कर्म

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कर्म या करम भारतीय परंपरा में केहू द्वारा कइल जाए वाला कार्य के कहल गइल बा आ ई मानल जाला की ओह कार्य सभ के परभाव आगे के जीवन भा अगिला जन्म में पड़े ला। एकरा के "कर्म-फल सिद्धांत" के रूप में व्याख्या कइल जाले। इहो मानल जाला के निष्काम कर्म करे वाला के अपने कर्म के फल ना भोगे के पड़े ला आ ऊ आवागमन के बंधन से छूट जाला।

इहो देखल जाय[संपादन]

संदर्भ[संपादन]