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सिद्धार्थनगर जिला

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सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जिला के उत्तर प्रदेश में लोकेशन
सिद्धार्थनगर जिला के उत्तर प्रदेश में लोकेशन
देशभारत
राज्यउत्तर प्रदेश
मंडलबस्ती मंडल
मुख्यालयनौगढ़, सिद्धार्थनगर
तहसील1. नौगढ़
2. शोहरतगढ़
3. बाँसी
4. इटवा
5. डुमरियागंज
Government
  लोकसभा सीटडुमरियागंज
Area
  कुल2,752 किमी2 (1,063 बर्ग मील)
Population
 (2011)
  कुल2,553,526
  Density930/किमी2 (2,400/बर्ग मील)
जनसंख्या आँकड़ा
  साक्षरता59.2%
  लिंगानुपात976
Vehicle registrationUP-55
भूगोलीय लोकेशन27°0′N 82°45′E / 27.000°N 82.750°E / 27.000; 82.750 - 27°28′N 83°10′E / 27.467°N 83.167°E / 27.467; 83.167
Websiteसरकारी वेबसाइट

सिद्धार्थनगर जिला भारत-नेपाल सीमा पर, उत्तर प्रदेश की बस्ती मंडल में एगो जिला बाटे जौना के मुख्यालय सिद्धार्थनगर (नौगढ़) नांव के कस्बा बा। ई इलाका पहिले बस्ती जिला के हिस्सा रहल आ 29 दिसंबर 1988 के एकरा के अलगा से जिला बनावल गइल। एकर नाँव गौतम बुद्ध के बचपन के नाँव सिद्धार्थ के ऊपर धराइल हवे; अइसन मानल जाला कि एही जिला में पावल गइल पिपरहवा स्तूप के वर्तमान अस्थान (कपिलवस्तु) महात्मा बुद्ध के पिताजी शुद्धोदन के राजधानी रहल। एही इतिहासी महत्व के चलते एह जिला के नाँव सिद्धार्थनगर पड़ल।

जिला के उत्तरी सीमा नेपाल के कपिलवस्तुरुपन्देही जिलन से मिले ले; एकरे पूरुब ओर महाराजगंज, दक्खिनी पूरुब कोना पर गोरखपुर, दक्खिन में संतकबीर नगरबस्ती, दक्खिन पच्छिम में गोंडा आ पच्छिम ओर बलरामपुर बाड़ें।

एह जिला के इतिहास भगवान गौतम बुद्ध से जुड़ल बा। भगवान बुद्ध के पिता शुद्धोधन के राजधानी कपिलवस्तु एहिजे रहल।[नोट 1] एह जनपद के नामकरण गौतम बुद्ध के बचपन के नाम राजकुमार सिद्धार्थ के आधार पर भइल बा। पुरान जमाना में हिमालय के तराई वाला ई इलाका घन बन से ढँकल रहल आ साकेत भा कोसल राज्य के हिस्सा रहे। ईसा से लगभग छठईं सदी पहिले, शाक्य वंश कपिलवस्तु के राजधानी बना के एहिजा एगो मजबूत गणराज्य के स्थापना कइले रहल। बाद में समय के मार से ई इलाका उजड़ गइल।

अंग्रेजी शासन के दौरान एह क्षेत्र में ज़मींदार लोग आपन पकड़ बनवलस। सन 1865 में गोरखपुर से अलग होखे के बाद जब बस्ती जिला बनल, त ई इलाका बस्ती जिला में शामिल हो गइल। बाद में 29 दिसंबर 1988 के राजकुमार सिद्धार्थ के नाम पर बस्ती जिला के उत्तरी हिस्सा अलग क के सिद्धार्थनगर जिला बनावल गइल। उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व अनुभाग-5 के अधिसूचना संख्या 5-4-(4)/76-135-रा0-5(ब), दिनांक 23 दिसंबर 1988 के आधार पर, 29 दिसंबर 1988 से जनपद सिद्धार्थनगर के औपचारिक रूप से सृजन भइल।

प्रशासनिक इकाई

[संपादन करीं]

