महाभारत

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महाभारत
महाभारत
कुरुक्षेत्र के जुद्ध के चित्र रूप
जानकारी
धरम हिंदू
भाषा संस्कृत
छंद 200,000
कृष्ण आ अर्जुन; अठारहवीं-उनईसवीं सदी के पेंटिंग

महाभारत संस्कृत भाषा के दू गो प्राचीन महाकाब्य सभ में से एक बा, दुसरका रामायण हवे।[1]

महाभारत के कथा, कुरुक्षेत्र में पांडव आ कौरव लोग के बीच भइल जुद्ध के कथा हवे। एकरे अलावा एह में धार्मिक उपदेश, दार्शनिक आ आध्यात्मिक चीज आ भक्ति संबंधी बिचार भी लिखल बा। श्रीमद्भगवद्गीता, नल-दमयंती के कथा आ ऋष्यशृंग के कथा नियर कई चीज जे एही महाकाब्य के हिस्सा हईं, अपना में खुद स्वतंत्र रचना के लेखा भी परतिष्ठा पवले बाड़ी सऽ। महाभारत में पुरुषार्थ चतुष्टय के बरनन भी बा आ एह महाकाब्य में रामायण के संछिप्त रूप भी समाइल बा।

परंपरा अनुसार, महाभारत के रचयिता व्यास मुनि के मानल जाला। हालाँकि, एकरे मूल रूप आ आकार के बारे में बहुत खोजबीन करे के कोसिस बिद्वान आ रिसर्च करे वाला लोग द्वारा कइल गइल बा। एकर सभसे पुरान, अबहिन ले बचल संस्करण सभ 400 ईपू से पुरान ना मानल जालें, हालाँकि मूल रचना के आठवीं-नउवीं सदी ईसापूर्व के मानल जाला।[2] अइसन मानल जाला कि ई ग्रंथ अपना वर्तमान बिसाल रूप में गुप्त काल (चउथी सदी इसवी) में पहुँचल[3] महाभारत शब्द के अरथ बतावल जाला - "भारत कुल के लोग के कथा"; इहो बतावल जाला कि एकर पुरान संस्करण 24,000 श्लोक वाला रहे जेकरा के खाली "भारत" कहल जाय।[4]

महाभारत दुनिया के सभसे बड़हन महाकाब्य हवे आ एकरा के "अब तक ले लिखल गइल सभसे लमहर कबिता (काब्य)" के रूप में बतावल गइल बा।[5][6] एकरा सभसे लमहर वर्शन में 1,00,000 लाख श्लोक, मने की 2,00,000 लाइन (श्लोक दू लाइन के छंद हवे) बाटे, आ बिचा-बिचा में लमहर गद्य भी मिलेला। कुल लगभग 18 करोड़ शब्द संख्या वाला ई महाकाब्य, इलियडओडिसी दुन्नों के मिला दिहल जाय तबो एकरे लगभग दस गुना होखी; संस्कृते के दुसरका प्रतिष्ठित महाकाब्य रामायण के तुलना में ई लगभग चारि गुना बड़ बा।[7][8] डब्लू जे जॉनसन एह महाकाब्य के दुनिया के सगरी सभ्यता सभ के ग्रंथ सभ से तुलना करे में महत्त्व के मामिला में बाइबिल, शेक्सपियर के रचना-संसार, होमर के रचना, यूनानी ड्रामा, भा कुरआन के बराबर मनले बाने।[9]

इहो देखल जाय[संपादन]

संदर्भ[संपादन]

  1. Datta, Amaresh (1 January 2006); "The Encyclopaedia of Indian Literature (Volume Two) (Devraj to Jyoti)"; ISBN 978-81-260-1194-0. 
  2. Brockington (1998, p. 26)
  3. Van Buitenen; The Mahabharata – 1; The Book of the Beginning. Introduction (Authorship and Date)
  4. bhārata means the progeny of Bharata, the legendary king who is claimed to have founded the Bhāratavarsha kingdom.
  5. James G. Lochtefeld (2002); The Illustrated Encyclopedia of Hinduism: A-M; The Rosen Publishing Group; p. 399; ISBN 978-0-8239-3179-8. 
  6. T. R. S. Sharma; June Gaur; Sahitya Akademi (New Delhi, Inde). (2000); Ancient Indian Literature: An Anthology; Sahitya Akademi; p. 137; ISBN 978-81-260-0794-3. 
  7. Spodek, Howard. Richard Mason. The World's History. Pearson Education: 2006, New Jersey. 224, 0-13-177318-6
  8. Amartya Sen, The Argumentative Indian. Writings on Indian Culture, History and Identity, London: Penguin Books, 2005.
  9. W. J. Johnson (1998); The Sauptikaparvan of the Mahabharata: The Massacre at Night; Oxford University Press; p. ix; ISBN 978-0-19-282361-8.