड़ा के दिन में कभी कभार हिम पड़ेला।

हिमाल या हिमालय उ क्षेत्र ह जँहवा सालों भर हिम या बरफ पड़ेला। ई क्षेत्र नेपाल के सबसे दखिन के हिस्सा ह। हिमालय के ऊंचाई दुनिया में सभन से ऊंचा बा जेमे माउंट एवरेस्ट (नेपाली में सगरमाथा) जेकर ऊंचाई 8,848 मीटर (29,029 फीट) भी पड़ेला। ई चीन के सीमा नजदीक बा। दुनिया के सबसे ऊँच चोटी अठ-हजरिया में से सात गो सबसे ऊँच चोटी नेपाल में बा, चीन सीमा से सटले। उ सात चोटी के नाम: ल्होत्से, मकालू, चोयु, कंचनजंघा, धौलागिरी, अन्नपूर्णामनास्लु ह।

हावापानी[संपादन]

नेपाल में 5 गो जलवायु क्षेत्र बा, मोटा तौर पर ई ऊंचाई के हिसाब से बा। उष्णकटिबंधीय आ उपोष्णकटिबंधीय 1,200 मीटर (3,937 फीट) से नीचे रहेला, शीतोष्ण क्षेत्र 1,200 से 2,400 मीटर (3,937 से 7,874 फीट) पर, ठंडा क्षेत्र 2,400 से 3,600 मीटर (7,874 से 11,811 फीट) पर, उपआर्कटिक क्षेत्र 3,600 से 4,400 मीटर (11,811 से 14,436 फीट) पर, आ आर्कटिक क्षेत्र 4,400 मीटर (14,436 फीट) से ऊपर के क्षेत्र ह।

नेपाल में 5 गो मौसम होखेला: गर्मी, बरसात, पतझड़, शरद आ बसंत. शरद ऋतु में मध्य एशिया से आवे आला ठंडा हवा के हिमालय आवे से रोक देला आ मानसून के उत्तरी हवा आवरण के सीमा बनावेला। जँहवा पहिले घना जंगल रहे उ क्षेत्र में अंधाधुंध पेड़ के कटाई से लगभ हर क्षेत्र में मुख्य परेशानी बनल बा, जे से भूक्षय (माटी में कटाव) आ पारितंत्र (इकोसिस्टम) में गिरावट दर्ज हो रहल बा।

नेपाल पर्वतारोहण खातिर प्रसिद्ध बा, जहां दुनिया के सभन से ऊँच आ कठिन चढ़ाई वाला कुछ पर्वत बाड़ी सन, जे में माउंट एवरेस्ट भी एगो ह। तकनीकी तौर पर, दखिन-पूरबी पर्वत (ढलान वाला साइड) नेपाल ओर बा जवन चढ़े में आसान होखेला, एहि से अधिकांश पर्वतारोही लोग एवरेस्ट आरोहण करे खातिर नेपाल ओर कूच करेले जा।

वातावरण[संपादन]

नेपाल में एलेविशन (समुद्र तल से जमीन के ऊंचाई) में असमानता नाटकीय ढंग से अलग अलग पावल जाला एहि से ओहिजा के बायोम (पेड़-पौधा सभ) में भी विविधता देखल जा सकत बा, उष्णकटिबंधीय सवाना भारतीय सीमा के लगे देखल जा सकत बा त, उपोष्णकटिबंधीय चौड़ा पत्ताशंकुधारी जंगल पहाड़ी क्षेत्र पर देखल जा सकत बा, सम शीतोष्ण चौड़ा पत्ता वालाशंकुधारी जंगल हिमालय के ढलानी क्षेत्र पर देखल जा सकत बा त, पर्वतीय घास के मैदान आ श्रबलैंड (झाड़ी प्रधान क्षेत्र), चट्टान आ हिम सबसे उच्च एलेविशन पर देखल जा सकत बा।

निम्न एलिवेशन पर तराई-डुआर सवाना आ घास के मैदान इकोरीजन बा। ई इकोरीजन सभ हिमालयी उपोष्णकटिबंधीय चौड़ा पत्ता वाला जंगल के साथ मोज़ेक (mosaic) बनावेला, जवन 500 से 1,000 मीटर (1,600 से 3,300 फीट) पर होखेला जवन भीतरी तराई घाटी में भी दिखेला। हिमालयी उपोष्णकटिबंधीय देवदार के जंगल 1,000 आ 2,000 मीटर (3,300 आ 6,600 फीट) पर बा।