ई जिला पहिले बस्ती जनपद के हिस्सा रहे। बांसी, नौगढ़ आ डुमरियागंज तहसील के मिला के एह नयका जिला के प्रशासनिक इकाई बनल। जिला बनला के समय ई गोरखपुर कमिश्नरी में रहे, बाकिर 1997 में बस्ती कमिश्नरी बनला के बाद ई बस्ती मंडल में आ गइल। वर्ष 1990 में इटवा आ 1997 में शोहरतगढ़ तहसील बनल। आज के समय में एह जिला में कुल पाँच तहसील, 14 विकास खंड, 1199 ग्राम पंचायत, दो नगर पालिका परिषद, चार नगर पंचायत आ दो सेंसस टाउन मौजूद बाड़ें।

सिद्धार्थनगर जिला उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में भारत–नेपाल सीमा पर स्थित बा। ई जिला हिमालय के तराई क्षेत्र के हिस्सा हवे। तराई इलाका ओह भूभाग के कहल जाला जे शिवालिक पहाड़ी के नीचे आ गंगा के मैदान के ऊपर स्थित होला। एह इलाका में बरखा के पानी, नदियन से लाइल गाद आ नमी जियादा मिले ला, जे एह क्षेत्र के बहुत उपजाऊ बनावेला।

भौगोलिक रूप से ई जिला गंगा के विशाल मैदान (Indo-Gangetic Plain) के हिस्सा हवे। एह मैदान के निर्माण लाखों बरिस में हिमालय से आवे वाली नदियन द्वारा लाइल जलोढ़ मिट्टी (alluvium) से भइल बा। एह कारण इहवाँ के जमीन गहिर, समतल आ खेती खातिर बहुते अनुकूल बा। भूबिज्ञान (जियोलॉजी) के हिसाब से एह इलाका नवजलोढ़ (new alluvium) आ पुरान जलोढ़ (old alluvium) के जमाव से बनल बा।

उच्चावच (Relief) के मामला में सिद्धार्थनगर एगो कम ऊँच-नीच वाला इलाका हवे। जमीन लगभग समतल बा, कहीं-कहीं हल्का उतार-चढ़ाव देखे के मिलेला। पहाड़ या पठार जइसन कवनों भूआकृतिक रूप एह जिला में ना पावल जाला।

एह जिला में छोट-छोट कई गो नदी आ नाला बहेला। मुख्य नदी पश्चिमी राप्ती हवे। एह अलावा बाणगंगा, कुआनो, बूढ़ी राप्ती, अमवा नाला, तेलार नदी जइसन कई छोट नदी-नाला पावल जालें। बरसात के मौसम में एह नदियन में पानी बहुत बढ़ जाला, जवना से जिला के कई इलाका में बाढ़ के स्थिति बन जाला। एह कारण बरखा में खेत-खरिहान आ गाँवन में पानी भर जाला, हालाँकि ई बाढ़ जमीन में उपजाऊ गाद भी छोड़ जाला।

जलवायु तराई वाला उष्ण-आर्द्र प्रकार के बा। गरमी में तापमान बढ़ जाला, बरखा में भारी वर्षा होला, आ जाड़ा में मौसम ठंडा आ कोहरा वाला हो जाला।

माटी (Soil) के हिसाब से एह जिला में मुख्य रूप से जलोढ़ मिट्टी पावल जाला। कहीं-कहीं दोमट आ चिकनी दोमट मिट्टी भी मिलेला। ई माटी धान, गेहूँ, गन्ना, दलहन-तिलहन खातिर बहुते उपजाऊ बा। खास करके कालानमक चावल एह जिला के पहचान हवे।

बनस्पति (Vegetation) के मामला में, पहिले एह इलाका घना जंगल से ढँकल रहल, बाकिर अब ज्यादातर जमीन खेती में बदल गइल बा। फिरो कहीं-कहीं झाड़ीदार वनस्पति, पेड़-पौधा जइसे पीपल, बरगद, नीम, शीशम, यूकेलिप्टस देखे के मिलेला। तराई इलाका होखे के कारण घास आ नमी पसंद करे वाला बनस्पति जियादा पावल जाला।

कुल मिला के सिद्धार्थनगर जिला तराई क्षेत्र के उपजाऊ, नदी-बहुल, बाढ़-प्रभावित आ समतल भूभाग वाला जिला हवे, जे खेती-प्रधान आ प्राकृतिक संसाधन से भरपूर बा।

