सिक्किम

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Sikkim
Nepali: सिक्किम
Sikkimese: སུ་ཁྱིམ་
State
Official seal of Sikkim
Seal
Location of Sikkim (marked in red) in भारत
Location of Sikkim (marked in red) in भारत
Map of Sikkim
Map of Sikkim
Coordinates (Gangtok): 27°20′N 88°37′E / 27.33°N 88.62°E / 27.33; 88.62निर्देशांक: 27°20′N 88°37′E / 27.33°N 88.62°E / 27.33; 88.62
Country  India
Admission to Union 16 मई 1975
Capital Gangtok
Largest city Gangtok
Districts 4
सरकार
 • Governor Shriniwas Dadasaheb Patil
 • Chief Minister Pawan Chamling (SDF)
 • Legislature Unicameral (32 seats)
 • Parliamentary constituency Rajya Sabha 1
Lok Sabha 1
 • High Court Sikkim High Court
रकबा
 • कुल 7,096 km2 (2,740 sq mi)
रकबा रैंक 27th
जनसंख्या (2011)[1]
 • कुल 607,688
 • रैंक 28th
 • जनघनत्व 86/km2 (220/sq mi)
टाइम जोन IST (यूटीसी+05:30)
आइएसओ 3166 कोड IN-SK
HDI Increase 0.684 (medium)
HDI rank 7th (2005)
Literacy 82.2% (13th)
Official languages Nepali (lingua franca)
English
Sikkimese, and Lepcha (since 1977)
Limbu (since 1981)
Newari, Gurung, Magar, Sherpa, and Tamang (since 1995)
Sunwar (since 1996)
वेबसाइट sikkim.gov.in
Assembly of Sikkim abolished monarchy and resolved to be a constituent unit of India. A referendum was held on these issues and majority of the voters voted yes. On मई 15, 1975 the President of India ratified a constitutional amendment that made Sikkim the 22nd state of India.

सिक्किम भारत के 29 राज्य में से एगो ह। ई के राजधानी गांतोक बा। सिक्किम के जनसंख्या भारत के राज्य में से सब्से कम बा तथा क्षेत्रफल गोआ के पश्चात से भि कम ह।सिक्किम नामग्याल राजतन्त्र द्वारा बनल एगो स्वतन्त्र राज्य रहल, परन्तु प्रशासनिक समस्यायों के चलते तथा भारत से विलय के जनमत के कारण 1975 में एगो जनमत-संग्रह के कारन भारत में डालल् गइल ओहि के करन संग्रह के पश्चात राजतन्त्र के बाद औरि भारतीय संविधान के नियम-प्रणाली के दांचा में प्रजातन्त्र भइल। अंगूठे के आकार जैसन ई राज्य पश्चिम में नेपाल,परेला उत्तर तथा पूर्व से चीन तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र तथा दक्षिण-पूर्व से भूटान से जुरल बा। भारत के पश्चिम बंगाल राज्य से दक्षिण में बा।सिक्किम मे अंगरेजी,नेपाली, लेप्चा, भूटिया, लिंबू औरि हिंदी जैसन भाषा के पर्योग होला परन्तु लिखे खातिर अंगरेजी औरि नेपालि ही उपयोग जादा।होला हिन्दू तथा बज्रयान बौद्ध धर्म सिक्किम के प्रमुख धर्म बा।लेकिन यहा औरि जाति के लोग भि रहेला जैसे कि मुस्लिम,हिन्दु,लेपचा,राइ,गुरुन्ग आदि। कहल जाला कि बौद्ध संत गुरु रिम्पोचे 9 वीं सदी के सिक्किम के,बौद्ध धर्म और राजशाही के पूर्वाभास युग शुरू करले. ओहि के अनुसार्, नामग्याल राजवंश 1642 में स्थापित करल गइल . अगले 150 वर्ष से ई राज्य नेपाली आक्रमणकारियों के खातिर लगातार छापा मारल गइल और प्रादेशिक नुकसान भैइल। अपने छोटे आकार के बावजूद भि सिक्किम भूगोलीय दृष्टि से काफ़ी विभिन्न बा। कंचनजंगा जो कि दुनिया के तीसरा सबसे ऊंचा चोटी बा,उ सिक्किम के उत्तरी पश्चिमी भाग में नेपाल की सीमा पर परेला और ई पर्वत चोटी के प्रदेश के कई भागो से आसानी से ही देखाइ देला। सिक्किम के विशेषता जेमे एकर साफ सुथरा ,प्राकृतिक सुंदरता एवं राजनीतिक स्थिरता शामिल बा

नाम के मूल[संपादन]

सिक्किम शब्द के लिम्बू भाषा के शब्द के अनुसार("नवीन") तथा ख्यिम(अर्थात "महल" अथवा "घर" - जो कि प्रदेश के पहिल्का राजा फुन्त्सोक नामग्याल के द्वारा बनाईल गयिल महल के संकेतक बा। तिब्बती भाषा में सिक्किम के दॅञ्जॉङ्ग, अर्थात "चावल की घाटी" कहल जाला।

इतिहास[संपादन]

