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भारतीय संविधान

विकिपीडिया से
(भारत के संविधान से अनुप्रेषित)
Constitution_of_India_(calligraphic)_Cover
भारतीय संविधान के ग्रन्थावरण (मूर सुलेख और प्रकाशित संस्करण)।

भारतीय संविधान (𑂦𑂰𑂩𑂞𑂲𑂨 𑂮𑂧𑂹𑂫𑂱𑂡𑂰𑂢) भारत खातिर सभसे बड़का कानून बा।[1] जे संविधान सभा द्वारा २६ नवम्बर १९४९ के अङ्गीकार कइल गइल आ २६ जनवरी १९५० के सौसे देस मे लागु भईल। ई दिन (२६ नवम्बर) भारत के संविधान दिवस के रूप मे घोषित भईल| बाकी २६ जनवरी के दिन भारत मे गणतन्त्र दिवस के रूप मे मनावल जाला। ई ओह सगरी नियम, कायदा आ कानुन के स्थापना करेला जेह से भारत में सरकार आ सरकारी संस्था सभ के संरचना, शक्ति, प्रक्रिया, आ दायित्वन के निर्धान होखेला; एकरा सिवाय ई नागरिकन के मूरभूत अधिकार, मूरभूत कर्तव्यनीति निदेशक तत्वो निर्धारण करेला। भीमराव आम्बेडकर के भारतीय संविधान के सर्जक चाहे निर्माता कहल जाला। भारत के संविधान के मूलाधार भारत सरकार अधिनियम् १९३५ के मानल जाला। भारत के संविधान विश्व के सभे गणतान्त्रिक देसन मे सभ से लमहर लिखल संविधान बा।[2]भारतीय संविधान, संविधान के सर्वोच्च स्थान पर स्थापित करेला[3] न के संसद के, काहे से कि ई कौनों संसद के बनावल नईखे, बलुक एगो संविधान सभा द्वारा बनावल गइल बाटे। एकरा के आमुख मे सुवर्णित घोषणा के अनुसार भारतीय प्रजा द्वारा अंगीकार कइल गइल बा। भारतीय संसद संविधान से उप्पर नईखे।भारतीय संविधान सभाला जुलाई १९४६ मे चुनाव भईल रहे। संविधान सभा के पहिलका बैठक दिसम्बर १९४६ के भईल रहे। एकरा तत्काल बादे देस दुगो भागन - भारतपाकिस्तान मे बाट देवल गएल। संविधान सभो दुगो हिसा मे बट गईल- भारत के संविधान सभा आउर पाकिस्तान के संविधान सभा।भारतीय संविधान सभा मे २९९ सदस्य रहले जिनकर अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद रहले। संविधान सभा २६ नवम्बर १९४९ के आपन काज पूरा कर लेले आ २६ जनवरी १९५० के ई संविधान लागू भईल। इहे दिन के याद मे हमनी हर बरीस २६ जनवरी के गणतन्त्र दिवस के रूप मे मनावेनीजा। भारतीय संविधान के परिपूर्ण रूप से तैयार करने मे २ बरिस, ११ माह, १८ दिन के समय लागल बा।

संक्षिप्त परिचय

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भारतीय संविधान मे वर्तमान समय मे मात्र ३९५ अनुच्छेद, तथा १२ अनुसूचिअन के सङ्ग्रह बाटे आ ई २५ भागन मे विभाजित बा। बाकिर एकर निर्माण बेरीया मूर संविधान मे ३९५ अनुच्छेद जे २२ भागन मे विभाजित रहे एहमे खाली आठगो अनुसूचि रहे। संविधान मे सरकार के संसदीय स्वरूप के बेवास्था कइल गइल बा। केन्द्रीय कार्यपालिका के संविधानिक प्रमुख राष्ट्रपति बारे। भारतीय संविधान के धारा ७९ के अनुसार, केन्द्रीय संसद के परिषद् मेे राष्ट्रपति आ दुगो सदन बा जेके राज्यन के परिषद् राज्यसभा तथा लोगन के सदन लोकसभा के नाम से चिन्हल जाला। संविधान के धारा ७४(१) मे ई बेवास्था कएल गईल बा के राष्ट्रपति के सहायता करे आ उनके परामर्श देवे ला एगो रूप होखी जेकर प्रमुख प्रधानमंत्री होखीहन, राष्ट्रपति ई मंत्रीपरिषद् के सलाहानुसार आपन कार्यन के निर्वाह करीहन। एह् प्रकार वास्तविक कार्यकारी शक्ति मंत्रीपरिषद के लगे बा जेकर प्रमुख प्रधानमंत्री बारे जे वर्तमान मे नरेन्द्र मोदी बारे। मंत्रीपरिषद सामूहिक रूप से लोगीन के सदन (लोक सभा) ला जीमवार बारे। प्रत्येक राज्यन मे एगो बिधानसभा बाटे। उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटका,आन्ध्रप्रदेश और तेलाङ्गाना मे एगो ऊपरी सदन बा जेके बिधानपरिषद् कहल जाला। राज्यपाल राज्य के प्रमुख बारे। प्रत्येक राज्य मे एगो राज्यपाल होखी आ राज्य के कार्यकारी शक्ति उनका लगे होखी। मंत्रीपरिषद्, जेकर प्रमुख मुख्यमंत्री बारे, जे राज्यपाल के कार्यकारी कार्यन के निर्वाह मे सलाह- सुचन दीहन। संविधान के सातवा अनुसूची मे संसद आ राज्य विधानसभा के बीच विधायी (कायदाकीय) अधिकारन के बाटल बाटे। शेष अधिकार संसद के लगे बा। केन्द्रीय सत्ताशासित प्रदेशन के केन्द्रशासित प्रदेश कहल जाला।