ई एलिवेशन से ऊपर नेपाल के जैवभूगोल पूरब आ पछिम में गंडकी नदी द्वारा बँटल बा। पूरब के इकोरीजन में अधिक तेजी बा एहि से ई क्षेत्र अधिक प्रजातियुक्त बा। पछिम के इकोरीजन सुक्खा आ कम प्रजातियुक्त क्षेत्र बा।

1,500 से 3,000 मीटर (4,900 से 9,800 फीट) के क्षेत्र पर शीतोष्ण चौड़ा पत्ता वाला जंगल बा: पूरबी आ पछिमी जंगल। 3,000 से 4,000 मीटर (9,800 से 13,100 फीट) पर पूरबी आ पछिमी उपक्षेत्रीय पर्वत पर शंकुधारी पत्ता वाला जंगल बा आ 5,500 मीटर (18,000 फीट) तक पर पूरबी आ पछिमी हिमालयी पर्वतीय झाड़ी आ घास के क्षेत्र बा।

राजनीति[संपादन]

नेपाल के राजनीति में पिछला दु दशक में जबरदस्त बदलाव देखल गईल बा। 1990 तक नेपाल एगो राजतंत्र रहल जेकर कार्यकारी अधिकार पर राजा के नियंत्रण रहल। 1990 में राजा के कम्युनिस्ट सभ के आंदोलन के सामना करे के पड़ल। कम्युनिस्ट सभ के आंदोलन एकाधिपत्य राजतंत्र के खिलाफ रहे। 1990 में राजा बड़ी मात्रा में राजनीतिक सुधार करे खातिर राजी हो गईलन आ संसदीय राजतंत्र के स्थापना भईल। ई में राजा राज्य के प्रमुख आ प्रधानमंत्री के सरकार के प्रमुख बनावल गईल।

अप्रिल 2006 के आंदोलन नेपाल के शासन में बदलाव लाईल: एगो अंतरिम संविधान लावल गईल, जेमे राजा के शक्ति के खत्म कर दिहल गईल आ एगो अंतरिम प्रतिनिधि सभा के गठन भईल जेमे माओवादी सदस्यन के प्रवेश मिल गईल, जब नयकी सरकार माओवादी विद्रोहीयन के साथ शांति वार्ता करे में सफल भईल। अप्रिल 2007 में नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) नेपाल के अंतरिम सरकार में शामिल हो गइल।

दिसम्बर 2007 में अंतरिम संसद द्वारा एगो बिल पास भईल जे से नेपाल संघीय गणराज्य बन गईल, एकरा बाद नेपाल के प्रमुख अब राष्ट्रपति हो गईले। संविधान सभा खातिर चुनाव 10 अप्रिल 2008 के भईल; माओवादी पार्टी चुनाव के नतीजा आवला के बाद मुख्य पार्टी बन के आइल लेकिन बहुमत प्राप्त ना कर पवलस। नया संसद आपन पहिलका मीटिंग में 2007 के बिल भारी बहुमत से अपनवलस, आ राजा ज्ञानेन्द्र के 15 दिन दियाईल सेंट्रल काठमांडू के महल खाली करे खातिर। 11 जून के उ महल खाली कर दिहलन।

संविधान सभा खातिर 10 अप्रिल 2008 के चुनाव भईल आ 601 सदस्य वाला एकसदनीय संसद के स्थापना भईल। 28 मई 2008 से 27 मई 2012 ले संसद चलल, दु साल के अंदर संविधान बनावे के प्रतिज्ञा के साथ शुरू भईल संसद चार साल में भी संविधान तैयार ना कर पवलस अंततः 27 मई 2012 के पहिलका संविधान सभा भंग कर दिहल गईल।

19 नवम्बर 2013 के दुसरका संविधान सभा खातिर फिर से चुनाव करावल गईल। 21 जनवरी 2014 के 593 सदस्य के साथ एकसदनीय दुसरका संविधान सभा सुचारू भईल आ 14 अक्टूबर 2017 के समय सीमा समाप्त होखे से पहिले संविधान बन के तैयार हो गइल। 20 सितम्बर 2015 के संविधान बन के जारी हो गइल आ एहि के साथ नेपाल संघीयता के प्राप्त कर लिहलस।

अर्थतन्त्र[संपादन]