बौद्ध भिक्षु गुरु रिन्पोचे (पद्मसंभव) के 8 वीं सदी में सिक्किम दौरा ईहा से सम्बन्धित सबसे पुरान विवरण हवे। अभिलेखित बावे कि उहाके बौद्ध धर्म के प्रचार कैनिह, सिक्किम के आशिवाद देहनिह। औरि कुछ सदियों के बाद आवे वाला राज्य के भविष्यवाणी कअरले रहलन। मान्यता के अनुसार 14 वीं सदी में ख्ये बुम्सा, पूर्वी तिब्बत में खाम के मिन्यक महल के एगो राजकुमार के एक रात दैवीय दृष्टि के अनुसार दक्षिण की ओर जाय के आदेश मिलल। उनकर ए ही वंशजन् सिक्किम में राजतन्त्र के स्थापना कर्लस। 1642 इस्वी में ख्ये के पाँचवें वंशज फुन्त्सोंग नामग्याल के तीन बौद्ध भिक्षु, जउन उत्तर, पूर्व तथा दक्षिण से आइल रहला । द्वारा युक्सोम में सिक्किम के प्रथम चोग्याल(राजा) घोषित कइल्य गइल्। इ प्रकार सिक्किम में राजतन्त्र के शुरूआत भइल। फुन्त्सोंग नामग्याल के पुत्र, तेन्सुंग नामग्याल उनकरा बाद 1670 में कार्य-भार संभालन। तेन्सुंग राजधानी के युक्सोम से रबदेन्त्से स्थानान्तरित कर दिहलन। सन 1700 में भूटान में चोग्याल के अर्बहन, जिसे राज-गद्दी से वंचित कर दिया गया था, द्वारा सिक्किम पर आक्रमण हुआ। तिब्बतियों की सहयता से चोग्याल को राज-गद्दी पुनः सौंप दी गयी। 1717 तथा 1733 के बीच सिक्किम के नेपाल औरि भूटान के अनेक आक्रमणों के सामना करेके पड़ल जेकारा कारण रबदेन्त्से के अन्तत:पतन हो गइल।

1791 में चीन ने सिक्किम के मदद के लागि औरी तिब्बत के गोरखा से बचावे के खातिर अपन सभि सेना भेज देले रहस। नेपाल हारे के पश्चात,सिक्किम के राजा वंश के भाग बन गइल। पड़ोसी देश भारत में ब्रतानी राज आवे के बाद सिक्किम अपन प्रमुख दुश्मन नेपाल के विरुद्ध हाथ मिला लेह्लस्।बाद मे नेपाल सिक्किम पर आक्रमण करदेहलस एवं तराई के साथ काफी सारे क्षेत्रों पर कब्जा करलेहलस। एक्रे वज़ह से ईस्ट इंडिया कम्पनी नेपाल पर चढ़ाई कर देह्लस जेकर परिणाम 1814 के गोरखा युद्ध रहल। सिक्किम और नेपाल के बीच एगो सुगौली संधि तथा सिक्किम औरि ब्रतानवी भारत के बीच भइल तितालिया संधि के द्वारा नेपाल द्वारा अधिकृत सिक्किमी क्षेत्र सिक्किम के वर्ष 1817 में लौटा दियल गइल। एहि के करन, अंग्रेज द्वारा मोरांग प्रदेश में कर लागू करने के कारण सिक्किम और अंगरेजी शासन के बीच संबंध में कड़वाहट आ गइल।वर्ष 1849 में दो अंग्रेज़ अफसर, सर जोसेफ डाल्टन और डाक्टर अर्चिबाल्ड कैम्पबेल, जेमे उत्तरवर्ती (डाक्टर अर्चिबाल्ड) सिक्किम और ब्रिटिश सरकार के बीच संबंधों के लिए जिम्मेदार मनल गइल्, बिना अनुमति अथवा सूचना के सिक्किम के पर्वतों में चलगइलन। इ दोनों अफसरों को सिक्किम सरकार ने बंधी बना लेह्लस एहि के वझह से नाराज़ ब्रिटिश शासन इ हिमालयी राज्य पर चढाई करदेह्लस औरि 1835 में भारत के साथ मिला देह्लस। इ चढाई के परिणाम वश चोग्याल ब्रिटिश गवर्नर के आधीन एगो कठपुतली राजा बन के रहगेह्लस।