भारतीय संविधान के भाग

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भारतीय संविधान २२ भागन मे विभजित बा आउर एहमे ३९५ अनुच्छेद आ १२गो अनुसूचि बा।

भागविषयअनुच्छेद
भाग १संघ आ एकर क्षेत्र(अनुच्छेद १-४)
भाग २नागरिकता(अनुच्छेद ५-११)
भाग ३मूरभूत अधिकार(अनुच्छेद १२ - ३५)
भाग ४राज्य के नीति निदेशक सिद्धन्त(अनुच्छेद ३६ - ५१)
भाग ४Aमूरभूत कर्तव्य(अनुच्छेद ५१A)
भाग ५सङ्घ(अनुच्छेद ५२-१५१)
भाग ६राज्य(अनुच्छेद १५२ -२३७)
भाग ७प्रथम अनुसूची के ख भाग मे राज्य (निरस्त)(अनु़चछेद २३८)
भाग ८केन्द्रशासित प्रदेश(अनुच्छेद २३९-२४२)
भाग ९पञ्चायत(अनुच्छेद २४३- २४३O)
भाग ९Aनगरपालिका(अनुच्छेद २४३P - २4३ZG)
भाग १०अनुसूचित आ जनजाति क्षेत्र(अनुच्छेद २४४ -२४४A)
भाग ११केन्द्र आ राज्य के बीच सम्बन्ध(अनुच्छेद २४५ - २६३)
भाग १२वित्त, सम्पत्ति, समझौता आ मुकदमा(अनुच्छेद २६४ -३००A)
भाग १३भारत के भीतर व्यापार आ वाणिज्य(अनुच्छेद ३०१ - ३०७)
भाग १४सङ्घ आ राज्य के तहत सेवा(अनुच्छेद ३०८ -३२३)
भाग १४Aन्यायाधिकरण(अनुच्छेद ३२३A - ३२३B)
भाग १५चुनाव(अनुच्छेद ३२४ -३२9A)
भाग १६तनीका विशेष वर्ग से सम्बन्धीत के प्रावधान(अनुच्छेद ३३०- ३४२)
भाग १७राजभाषा(अनुच्छेद ३४३- ३५१)
भाग १८आपातकालीन प्रावधान(अनुच्छेद ३५२ - ३६०)
भाग १९प्रकीर्ण(अनुच्छेद ३६१ -३६७)
भाग २०संविधान के संशोधनअनुच्छेद
भाग २१अस्थाई सङ्क्रमणकालीन आ विशेष प्रावधान(अनुच्छेद ३६९ - ३९२)
भाग २२लघु शिर्षक, आरम्भ के तिथि, हिंदी मे प्रामाणिक पाठ आ निरसन(अनुच्छेद ३९३ - ३९५)

द्वितीय विश्वयुद्ध के समाप्ति के बाद जुलाई १९४५ मे ब्रिटेन भारत से सम्बन्धी आपन नाया नीति के घोषणा कैलक आ भारत के सम्विधान सभा के निर्माण ला एगो कैबिनेट मिशन भारत भेजले जेमे तीनगो मन्त्री रहले । १५ अगस्त १९४७ के दिन भारत के स्वतन्त्र होखला के बाद सम्विधान सभा के घोषणा भईल आ ई आपन कार्य ९ दिसम्बर १९४७ से आरम्भ कर देलक । सम्विधान सभा के सदस्य भारत के राज्यन के सभा के चुनाएल सदस्यन द्वारा चुनाईल रहले । जवाहरलाल नेहरू, डा भीमराव अम्बेडकर, डा राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य रहले। ई सम्विधान सभा २ बरिस, ११ माह, १८ दिन मे कुल ११४ दिन चर्चा कैले । संविधान सभा कुल १२गो अधिवेशन कैले तथा अंतिम दिन २८४ सदस्य एह् पर हस्ताक्षर कैले आ सम्विधान बने में१६६ दिन बैठक कएल गईल । ई बैठकन मे प्रेस आ जनता के भाग लेवे के स्वतन्त्रता रहे । भारत के सम्विधान के निर्माण मे सम्विधान सभा के सभे ३८९ सदस्यन महत्वपूर्ण भूमिका निभवले,२६ नवम्बर १९४९ के सविधान सभा अङ्गीकार कैले आ एके २६ जनवरी १९5०के लागू कएल गईल । ई सम्विधान मे सर्वाधिक प्रभाव भारत शासन अधिनियम १९३५ के बा । एह मे लगभग २५० अनुच्छेद ई अधिनियम से लेवल गईल बा ॥



  1. "Preface, The constitution of India" (PDF). भारत सरकार. Retrieved 5 फरवरी 2015.
  2. Pylee, M.V. (1997). India's Constitution. S. Chand & Co. p. 3. ISBN 81-219-0403-X.
  3. "Constitutional supremacy vs parliamentary supremacy" (PDF). Archived from the original (PDF) on 2015-12-08. Retrieved 12 अक्टूबर 2015.

बाहरी कड़ी

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