झारखंड

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झारखंड
भारत के राज्य
भरपूर खनिज संसाधन वाला ई राज्य संसाधन अभिशाप से ग्रस्त राज्य मानल जाला
भरपूर खनिज संसाधन वाला ई राज्य संसाधन अभिशाप से ग्रस्त राज्य मानल जाला
भारत में लोकेशन
भारत में लोकेशन
झारखंड के नक्शा
झारखंड के नक्शा
निर्देशांक (राँची): 23°21′N 85°20′E / 23.35°N 85.33°E / 23.35; 85.33निर्देशांक: 23°21′N 85°20′E / 23.35°N 85.33°E / 23.35; 85.33
देस भारत
क्षेत्र पुरबी भारत
निर्माण 15 नवंबर 2000
राजधानी राँची
बड़ शहर जमशेदपुर
जिला 24
रकबा
 • कुल 79,714 किमी2 (30,778 बर्गमील)
रकबा रैंक 16वाँ
जनसंख्या (2011)[1]
 • कुल 32,988,134
 • रैंक 14वाँ
 • जनघनत्व 414/किमी2 (1,070/बर्गमील)
टाइम जोन IST (यूटीसी+05:30)
वेबसाइट www.jharkhand.gov.in
Formed by the Bihar Reorganisation Act, 2000

झारखंड भारत के 28 राज्यन में से एगो राज्य ह आ एकर राजधानी राँची में बा। ई इलाका पहिले बिहार राज्य के हिस्सा रहल आ 15 नवंबर 2000 में एकरा के अलग राज्य के दर्जा दिहल गइल। पठारी आ पहाड़ी इलाका आ बन संपदा से भरपूर ई क्षेत्र खास तौर से अपना खनिज संसाधन सभ खाती जानल जाला आ एही कारन इहाँ कई गो खनिज आधारित उद्योग भी बाड़ें; एकरा बावजूद बिकास के मामिला में ई राज्य पिछड़ल बाटे।

झारखंड राज्य के कुल रकबा 79,714 वर्ग किलोमीटर बाटे आ ई भारत के पूरबी हिस्सा में पड़े वाला राज्य हवे। एकरे उत्तर में बिहार, पूरुब ओर पच्छिम बंगाल, दक्खिन में उड़ीसा राज्य आ पच्छिम ओर छत्तीसगढ़ आ कुछ सीमा उत्तर प्रदेश के साथे लागे ला। भारत के भौतिक बिभाजन अनुसार ई इलाका पूरबी पठार के हवे जेह में कैमूर श्रेणी से ले के छोटा नागपुर के पठार के इलाका आवे ला। उत्तर के हिस्सा के नदी सभ गंगा थाला के नदी बाड़ीं स आ दक्खिन से उत्तर के ओर बहे लीं जबकि दक्खिनी हिस्सा के अपवाह पूरुब ओर के बा। जलवायु मानसूनी हवे, साल में चार महीना बरखा के होला जे जून से सितंबर ले होला। माटी बहुत उपजाऊँ ना हवे बाकी बनस्पति के मामिला में धनी राज्य हवे।

झारखंड के कुल जनसंख्या, साल 2011 के जनगणना अनुसार, 32,988,134 रहल।[1] इहाँ के काफी सारा लोग आदिवासी समुदाय से हवे आ उद्योग के चलते बाहरी जगह के लोग भी इहाँ के शहर सभ में भारी संख्या में मिले लें। राजधानी राँची, धनबाद आ जमशेदपुर एह राज्य के प्रमुख शहर हवें।

इतिहास[संपादन]

झारखंड के इतिहास पत्थर जुग से सुरू होला। एह काल में इहाँ के लोग नुकीला पाथर आ हाथ से चलावे वाली पाथर के कुल्हाड़ी के इस्तेमाल करे जिनहन के सबूत दामोदर घाटी से मिलल बा आ हजारीबाग के बाँदा इलाका अउरी पूरबी सिंहभूमि के बारधा, बारबिल, हिरजिहाती इत्यादि जगह सभ से मिलल बाटे। पत्थर जुग के सभसे अंतिम हिस्सा जेकरा के नवपत्थर काल (नियोलिथिक) कहल जाला, छिन्नी, आरी, चाकू इत्यादि खाती जानल जाला। धियान देवे वाली बात ई बा कि भारत में कुल 12 किसिम के कुल्हाड़ी पावल गइल बा, आ एह में से बारहो किसिम के कुल्हाड़ी झारखंड के छोटानागपुर पठार से मिले लीं।

पाथर जुग के बाद तामा आ काँसा के जुग के संक्रमण काल आइल। एह जमाना के चीज भी झारखंड में मिले ला। मानल जाला कि असुर, बिरजिया आ बिरहोर जनजाति के लोग के पूर्वज तामा गला के ओह से हथियार औजार बनावे के कला जानत रहल। काँसा के एगो प्याला लोहरदग्गा से मिलल बा।

ऋग्वैदिक काल में जवन बड़हन इलाका कीकट प्रदेश कहाय ऊ अथर्ववेद के काल तक कई हिस्सा में बँट गइल आ मगध, पौंड्र, अंग इत्यादि एकर हिस्सा बन गइलेन। वर्तमान झारखंड के इलाका मुख्य रूप से पौंड्र आ अंग (पच्छिमी) वाला इलाका रहल।

ब्रिटिश काल में[संपादन]