1947 में एगो लोकप्रिय मत द्वारा सिक्किम के भारत में विलय के अस्वीकार कर दिहलश औरि तत्कालीन भारतीय प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरू सिक्किम के संरक्षित राज्य के दर्जा प्रदान कइलन। इकरा चलते भारत सिक्किम के संरक्षक भैइल। सिक्किम के विदेशी, राजनयिक अथवा सम्पर्क संबन्धी विषयों के ज़िम्मेदारी भारत संभाल लेहलक। सन 1955 में एगो राज्य परिषद् स्थापित कैइल गइल जेकरा आधीन चोग्याल के एगो संवैधानिक सरकार बनाए के अनुमति दिअल गइल। ई दौर मे सिक्किम नेशनल काँग्रेस द्वारा फेर मतदान और नेपालियन के अधिक प्रतिनिधित्व के मांग के चलते राज्य में गडबडी के स्थिति पैदा हो गइल। 1973 में राजभवन के सामने भैइल दंगन के कारण भारत सरकार से सिक्किम के संरक्षण प्रदान करेके औपचारिक अनुरोध कइल गइल। चोग्याल राजवंश सिक्किम में अत्यधिक अलोकप्रिय साबित होत रहल ह। सिक्किम पूर्ण रूप से बाहरी दुनिया के खातिर बंद रहल औरि बाह्य विश्व के सिक्किम के बारे मैं बहुत कम जानकारी रहल। यद्यपि अमरीकन आरोहक गंगटोक के कुछ चित्र औरि अन्य कानूनी प्रलेख के तस्करी करे में सफल भैइल। ई प्रकार भारत के कार्यवाही विश्व के दृष्टि में आइल। यद्यपि इतिहास लिखल जा चुकल रहलक औरि वास्तविक स्थिति विश्व के तब पता चलल जब काजी (प्रधान मंत्री) 1975 में भारतीय संसद से ई अनुरोध करलन कि सिक्किम के भारत के एगो राज्य स्वीकार करके ओकरा के भारतीय संसद में प्रतिनिधित्व प्रदान कैइल जाव। अप्रैल 1975 में भारतीय सेना सिक्किम में प्रविष्ट भैइल औरी राजमहल के पहरेदारन के निःशस्त्र करला के बाद गंगटोक के अपना कब्जे में ले लिहलश। दु दिन के भीतर सम्पूर्ण सिक्किम राज्य भारत सरकार के नियंत्रण में रहलश। सिक्किम के भारतीय गणराज्य मे सम्मिलित्त करला के प्रश्न पर सिक्किम के 97.5 प्रतिशत जनता समर्थन कइलन। कुछ ही हप्ता के उपरांत 16 मई 1975 मे सिक्किम औपचारिक रूप से भारतीय गणराज्य के 22 वां प्रदेश बनल औरि सिक्किम मे राजशाही खत्म भइल। वर्ष 2002 मे चीन के एगो बड़ शर्मिंदगी के सामना तब करेके पड़ल जब सत्रहवें कर्मापा उर्ग्यें त्रिन्ले दोरजी, जेकरा के चीनी सरकार एक लामा घोषित कर चुकल रहल, एक नाटकीय अंदाज में तिब्बत से भाग के सिक्किम के रुम्तेक मोनास्ट्री मे जा पहुंचल। चीनी अधिकारी ई धर्म संकट मे जा फँसलन कि ई बात का विरोध भारत सरकार से कैसे करल जाव। भारत से विरोध कइला के अर्थ ई निकलित कि चीनी सरकार प्रत्यक्ष रूप से सिक्किम के भारत के अभिन्न अंग के रूप मे स्वीकार ले ले बा। चीनी सरकार के अभी तक सिक्किम पर औपचारिक स्थिति ई रहलक कि सिक्किम एगो स्वतंत्र राज्य हवे जउना पर भारत अधिक्रमण कर ले ले बा। [3][8] चीन अंततः सिक्किम के 2003 में भारत के एक राज्य के रूप में स्वीकार कैलश जउना से भारत-चीन संबंधों में आइल कड़वाहट कुछ कम भैइल। बदले में भारत तिब्बत के चीन के अभिन्न अंग स्वीकार कइलश। भारत और चीन के बीच भैइल एगो महत्वपूर्ण समझौते के तहत चीन एगो औपचारिक मानचित्र जारी कइलश जउना मे सिक्किम के स्पष्ट रूप मे भारत की सीमा रेखा के भीतर दिखावल गइल। ई समझौता पर चीन के प्रधान मंत्री वेन जियाबाओ औरि भारत के प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह हस्ताक्षर कइलन। 6 जुलाई, 2006 मे हिमालय के नाथुला दर्रे के सीमावर्ती व्यापार के खातिर खोल दियल गइल जउना ई संकेत मिलत बा की इस क्षेत्र के लेके दूनु देशन के बीच सौहार्द के भाव पैदा भैइल बा। [9]

भूगोल[संपादन]

अंगूठे के जैसन आकार के सिक्किम पूरा पर्वतीय क्षेत्र बाटे । विभिन्न स्थानों के ऊँचाई समुद्री तल से 280 मीटर (920 फीट) से 8,585 मीटर (28,000 फीट) तक बाटे । कंचनजंगा यहाँ के सबसे ऊंचा चोटी ह । यहा के अधिकतर हिस्सा खेती।कृषि के खातिर अन्युपयुक्त हाटे । एकर बावजूद कुछ ढलान के कारन खेतों में बदल दियल गइल बा और पहाड़ी तरीके से खेती करल जाला । बर्फ से निकलल बहुत धारा मौजूद होए के करन से सिक्किम के दक्षिण और पश्चिम में नदि के घाटि बन गैइल बा । येहि धारा मिल के टीस्ता और रंगीत बनला । टीस्ता के सिक्किम के जीवन रेखा भी कहल जाला औरि इ सिक्किम के उत्तर से दक्षिण में बहेला । प्रदेश के एगो तिहाई हिस्सा घना जंगलों से घिरल हटे ।

हिमालय के ऊँची पर्वत श्रंखलाओं ने सिक्किम के उत्तरी, पूर्वी औरि पश्चिमी दिशा मे अर्धचन्द्राकार।अर्धचन्द्र में घेर के रखल बा । राज्य के अधिक जनसंख्या वाला क्षेत्र अधिकतर राज्य के दक्षिणी भाग मे, हिमालय के कम ऊँचाई वाल श्रंखलाओं मे स्थित बा । राज्य मे अट्‌ठाइस पर्वत चोटि, इक्कीस हिमानी, दो सौ सत्ताईस झील।(जेमे चांगु झील, गुरुडोंग्मार झील और खेचियोपल्री झील।खेचियोपल्री झील शामिल ह्टे), पाँच गर्म पानी के चश्मे।गर्म पानी के चश्मा औरि सौ से अधिक नदि औरि नाला ह । आठ पहाड़ी सिक्किम के तिब्बत, भूटान और नेपाल से जोरेला।

