बसंत पंचिमी

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बसंत पंचिमी
Mustard Fields.jpg
बसंत के आगमन के चीन्हा, फुलाइल सरसो
ऑफिशियल नाँव वसंत पंचमी
मनावे वाला हिंदू[1] आ सिक्ख[2] लोग द्वारा, भारत आ नेपाल में।
प्रकार धार्मिक, सांस्कृतिक
महत्त्व बसंत, उपज, देवी सरस्वती, कामदेव, फगुआ[1]
मनावे के तरीका सरस्वती पूजा, पढ़ाई के सुरुआत (बिद्यरंभ), पीयर कपड़ा पहिरल, सम्मत गाड़ल, फगुआ गावल।[1][2]
2017 तारीख बुध, 1 फरवरी[3]
2018 तारीख सोमार, 22 जनवरी
2019 तारीख अतवार, 10 फरवरी

बसंत पंचिमी (संस्कृत: वसन्त पञ्चमी) एक ठो हिंदू तिहुआर हवे। बसंत ऋतु के अगवानी करे खातिर ई तिहुआर हिंदू कैलेंडर के हिसाब से माघ के महीना में पंचिमी तिथी के मनावल जाला।[1] अंगरेजी कैलेंडर के हिसाब से ई जनवरी या फरवरी के महीना में पड़े ला।

भारत, नेपाल आ अन्य जगह रहे वाला हिंदू लोग द्वारा ई तिहुआर क्षेत्र अनुसार अलग-अलग रूप में मनावल जाला। ज्यादातर जगह एह दिन ज्ञान आ संगीत के देवी सरस्वती के पूजा कइल जाले।

परंपरागत रूप से कामदेव के पूजा भी एही दिन मनावल जाले। एक तरीका से ई हिंदू लोग के वैलेंटाइन ड के रूप में देखल जा सके ला।

भोजपुरी क्षेत्र में एही दिन सम्मत गाड़ल जाला जेकरा के लगभग चालिस दिन के बाद, होली के एक दिन पहिले के रात खा, जरावल जाला आ एकरा के सम्मत फूँकल कहल जाला। सम्मत गड़ा जाये के दिन से फगुआ के सुरुआत मानल जाला आ भोजपुरी क्षेत्र में फगुआ गवाये सुरू हो जाला।[4][5]

संदर्भ[संपादन]

  1. 1.0 1.1 1.2 1.3 1.4 James G. Lochtefeld (2002); The Illustrated Encyclopedia of Hinduism: N-Z; The Rosen Publishing Group; pp. 741–742; ISBN 978-0-8239-3180-4. 
  2. 2.0 2.1 Nikky-Guninder Kaur Singh (2011); Sikhism: An Introduction; I.B.Tauris; p. 87; ISBN 978-0-85773-549-2. 
  3. "2017 Official Central Government Holiday Calendar"; Government of India; पहुँचतिथी 4 मार्च 2017. 
  4. नवनीत (अंक-36); 1987. 
  5. Kirana Marālī (1984); Avadhī aura Bhojapurī lokagītoṃ meṃ Rāmakathā; Bhāratī Bhaṇḍāra.