2011 के जनगणना अनुसार[1] सिद्धार्थनगर जिला के कुल जनसंख्या 25,59,297 रहल। एहमें से लगभग 93.7 प्रतिशत आबादी ग्रामीण इलाका में रहेली, जबकि सिरिफ 6.3 प्रतिशत लोग शहरी क्षेत्र में बसल रहल। एहसे साफ हो जाला कि सिद्धार्थनगर मूल रूप से एगो ग्रामीण प्रधान जिला हवे। जनसंख्या घनत्व 884 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर रहल, जवन उत्तर प्रदेश के औसत से जियादा बा। ई बतावेला कि जमीन पर जनसंख्या के दबाव अधिक बा, खास कर के खेती वाला ग्रामीण इलाका में

लिंगानुपात (Sex Ratio) जिला के एगो सकारात्मक पक्ष हवे। 2011 में प्रति 1000 पुरुष पर 976 महिला रहलें, जवन राज्य औसत से बेहतर बा। ग्रामीण इलाका में ई अनुपात अउरी बढ़ के 979 रहल, जबकि शहरी इलाका में 937 दर्ज भइल।[1] हालाँकि बाल लिंगानुपात (0–6 आयु वर्ग) घट के 935 रहल, जे भविष्य में सामाजिक चिंता के विषय बन सकेला।

0–6 साल के बाल आबादी कुल जनसंख्या के करीब 19 प्रतिशत रहल, जवन ऊँच जनसंख्या वृद्धि दर के संकेत देला। 2001–2011 के दशक में जिला के दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर 25.5 प्रतिशत रहल, जे राज्य औसत से जियादा बा।[1]

साक्षरता के मामला में सिद्धार्थनगर जिला अपेक्षाकृत पीछे रहल। कुल साक्षरता दर 59.2 प्रतिशत रहल। पुरुष साक्षरता 70.9 प्रतिशत, जबकि महिला साक्षरता 47.4 प्रतिशत दर्ज भइल।[1] ग्रामीण आ महिला साक्षरता में खास अंतर देखे के मिलेला, जवन सामाजिक विकास के चुनौती के ओर इशारा करेलाl

अनुसूचित जाति (SC) के जनसंख्या कुल आबादी के करीब 16 प्रतिशत रहल, जबकि अनुसूचित जनजाति (ST) के आबादी बहुत कम, लगभग 0.5 प्रतिशत रहल।[1] एहसे जिला के सामाजिक संरचना में दलित आबादी के महत्त्व साफ देखाई देला। कामकाजी आबादी के देखें त कुल जनसंख्या के करीब 34 प्रतिशत लोग कामगार रहल, जबकि 66 प्रतिशत गैर-कामगार रहलें। काम करे वाला लोग में सबसे जियादा हिस्सा कृषि मजदूर (लगभग 45 प्रतिशत) आ कृषक (करीब 34 प्रतिशत) रहल।[1] एहसे साफ हो जाला कि जिला के आर्थिक जीवन खेती आ खेतिहर मजदूरी पर टिकल बा। महिला कामगार के बड़ा हिस्सा कृषि मजदूरी में देखे के मिलेला, जवन ग्रामीण गरीबी आ आजीविका के दबाव के दर्शावेला। कुल मिलाके, सिद्धार्थनगर जिला के जनसांख्यिकी चित्र उच्च जनसंख्या वृद्धि, ग्रामीण प्रभुत्व, बेहतर लिंगानुपात लेकिन कम साक्षरता आ कृषि-आधारित कार्य संरचना वाला बा। ई विशेषता जिला के सामाजिक–आर्थिक विकास के दिशा आ चुनौती—दूनो के साफ रूप से सामने लावेली।

  1. हालाँकि, नेपाल के दावा ई हवे कि असली कपिलवस्तु नेपाल के तिलौराकोट के लगे बाटे; एही के चलते नेपाल में कपिलवस्तु जिला आ कपिलवस्तु नगरपालिका के मुख्यायल के नाँव रखल गइल हवे।
  1. 1 2 3 4 5 6 "India - Census of India 2011 - Uttar Pradesh - Series 10 - Part XII B - District Census Handbook, Siddharthnagar". censusindia.gov.in. Retrieved 18 December 2025.