भूतत्व[संपादन]

सिक्किम पहाड़ि मुख्यतः नेस्ती(gneissose) औरि अर्द्ध-स्कीस्तीय(half-schistose) पत्थर से बनल ह्टे, ओहि के कारण सिक्किम के मिट्टी भूरी मृत्तिका, तथा मुख्यतः उथला औरि कमज़ोर हटे ।यहाँ के मिटटी खुरदरी तथा लौह जारेय से थोड़ अम्लीय ह् । एमे खनिजी औरि कार्बनिक पोषक के अभाव हटे । अइसन मिट्टी सदाबहार औरि पर्णपाती वनों के योग्य हटे । सिक्किम के भूमि के अधिकतर भाग मे केम्ब्रिया-पूर्व(Precambrian) चट्टान से बनल हटे जेकर आयु पहाड़ से बहुत कमति ह्टे । पत्थर फ़िलीतियों।फ़िलीत(phyllite) औरि स्कीस्त से बनल ह्टे।येहि के कारन से and therefore the slopes are highly susceptible to weathering and prone to erosion. This, combined with the intense rain, causes extensive soil erosion and heavy loss of soil nutrients through leaching. एकर परिणाम स्वरूप यहां आवेवाला दिन भूस्खलन होअत रहला , जो बहुत छोट गाव औरि कस्बों के शहरि इलाकों से संपर्क के तोर देवेले।

गरम पानी के झरना[संपादन]

सिक्किम में गरम पानी के बहुत झिल ह जो अपन रोगहर क्षमता के खातिर परसिध हटे। सबसे महत्वपूर्ण गरम पानी के झिल फुरचाचु, युमथांग, बोराँग, रालांग, तरमचु औरि युमी सामडोंग हटे। इ सभी झिल में काफी मात्रा में सल्फर मिलल जाला औरि ई नदि के किनारे स्थित ह। इ गरम पानी के झिल के औसत तापमान 50 °C (सेल्सियस) तक होला।

मौसम[संपादन]

येहा के मौसम बहुत अछा ह्।भारत के और जगह से बहुत अछा येहा जादा करके ठड रहेला।सिक्किम के अधिकांश आवासित क्षेत्र में, मौसम समशीतोष्ण (टैंपरेट)मे रहेला औरि तापमान कम 28 °सै (82 °फै) से ऊपर यां 0 °सै (32 °फै) से नीचे जाला. सिक्किम में पांच ऋतुएं आवेला: सर्दी, गर्मी, बसंत,पतझड़, औरि वर्षा, जो जून औरि सितंबर के बीच मे आवेला। अधिकतर सिक्किम में औसत तापमान लगभग 18 °सै (64 °फै)रहेला. सिक्किम भारत के उ कुछ राज्यों में से एगो ह जेमे यथाक्रम वर्षा होवेला। हिम रेखा लगभग 6000 मीटर (19600 फीट)बा। मानसून के महीन में प्रदेश में भारी वर्षा होवेला जेमे काफी संख्या में भूस्खलन होवेला। प्रदेश में लगातार बारिश होवे के कीर्तिमान 11 दिन के ह। प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में शीत ऋतु में तापमान -40 °C से भी कम होऐला। शीत ऋतु एवं वर्षा ऋतु में कोहरा भी जन जीवन के प्रभावित करेला जेमे परिवहन काफी कठिन होजाला।

उपविभाग[संपादन]

सिक्किम में चार जनपद ह। प्रत्येक जनपद (जिला)के केन्द्र अथवा राज्य सरकार द्वारा नियुक्त जिलाधिकारी देखेला। चीन की सीमा से लगल होवे के कारण अधिकतर क्षेत्र में भारतीय सेना के बाहुल्य दिखाई देला। कई क्षेत्रों में प्रवेश निषेध ह औरि लोग के घूमे के खातिर परमिट लेवे के परेला। सिक्किम में कुल आठ कस्बे एवं नौ उप-विभाग ह। यह चार जिले पूर्व सिक्किम, पश्चिम सिक्किम, उत्तरी सिक्किम एवं दक्षिणी सिक्किम हटे जेकर राजधानि क्रमश: गंगटोक, गेज़िंग, मंगन एवं नामची ह। यह चार जिला पुन: विभिन्न उप-विभागों में बाँटल गइल हटे। "पकयोंग" पूर्वी जिला के, "सोरेंग" पश्चिमी जिला के, "चुंगथांग" उत्तरी जिला के औरि "रावोंगला" दक्षिणी जिला के उपविभाग ह।

जीव जंतु औरी वनस्पति[संपादन]

सिक्किम हिमालय के निचले हिस्से में पारिस्थितिक गर्मस्थान में भारत के तीन पारिस्थितिक क्षेत्र में से एगो बसल ह। यहाँ के जंगल में विभिन्न प्रकार के जीव जंतु एवं वनस्पतियाँ मिलेला। अलग अलग ऊँचाई होवे के कारन से यहाँ ट्रोपिकल, टेम्पेरेट, एल्पाइन औरि टुन्ड्रा तरह के पौधा भी मिलेला। ऐइसन छोट इलाका में एइसन भिन्नता कम ही जगह पर मिलल जाला। The flora of Sikkim includes the rhododendron, the state tree, with a huge range of species occurring from subtropical to alpine regions. Orchids, figs, laurel, bananas, sal trees and bamboo in the lower altitudes of Sikkim, which enjoy a sub-tropical type climate. In the temperate elevations above 1,500 metres, oaks, chestnuts, maples, birchs, alders, and magnolias grow in large numbers. The alpine type vegetation includes juniper, pine, firs, cypresses and rhododendrons, and is typically found between an altitude of 3,500 metres to 5,000 m. Sikkim boasts around 5,000 flowering plants, 515 rare orchids, 60 primulas species, 36 rhododendrons species, 11 oaks varieties, 23 bamboos varieties, 16 conifer species, 362 types of ferns and ferns allies, 8 tree ferns, and over 424 medicinal plants. The orchid Dendrobium nobile is the official flower of Sikkim.