कृषि जनसङ्ख्याका 76% धानके रखलबा व कुल ग्राह्यस्थ उत्पादनयकर 39% योगदान कैलेबा वैसेही सेवा 39% व उद्योग 21% कैलेबा। देशका उत्तरी दुई-तिहाई भागमे रहल पहाडी व हिमाली भूभाग सडक मार्ग व अन्य संरचना निर्माण कैलेमे कठिन व महङ्ग बनइले बा। सन् 2003 तकमे पिच-सडककि कुल लंबाई 8,500 किमि से कुछ जादा रहल व दक्षिणमे रहल रेल्वे-लाइनका कुल लंबाई मात्र 59 किमि बा। 48 धावनमार्ग व वकरमे 10 ठि पिच भैले से हवाइ मार्ग काफी बढीया बा । यहाँ जादेमेप्रति 12 व्यक्तिके खातीर 1 टेलिफोन सुविधा उपल्ब्ध बा; तारजडित सेवा देशभर अपुग बा बाकिर सहरे व जिल्ला सदरमुकामोमे जादा केन्द्रित बा; सेवामे जनताकी पहुँच बढलेसे व सस्ता भैलेसे मोबाइल (वा तार-रहित) सेवाका स्थिति देशभर बढीया बा। सन् 2005 मे 1,75,000 इन्टरनेट जडानह (connections) रहल, बाकीर "सङ्कटकाल" लागू पश्चात कुछ समय सेवा अवरूद्ध भैलरहे । कुछ अन्योल बाद नेपालके दुसरा बृहत जनआन्दोलन राजाका निरङ्कुश अधिकार समाप्त कैल पश्चात सभि इन्टरनेट सेवा बिना रोकटोक सुचारू भइलबाने[4]

नेपालका भूपरिवेष्ठित स्थिति[5] व प्राविधिक बिपन्नता व लमहर द्वन्द अर्थतन्त्रके पूर्णरूपेण विकाशशील होखे नहिदेले बा। नेपाल भारत, जापान, संयुक्त अधिराज्य, अमेरिका, युरोपेली संघ, चीन, स्वीजरल्याण्ड र स्क्यानडेभियन राष्ट्रसे वैदेशिक सहयोग पवेल। आर्थिक बर्ष 2005/06मा सरकारका बजेट करिब 1.153 अर्ब अमेरिकी डलर जेतना रहे, बाकीर कुल खर्च 1.789 अर्ब भइल रहे। 1990 दशक वरका बढ्ल मुद्रा स्फीति दर घटेके 2.9% पुगल बा। बर्षौं से नेपाली मुद्रा रूपैयाँको भारतिय रूपैयासँग सटहीदर 1.6 मा स्थिर रखागैलबा। 1990 दशकमे खुकुलो बनाइगैल मुद्रा बिनिमय दर निर्धारण नीतिका कारण बिदेशी मुद्राके कालोबजार लगभग समाप्त होगइलबा। एक दिर्घकालिन आर्थिक सम्झौता भारतसँगके राम्रो संबन्धको टेवा देलेबा।

जनता बीचकका सम्पत्ति वितरण अन्य विकसित व विकासोन्मुख देशनके तुलनेमै बा: उपरला 10% गृहस्थीसँग कूल राष्ट्रिय सम्पतिके 39.1% उपर नियन्त्रण बा वैसेही निम्नतम 10% सँग केबल 2.6% मात्र बा।

हिमालयको पुछारमा पाखो खेति

नेपालका 1 करोड करिव कार्यबलमा दक्ष कामदारके कमी बा। 81% कार्यबलको कृषिसे, 16% सेवासे, र 3% उत्पादन/कला-आधारित उद्योगसे रोजगारी मिलल बा। कृषी उत्पादन —— मुख्यतया भारत सीमा नजिकका तराईक्षेत्रमे खेती करल —— हुन्: चामल, मकै, गहूँ, उखु, दुध, व राँगापालन ह। उद्योगमा जुट, उखु, सुर्ति व अन्न लगायतका मुख्यत: कृषी प्रसोधनका कार्य कैलजाला। नेपालका शानदार भूदृश्य व गहन, अदभुत संस्कृतिका फलस्वरुप पर्यटनमा निक्कै संभाव्य बा, बकिर यकर खातिर निर्यातमुलक उद्योगको बिगतका राजनैतिक घटना तनिकयाक खस्कादेले बा। बेरोजगारी व अल्परोजगारीका अनुपात जनसङ्ख्याके कार्यबल-आयुके आधा पुगला। यही खातिर कइ नेपाली कामके खोजिमे भारत जावेले, खाडी राष्ट्र व मलेसिया कामका नया श्रोतहरू भैलबाने। गरिबी चरम बा।[6] भारतिय व ब्रिटिस सैनिकमा कार्यरत गोर्खाली सेना मार्फत नेपाल वार्षिक 5 करोड अमेरिकी डलर आम्दानी करेला। गोर्खाली सेनाको रणकौशल व बहादुरीका खातिर आदर कैलजाला। पर्सियन खाडी व मलेसिया, जहाँ करिब 7 लाख नेपाली श्रमिकहरू कार्यरत बाने, वकैनके पठावलने रकाम समेत कुल रेमिट्यान्सके करिब 1 अर्ब डलरको हाराहारीमा बाटे ।