झारखंड में ब्रिटिश परभाव के सुरुआत 1765 के बाद भइल, इलाहाबाद के संधि के बाद मुगल बादशाह शाह आलम द्वारा बिहार, बंगाल आ उड़ीसा के दीवानी ईस्ट इंडिया कंपनी के सउँप दिहल गइल। एकरे चलते ओह समय के छोट-छोट राज्य सभ जे एह इलाका में रहलें, कंपनी के परभाव में आ गइलें। कंपनी के योजना बंगाल से बनारस ले छोटा नागपुर हो के नया ब्यापारिक रास्ता सुरू कइल चाहत रहल आ एह इलाका में ढालभूम, पोरहाट आ कोल्हान नियर राज्य रहलें। कंपनी के प्रवेश एह इलाका में सिंहभूम से सुरू भइल, 1766 में कंपनी तय कइलस कि अगर सिंहभूम के राजा लोग कंपनी के अधीन हो जायँ आ टैक्स देवें तब उनहन लोग के खिलाफ सैनिक कार्रवाई ना कइल जाई। सिंहभूम के राजा लोग माने से इनकार क दिहल आ 1767 में फर्ग्युसन के अगुआई में ब्रिटिश सेना एह इलाका पर हमला कइलस।

बिहार (जेह में ओह समय इहो इलाका आवे) के बिद्रोही जमींदार सभ खाती छोटा नागपुर पठार के इलाका शरण के जगह के रूप में, जब इनहन लोग से टैक्स वसूली करे के होखे लोग भाग के जंगल में छिप जाय। एकरे अलावा तत्कालीन बिहार के पच्छिमी सीमा के मराठा राजा लोग से भी खतरा रहल। एह सभ से निपटे खाती कंपनी पलामू के किला पर आपन अधिकार कइलस आ एह इलाका में कंपनी के शासन के मजबूती मिलल।

सभके बावजूद, एह इलाका के भूगोल आ जनजाति लोग के आबादी के संस्कृति पूरा तरीका से कब्बो कंपनी शासन के अधीनता ना स्वीकार कइलेन आ जमींदारन आ कंपनी के खिलाफ कई गो बिद्रोह आ आंदोलन भइलें। एह बिद्रोह सभ में चुआर बिद्रोह, तिलका माँझी आंदोलन, पहड़िया बिद्रोह, मुंडा बिद्रोह प्रमुख रहलें। तिलका माँझी के 1785 में भागलपुर में फाँसी दिहल गइल।

1857 के बिद्रोह के परभाव भी पलामू, सिंहभूम आ संथाल परगना में पड़ल। 1858 में कंपनी शासन के अंत के बाद ब्रिटिश राज के दौरान भी कई गो बिद्रोह भइल जेह में बिरसा मुंडा बिद्रोह, आ टाना भगत आंदोलन के प्रमुख गिनावल जा सके ला।

आजादी के बाद[संपादन]

अलगा राज्य के रूप में[संपादन]

प्रशासनिक बिभाजन[संपादन]

जब झारखंड राज्य बनल तब एह में बिहार से अलगा भइल 18 जिला रहलें। कुछ जिला सभ के सीमा में बदलाव कइल गइल आ नाया 6 गो जिला बनावल गइलें। एह नया जिला सभ के नाँव बा लातेहार, सरायकेला खरसाँवा, जामताड़ा, साहेबगंज, खूँटी आ रामगढ़। वर्तमान समय में झारखंड में कुल 5 गो प्रमंडल (डिवीजन) आ 24 गो जिला बाड़ें। झारखंड के जिला सभ के बारे में एगो रोचक बात ई बा कि एकरे दू गो जिला लोहरदग्गा आ खूँटी के अलावा बाकी सगरी जिला अगल-बगल के राज्य सभ के साथ सीमा बनावे लें।[2]

प्रमंडल आ जिला[संपादन]

ऊपर दिहल गइल प्रशासनिक बिभाजन में, प्रमंडल के जिम्मेदार अधिकारी के आयुक्त (कमिश्नर) कहल जाला जे लोग अपना जिला सभ के अधीकारी सभ के बीचा में कोओर्डिनेशन के काम करे ला, हालाँकि, रोज-रोज के कामकाज में इनहन लोग के कौनों हस्तक्षेप ना रहे ला। जिला स्तर पर उपआयुक्त लोग होला, इहे उपआयुक्त लोग जब रेवेन्यू के काम करे ला तब कलेक्टर कहाला आ कानून-बेवस्था के काम देखे ला तब जिला मजिस्ट्रेट कहाला। आम जनता सीधे एह लोग के डीएम के रूप में जाने ले।

जिला के नीचे के प्रशासनिक खंड अनुमंडल होलें। झारखंड में वर्तमान (2018) में कुल 37 गो अनुमंडल बाड़ें। अनुमंडल के अलावा पुलिस के कामकाज खाती सर्किल आ बिकास के काम खाती प्रखंड (ब्लॉक) में बिभाजन कइल गइल बा। स्थानीय स्वशासन के इकाई ग्राम पंचायत होखे लीं। आमतौर पर लगभग 5000 जनसंख्या पर एगो ग्राम पंचायत के गठन कइल गइल बा।


संदर्भ[संपादन]

  1. 1.0 1.1 "Jharkhand Profile 2011 Census" (PDF). Registrar General & Census Commissioner, India. पहुँचतिथी 13 फरवरी 2017.
  2. "Districts of Jharkhand". www.jharkhand.gov.in. Government of Jharkhan. पहुँचतिथी 4 February 2017.

बाहरी कड़ी[संपादन]

सरकार

सामान्य जानकारी