The Himalayan Black Bear The fauna includes the snow leopard, the musk deer, the Bhoral, the Himalayan Tahr, the red panda, the Himalayan marmot, the serow, the goral, the barking deer, the common langur, the Himalayan Black Bear, the clouded leopard, the Marbled Cat, the leopard cat, the wild dog, the Tibetan wolf, the hog badger, the binturong, the jungle cat and the civet cat. Among the animals more commonly found in the alpine zone are yaks, mainly reared for their milk, meat, and as a beast of burden. सिक्किम के पक्षी जगत में प्रमुख हते - Impeyan pheasant, the crimson horned pheasant, the snow partridge, the snow cock, the lammergeyer and griffon vultures, as well as golden eagles, quail, plovers, woodcock, sandpipers, pigeons, Old World flycatchers, babblers and robins. यहां पक्षि के कुल 550 प्रजाति अभिलिखित किअल गैल बा, जेमे से कुछ के विलुप्तप्रायः घोषित किअल गैल बा।

अर्थ-व्यवस्था[संपादन]

वृहत् अर्थव्यवस्थासंबंधी प्रवाह[संपादन]

यह सांख्यिके एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी सिक्किम के सकल घरेलू उत्पाद के प्रवाह के एगो झलक ह(करोड़ रुपय में)

साल     सकल घरेलू उत्पाद
1980       52
1985       122
1990       234
1995       520

2000       971
2003       2378.6

2004 के आँकड़ों के अनुसार सिक्किम के सकल घरेलू उत्पाद $478 मिलियन होवे के अनुमान लगाऐल गइल ह।

सिक्किम एगो कृषि प्रधान।कृषि राज्य ह्ते औरि यहाँ सीढ़ीदार खेत में पारम्परिक पद्धति से कृषि करल जाला । यहाँ के किसान इलाईची, अदरक, संतरा, सेब, चाय और पीनशिफ आदि के खेती करेले ।चावल राज्य के दक्षिण इलाके में सीढ़ीदार खेत में उगावेले। पुरा भारत में इलाईची के सबसे अधिक उपज सिक्किम में होला । पहाड़ी क्षेत्र होवे के कारण औरि परिवहन के आधारभूत सुविधाओं के अभाव से यहाँ कोई बड़ा उद्योग न ह । मद्यनिर्माणशाला, चर्म-उद्योग तथा घड़ी-उद्योग सिक्किम के मुख्य उद्योग ह । यह राज्य के दक्षिणी भाग में स्थित ह- मुख्य रूप से मेल्ली औरि जोरेथांग नगरों के । राज्य में विकास दर 8.3% ह्टे, जो दिल्ली के पश्चात राष्ट्र भर में सर्वाधिक ह।

इलायची सिक्किम के मुख्य नकदी फसल ह। हाल के कुछ वर्ष में सिक्किम के सरकार ने प्रदेश में पर्यटन के बढ़ावा देवे प्रारम्भ करले ह । सिक्किम में पर्यटन के बहुत संभावना ह औरि येहि के लाभ उठाके सिक्किम के अप्रत्याशित वृद्धि होएल ह। आधारभूत संरचना में सुधार के चलते, यह उपेक्षा करल जा रहल बा। ऑनलाइन सट्टेबाजी राज्य में एगो नए उद्योग के रूप में उभर कर आ गइल बा । "प्लेविन" जुआ, जेकरा के विशेष रूप से तैयार किएल गइल अंतकों पर परयोग करल जाला,राष्ट्र भर में बहुत वाणिज्यिक पराप्त भइल बा ।राज्य में प्रमुख रूप से ताम्बा, डोलोमाइट, चूना पत्थर, ग्रेफ़ाइट, अभ्रक, लोहा और कोयला आदि खनिजों का खनन करल जाला। जुलाई 6, 2006 के नाथूला दर्रा, जो सिक्किम के ल्हासा, तिब्बत से जोड़ला,इ के खुले से यह आशा जताव तरन कि एसे सिक्किम के अर्थव्यवस्था के बढ़ावा मिलि, भले वे धीरे-धीरे ही देखे के मिलि ।यह दर्रा, जो 1962 में 1962 भारत-चीन युद्ध।भारत-चीन युद्ध के पश्चात बंद कर दिहल गइल , प्राचीन रेशम मार्ग के एगो हिस्सा रहल औरि ऊन, छाल औरि मसालों।मसाला के व्यापार में सहायक करत रहल ।

परिवहन[संपादन]