सन 2005 का खातिर नेपालके कुल ग्राह्यस्त उत्पादन (GDP) अनुमान 39 अर्ब डलरसे जादा (पर्चेजिङ पावर प्यरिटि समायोजित) बा, जेकरासे य के विश्वका 83औँ बडा अर्थतन्त्र बनाइले बा। प्रति-व्यक्ति आय करिब 1,402 डलर बा, जकर स्थान 163औँ बा। नेपालका निर्यात मुख्यत: गलैँचा, पोशाक, छालाका बस्तु, जुट र अन्न करके कूल 82.2 करोड डलरके बा। आयात मुख्यत: सुन, मेसिनरि तथा कलपुर्जा, पेट्रोलियम पदार्थ व कृषिमल करके जम्मा 2 अर्ब डलरका बा। प्रमुख निर्यात करेके राष्ट्र भारत (53.7%), संयुक्त राज्य अमेरिका (17.4%), व जर्मनी(7.1%) हुन। नेपालके आयात करैके प्रमुख राष्ट्र भारत (47.5%), संयुक्त अरब इमिरेट्स (11.2%), चीन (10.7%), साउदी अरेबिया (4.9%), र सिङ्गापुर (4%)बा

प्रशासनिक विभाजन[संपादन]

नेपाल के मात्र 5 गो विकास क्षेत्र में विभाजित करल गईल बा।

नेपाल
* विकास क्षेत्र मुख्यालय (राजधानी)
1 पूर्वांचल धनकुटा
2 मध्यांचल काठमांडु
3 पश्चिमांचल पोखरा
4 मध्य पश्चिमांचल वीरेन्द्रनगर
5 सूदूर पश्चिमांचल दिपायल

संस्कृति[संपादन]

नेपाल सांस्कृतिक बिबिधता स भरल देश बा। कोई संस्कृति तिब्बत व कोई भारतसँग मिलतजुलत बाटे। यहाँका भेषभूषा, भाषा तथा पकवान जादा समानतापाइल जाला।

खाना[संपादन]

नेपालके सामान्य खाना दाल, भात, तरकारी, अचार ह। इस प्रकारका खाना एक दाइ बिहान व एक दाइ रातमे कइके दिनके दुई पटक खायाजाला। य खानेके बीचमे चूरा और चायका सेवन भि कैलजाला। समय-समयमे माछा, मासु, अण्डा आदिका सेवन भि करलजाला। हिमाली भेगमे गहुँ, मकै , कोदो, आलु आदिका खाना होवेला वैसे तराईमे गहुँका रोटीका प्रचलन जादा बा। कोदोका मादक पदार्थ तोङ्गबा, छ्याङ, रक्सी आदिका सेवन हिमाली भेगमे जादा होला। नेवार समुदाय अपने विशेष किसिमकके नेवारी परिकार सेवन करेले।

शिक्षा[संपादन]

नेपालमे आधुनीक शिक्षाके शुरूवात राणा प्रधानमन्त्री जंग बहादुर राणाके बेलायत यात्राके बाद सन् 1982 मे स्थापीत दरबार हाइस्कुल (हाल रानीपोखरी किनारके भानु मा.बि। )से भइल ह। एकर पहले नेपालमे मात्र कुछ धर्मशास्त्रीय दर्सनमे आधारीत शिक्षा देअलजातरहे । आधुनीक शिक्षाका शुरूवात 1982 मे भैलेपरभि यि आम नेपाली जनताके खातिर सर्वशुलभ नहीरहल । बाकीर देशका बिभिन्न भागमे कुछ बिधालय दरवार हाइस्कुलका शुरूवात साथे खुल्ना शुरूभैल । परन्तु नेपालमे पहिला उच्च शिक्षा केन्द्र काठमान्डौमे रहल त्रिचन्द्र क्याम्पस ह । राणा प्रधानमन्त्री चन्द्र सम्सेर अपनेसाथ राजा त्रिभुवनका नाम जोडके इस क्याम्पसका नाम रखलेरहले। यि क्याम्पसके स्थापना भैलेपर नेपालमे उच्च शिक्षा आर्जन बहुत सहज होखेलागल रहे परन्तु सन 1959 तक भि देश मे यक्को विश्वविधालय स्थापना होवे नाइसकल रहे, राजनितीक परिवर्तन भैलेपर राणा शासन मुक्त देश अन्तत 1959मा त्रिभुवन विश्वविधालयको स्थापना कैलस ।वकरपाछे 1984मे महेन्द्र संस्कृतका साथ अन्य विश्वविधालय भि खुलते चलगैले। हालहीमे मात्र सरकार 4 नया विश्वविधालय भि खोलेको घोषणा कैले बा। नेपालके शिक्षा का सबसे मुख्य योजनाकार शिक्षामन्त्रालय ह त्यस बाहेक शिक्षा विभाग, 5 क्षेत्रीय शिक्षा निर्देसनालय, 75 जिल्ला शिक्षा कार्यालय , परिक्षा नियन्त्रण कार्यालय सानोठिमी, उच्चमाध्यामीक शिक्षा परिषद,पाठ्यक्रम बिकास केन्द्र, बिभिन्न विश्वविधालयका परिक्षा नियन्त्रण कार्यालय शिक्षाके बिकास बिश्तार तथा नियन्त्रणके क्षेत्रमे कार्यरत बाने ।

