अस्तेय

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अस्तेय (चोरी ना कइल) हिंदू आ जैन धर्म में एगो सद्गुण मानल गइल बा।

हिंदू धर्म में[संपादन]

अहिंसासत्यास्तेय ब्रह्मचर्यापरिग्रहाः यमाः ॥30॥

अहिंसा, सत्य , अस्तेय, ब्रह्मचर्य, आ कौनों चीज के इच्छा (लालच) ना राखल "यम" कहल जाला। (30)

— पतंजलि, योगसूत्र 2.30[1]

जैन धर्म में[संपादन]

इहो देखल जाय[संपादन]

संदर्भ[संपादन]

  1. Yoga Sutra, Sadhana Pada, Verse 30