सिक्किम में कठिन भूक्षेत्र होऐ के कारण इहा कौनो हवाई अड्डा अथवा रेल स्टेशन न हवे ।नजिक हवाईअड्डा बागदोगरा हवाईअड्डा, सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल में बा। इ हवाईअड्डा गंगटोक से 124 कि0मी0 दूर मे बा । गंगटोक से बागदोगरा तक सिक्किम से हेलीकॉप्टर सर्विस द्वारा एगो हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध बा। जेकर उड़ान 30 मिनट लम्बआ बा, दिन में केवल एक बार चलेला औरि केवल 4 लोगो के ले जा सकेला ।गंगटोक हैलीपैड राज्य मे एकमात्र असैनिक हैलीपैड बा । निकटतम रेल स्टेशन नई जलपाईगुड़ी में बा जोन सिलीगुड़ी से 16 किलोमीटर।कि0मी0 कि दूरी मे बा । राष्ट्रीय राजमार्ग 31A सिलीगुड़ी के गंगटोक से जोरेला । ई एगो सर्व-ऋतु मार्ग बाटे तथा सिक्किम के रंग्पो मे प्रवेश करे खातिर। पश्चात तीस्ता नदी के समानान्तर चलेला। बहुत सार्वजनिक अथवा निजी वाहन हवाई-अड्डे, रेल-स्टेशन तथा औरि सिलिगुड़ी के गंगटोक से जोरला । मेल्ली से आवे वाला एगो राजमार्ग शाखा पश्चिमी सिक्किम से जोरेला । सिक्किम के दक्षिणी और पश्चिमी शहर सिक्किम के उत्तरी पश्चिमी बंगाल के पर्वतीय शहर कलिम्पोंग औरि दार्जीलिंग से जोरेला । राज्य के भीतर चौपहिया वाहन लोकप्रिय हवे कहेकि ई राज्य के चट्टानी चढ़ाइयों के आसानी से पार करे में सक्षम होएला। छोटी बस राज्य के छोटे शहरों के राज्य औरि जिला मुख्यालयों से जोरेला। अभि एगो नया ऐरोपलेन के हवाई-अड्डा खुले वाला बा जो कि पाकयोन्ग मे बा।

जनसांख्यिकी[संपादन]

मानवजाती रूप से सिक्किम के अधिकतर रहेवाला निवासी नेपाली हवे, जो प्रदेश में उन्नीसवीं सदी में प्रवेश करले रहल । भूटिया सिक्किम के मूल निवासि में से एगो ह, जौन तिब्बत के खाम जिला से चौदवीं सदी में आइल रहल , औरि लेप्‍चा, जो स्थानीय मान्यतानुसार सुदूर पूर्व से आइले रहल मानल जाला । प्रदेश के उत्तरी तथा पूर्वी इलाकका में तिब्बती बहुत जादा मात्रा में रहेला । अन्य राज्यों से आके सिक्किम में रहे वाल में प्रमुख मारवाड़ी लोग बारन ।मारवाड़ी, जौन दक्षिण सिक्किम तथा गंगटोक में दुकान चलावेला आइल बारन ;बिहारी जो अधिकतर श्रमिक ह; तथा बंगाली लोग। हिन्दू धर्म राज्य के प्रमुख धर्म हवे जेकर अनुयायी राज्य में 60.9% में ह । बौद्ध धर्म के अनुयायी 28.1% पर एगो बहुत बड़ अल्पसंख्या में ह । सिक्किम में ईसाइ के 6.7% आबादी हवे जेमे मूल रूप से अधिकतर लेपचा हवे जौन सब उन्नीसवीं सदी के उत्तरकाल में संयुक्त राजशाही रहल । अंग्रेज़ीधर्मोपदेशक के प्रचार के बाद ईसाई जात अपना लेलन । राज्य में कभी साम्प्रदायिक तनाव न रहल। मुसलमान के 1.4% प्रतिशत आबादी के खातिर गंगटोक के व्यापारिक क्षेत्र में औरि मंगन में मस्जिद बनल हटे। नेपाली सिक्किम के प्रमुख भाषा ह । सिक्किम में प्रायः अंग्रेज़ी औरि हिंदी भी बोलल औरि समझल जाला। यहाँ के अन्य भाषा मे भूटिया, जोङ्खा, ग्रोमा, गुरुंग, लेप्चा, लिम्बु, मगर, माझी, मझवार, नेपालभाषा, दनुवार, शेर्पा, सुनवार आदि भाषा आवेला जैसे, तामाङ, थुलुंग, तिब्बती, औरि याक्खा शामिल ह्वे। 5,40,493 के जनसंख्या के साथ सिक्किम भारत के सबसे कम आबादी वाला राज्य ह, जेमे पुरुष के संख्या 2,88,217 हवे औरि महिला के संख्या 2,52,276 हवे । सिक्किम में जनसंख्या के घनत्व 76 मनुष्य प्रतिवर्ग किलोमीटर ह पर भारत में सबसे कम ह । विकास दर 32.98% ह(1991-2001)। लिंगानुपात 875 स्त्री प्रति 1000 पुरुष हवे । 50,000 के आबादी के साथ गंगटोक सिक्किम के एकमात्र महत्तवपूर्ण शहर हवे । राज्य में शहरी आबादी लगभग 11.06% ह । प्रति व्यक्ति आय 11,356 रु0 ह, जौन राष्ट्र के सबसे सर्वाधिक में से एगो हवे।

संस्कृति[संपादन]

