अपरिग्रह

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अपरिग्रह के अर्थ होला कौनों चीज पर आपन अधिकार ना महसूस कइल की ई हमार हवे।

हिंदू धर्म में[संपादन]

अहिंसासत्यास्तेय ब्रह्मचर्यापरिग्रहाः यमाः ॥30॥

अहिंसा, सत्य , अस्तेय, ब्रह्मचर्य, आ कौनों चीज के इच्छा (लालच) ना राखल "यम" कहल जाला। (30)

— पतंजलि, योगसूत्र 2.30[1]

अपरिग्रहस्थैर्ये जन्मकथंतासंबोधः ॥39॥

With constancy of Aparigraha, a spiritual illumination of the how and why of motives and birth emerges. (39)

— Patanjali, Yoga Sutra 2.39[2]

जैन धर्म में[संपादन]

इहो देखल जाय[संपादन]

संदर्भ[संपादन]

  1. Yoga Sutra, Sadhana Pada, Verse 30
  2. The yoga system of Patanjali James Wood (Translator), Harvard University Press, pages 187-188