नेपालका विश्वविधालय

त्रिभुवन विश्वविधालय

महेन्द्र संस्कृत विश्वविधालय (हाल नेपाल संस्कृत बनाइलगैलबा )

काठमाडौं विश्वविधालय

पुर्वान्चल विश्वविधालय

पोखरा विश्वविधालय

लुम्वीनी विश्वविधालय

नेपाल कृषी तथा वन विश्वविधालय (निकट भविश्यमे स्थापना कैलजायी)

मध्यपस्चिमाञ्चल विश्वविधालय(निकट भविश्यमे स्थापना कैलजायी)

सुदुरपस्चीमाञ्चल विश्वविधालय

डोटी जिल्लाके दिपायल वा कैलालीमे उपकुलपतीका कार्यालय राखके सुदुरपस्चीमाञ्चल बिकासक्षेत्र भर क्याम्पस बिस्तार करलजायी । यि विश्वविधालय भि क्षेत्रीय विश्वविधालयके अवधारणा अनुरूप खोले लागल ह ।

खुल्ला विश्वविधालय

सरकार खुला विश्वविधालयका विश्वभर सफल अवधारणा नेपालमे भि कार्यान्वयन करेके नेपालमे खुल्ला विश्वविधालय खोलेको घोषणा कैलेबा।

श्वास्थ[संपादन]

नेपालमे बहुत पहिलासे आयुर्वेद, प्राकृतीक चिकित्सा पद्धती उपयोगमा रहलरहे बैध व परंपरागत चिकित्सक गाँवघर सहरमे श्वास्थ सेवा चलावल रहले, वकैनके औषधीका श्रोत नेपालके हिमाल से तराइ तक मिलेवाला जडीबुटी रहल करते। आधुनीक चिकित्सा पद्धतीका शुरूवात राणा प्रधानमन्त्री जंगवहादुर राणाका बेलायत यात्रा बाद दरवारके भितर शुरूहोगैल तब्बोमे नेपालमे आधुनीक चिकित्सा संस्थाके रूपामे राणा प्रधानमन्त्री वीर सम्सेरके कालमे काठामाण्डौमे सन 1889 मा स्थापित वीर अस्पताल हि पहिला अस्पताल बा वकरबाद चन्द्र समसेर के शासन कालमेमे स्थापीत त्रिचन्द्र सैनीक अस्पताल दुसरा रहे, हाल नेपालका अस्पताल सामन्यतया आयुर्वेद,प्रकृतीक चिकीत्सा तथा आधुनीक चिकीत्सा करके सरकारी सेवा विधमान बा ।

संदर्भ[संपादन]

  1. अंतरिम संविधान अनुसार नेपाली एकमात्र राजभाषा ह (अनुच्छेद 5, पैरा 2), नेपाल मे बोली जायेवाली दूसर भाषा नेपाल के राष्ट्रीय भाषा सभ बानी सऽ। (अनुच्छेद 5, पैरा 1) नेपाल के अंतरिम संबिधान
  2. "A Country Study: Nepal"; Federal Research Division, Library of Congress; पहुँचतिथी 23 सितंबर 2005. 
  3. "Timeline: Nepal"; BBC News; पहुँचतिथी 29 सितंबर 2005. 
  4. "Nepal"; CIA World Factbook; पहुँचतिथी 23 सितंबर 2005. 
  5. "Nepal: Economy"; MSN Encarta; p. 3; पहुँचतिथी 23 सितंबर 2005. 
  6. "Nepal"; Factbook on Global Sexual Exploitation; पहुँचतिथी 23 सितंबर 2005.