सिक्किम के नागरिक भारत के सभी मुख्य हिन्दू त्योहार जैसे दीपावली औरि दशहरा,मनावे ले । बौद्ध धर्म के ल्होसार, लूसोंग, सागा दावा, ल्हाबाब ड्युचेन, ड्रुपका टेशी औरि भूमचू वे त्योहार ह्वे जो अपन-अपन समय मे मनावल जाला । लोसर - तिब्बती नव वर्ष लोसर, जौन मध्य दिसंबर में आवेला , ओकर दौरान अधिकतर सरकारी कार्यालय एवं पर्यटक केन्द्र हफ़्ता दिन के खातिर बंद रहेला । गैर-मौसमी पर्यटकों के आकर्षित करे के खातिर हाल में हि बड़ा दिन के गंगटोक में प्रसारित कियल जा रहल बा ।

हिंदी संगीत भी येहा के लोग में अपन जगह बना लेले बा । विशुद्ध नेपाली रॉक संगीत, तथा पाश्चात्य संगीत मे नेपाली काव्य भी काफ़ी पर्सिध हवे । फुटबॉल एवं क्रिकेट यहाँ के सबसे लोकप्रिय खेल ह। नूडल मे आधारित व्यंजन जैसे थुक्पा, चाउमीन, थान्तुक?, फाख्तु?, ग्याथुक? औरि वॉनटन? सर्वसामान्य हवे । मःम, भाप से पकेला औरि सब्जि से भरके पकौडि़याँ, सूप के साथ परोसल जाला ई भैंसि के माँस अथवा सूअर के माँस से भि बनावल जाला । सुअर के माँस लोकप्रिय लघु आहार ह । पहाड़ी लोग के आहार में भैंस, सूअर, इत्यादि के माँस के मात्रा बहुत अधिक होवेला । मदिरा पर राज्य उत्पाद शुल्क कम होवे के कारण राज्य में बीयर?, विस्की?, रम? औरि ब्रांडी इत्यादि के सेवन करल जाला । सिक्किम में लगभग सभी आवास देहाती ह जौन मुख्यत: करा बाँस के ढाँचा पर लचीले बाँस के आवरण डाल के नानाये? जाला । आवास में ऊष्मा के संरक्षण करेके के खातिरी ऐकर उपर गाय के गोबर के लेप भी करल जाला। राज्य के अधिक ऊँचाई वाला क्षेत्र में अधिकतर लकड़ी के घर बनावल जाला।

राजनीति औरी सरकार[संपादन]

भारत के औरि राज्यों के समान, केन्द्रिय सरकार द्वारा निर्वाचित राज्यपाल राज्य शासन के प्रमुख ह । ओकर निर्वाचन मुख्यतः औपचारिक ही होला, तथा ओकर मुख्य काम मुख्यमंत्री के शपथ-ग्रहण के अध्यक्षता मे ही होला । मुख्यमंत्री, जेकर पास वास्तविक प्रशासनिक अधिकार होला, अधिकतर राज्य चुनाव में बहुमत जीते वाला दल अथवा गठबंधन के प्रमुख होवेला । राज्यपाल मुख्यमंत्री के परामर्श पर मंत्रीमण्डल नियुक्त करेला। अधिकतर अन्य राज्य के समान सिक्किम में भी एगोसभायी (एगोसदनी unicameral) सदन वाला विधान सभा ह । सिक्किम के भारत के द्विसदनी विधानसभा के दुनो सदनों, राज्य सभा तथा लोक सभा में एक-एक स्थान प्राप्त हवे । राज्य में कुल 32 विधानसभा सीट ह जेमे से एगो बौद्ध संघ के खातिर आरक्षित ह् । सिक्किम उच्च न्यायालय देश के सबसे छोटा उच्च न्यायालय ह।

1975 में, राजतंत्र के अंत के उपरांत, कांग्रेस के 1977 के आम चुनाव में बहुमत प्राप्त हुअल रहल । अस्थिरता के एगो दौर के बाद, 1979 में, सिक्किम संग्राम परिषद पार्टी के नेता नर बहादुर भंडारी के नेतृत्व में एगो लोकप्रिय मंत्री परिषद के गठन हुअल । ऐकर बाद मे, 1984 औरि 1989 के आम चुनाव में भी भंडारी ही विजयी रहल । 1994 में सिक्किम डॅमोक्रैटिक फ़्रंट के पवन कुमार चामलिंग राज्य के मुख्यमंत्री बनले। 1999 औरि 2004 के चुनावों में भी विजय प्राप्त करले, ई पार्टी अभी तक सिक्किम में राज कर रही बा । येहा के लोग सिक्किम डॅमोक्रैटिक फ़्रंट के पवन कुमार चामलिंग के भगवान जैसन मानेला।

अवसंरचना[संपादन]

सिक्किम के सड़क बहुधा भूस्खलन तथा पास के धार द्वारा बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो जाला, लेकिन फिर भी सिक्किम के सड़क अन्य राज्य के सड़क के तुलना में बहुत अच्हा हवे । सीमा सड़क संगठन(BRO), भारतीय सेना के एगो अंग इ सड़क के रखावालि करेला । दक्षिणी सिक्किम तथा रा0रा0-31अ के सड़क अच्छी स्थिति में हवे काहे कि यहाँ भूस्खलन के घटना कम हवे । राज्य सरकार 1857.35 कि0मी0 के वह राजमार्ग जौन सी0स0सं0 के अन्तर्गत न आवेला,के रखवालि करेला । सिक्किम में अनेक जल विद्युत बिजली स्टेशन (केन्द्र) ह जौन नियमित बिजली उपलब्ध करेला , परन्तु संचालन शक्ति अस्थिर ह तथा स्थायीकारों(stabilisers) के आवश्यकता पड़त रहेला । सिक्किम में प्रतिव्यक्ति बिजली प्रयोग 182 kWh ह । 73.2% घर में स्वच्छ जल सुविधा उपलब्ध हवे, तथा अनेक धाराओं के परिणाम स्वरूप राज्य में कभी भी अकाल या पानी के कमी के परिस्थितियाँ उत्पन्न न होयल ह । टिस्टा नदी पर बहुत जलविद्युत केन्द्र निर्माणशील ह तथा उनका पर्यावरण पर प्रभाव एगो चिन्ता के विषय हवे।

पत्राचार[संपादन]

दक्षिण नगर क्षेत्र में अंगरेजी, नेपाली औरि हिंदी के दैनिक पत्र हवे । नेपाली समाचार-पत्र स्थानीय रूप से ही छपेला परन्तु हिंदी तथा अंगरेजी के पत्र सिलिगुड़ी में छप के आवेला। सिक्किम में नेपाली भाषा में प्रकाशित समाचार पत्र के मांग विगत दिन में बढ़ते जा रहल बा। समय दैनिक, हाम्रो प्रजाशक्ति, हिमाली बेला औरि साङ्गीला टाइमस् इत्यादि नेपाली समाचार पत्र गंगटोक से प्रकाशित होवेला जेमे हाम्रो प्रजाशक्ति राज्य के सबसे बड़ औरि लोकप्रिय समाचार पत्र हवे । अंगरेजी समाचार पत्र में सिक्किम नाओ औरि सिक्किम एक्सप्रेस हिमालयन मिरर स्थानीय रूप से छपेला,तथा द स्टेट्समैन तथा द टेलेग्राफ़ सिलिगुड़ी में छपल जाला जबकि द हिन्दू तथा द टाइम्स ऑफ़ इन्डिया कलकत्ता में छपे के एगो दिन पश्चात् गंगटोक, जोरेथांग, मेल्ली तथा ग्याल्शिंग पहुँच जाला। सिक्किम हेराल्ड सरकार के आधिकारिक साप्ताहिक प्रकाशन ह । हाल-खबर सिक्किम के एकमात्र अंतर्राष्ट्रिय समाचार के मानकीकृत प्रवेशद्वार हवे । सिक्किम सें 2007-में नेपाली साहित्य के ऑनलाइन पत्रिका टिस्टारंगीत शुरु हो गैइल ह जेकर संचालन साहित्य सिर्जना सहकारी समिति लिमिटेड] करेला। अन्तर्जाल सुविधा जिला मुख्यालय में उपलब्ध ह परन्तु ब्रॉडबैंड सम्पर्क उपलब्ध न हवे तथा ग्रामीण क्षेत्र में अभी अन्तर्जाल सुविधा उपलब्ध न ह । थाली विद्युत-ग्राहक(Dish antennae) द्वारा अधिकतर घर में उपग्रह दूरदर्शन सरणि(satellite television channels) उपलब्ध हटे । भारत में प्रसारित सरणिय के अतिरिक्त नेपाली भाषा के सरणि भी प्रसारित किरल जाला। सिक्किम केबल, डिश टी0 वी0, दूरदर्शन तथा नयुमा (Nayuma) मुख्य सेवा प्रदान करेला । स्थानीय कोष्ठात्मक दूरभाष सेवा प्रदाताओं(cellular phone service provider) के अच्छी सुविधा उपलब्ध हते जेमे भा0सं0नि0लि0 के सुविधा राज्य-विस्तृत ह परन्तु रिलायन्स इन्फ़ोकॉम तथा एयरटेल केवल नगरीय क्षेत्र में हते । राष्ट्रिय अखिल भारतीय आकाशवाणी राज्य के एकमात्र आकाशवाणी केन्द्र हवे।

शिक्षा[संपादन]

साक्षरता प्रतिशत दर 69.68% ह, जो कि पुरुष में 76.73% तथा महिला में 61.46% ह। सरकारी विद्यालयों के संख्या 1545 ह तथा 18 निजी विद्यालय भी हवे जो कि मुख्यतः नगर में ह। उच्च शिक्षा के खातिर सिक्किम में लगभग 12 महाविद्यालय तथा अन्य विद्यालय ह। सिक्किम मणिपाल विश्वविद्यालय आभियान्त्रिकी, चिकित्सा तथा प्रबन्ध के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्रदान करेला। वह अनेक विषय में दूरस्थ शिक्षा भी प्रदान करेला। राज्य-संचालित दुगो बहुशिल्पकेंद्र, उच्च तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र (Advanced Technical Training Centre) तथा संगणक एवं संचार तकनीक केन्द्र (Centre for Computers and Communication Technology) आदि आभियान्त्रिकी के शाखा में सनद पाठ्यक्रम चलावेले । ATTC (Advanced Technical Training Centre) बारदांग, सिंगताम तथा CCCT Computers and Communication Technology) चिसोपानि,नाम्ची में हवे। अधिकतर विद्यार्थी उच्च शिक्षा के खातिर सिलीगुड़ी अथवा कोलकाता जाले। बौद्ध धार्मिक शिक्षा के लिए रुमटेक गोम्पा द्वारा संचालित नालन्दा नवविहार एगो अच्छा केंद्र हवे।

संदर्भ[संपादन]

  1. उद्धरण खराबी:Invalid <ref> tag; no text was provided for refs named Cens2011Up