भारत के संबिधान

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भारतीय संबिधान के उद्देशिका के मूल पाठ आ बेओहर राममनोहर सिन्हा के कला से सजल पहिला पन्ना (42वाँ संबिधान संसोधन से पहिले)।

भारत क संबिधान भारत खातिर सभसे बड़ा कानून हवे।[1] ई ओह सगरी नियम, कानून आ बिधि के स्थापना करे ला जेह से भारत में सरकार आ सरकारी संस्था सभ के संरचना, शक्ति, प्रोसीजर, आ दायित्व सभ निर्धारित होलें; एकरे अलावा ई मूल अधिकार, नीति निदेशक तत्व आ नागरिक लोग के कर्तब्य के भी निर्धारण करे ला। ई दुनिया में सभसे बड़हन लिखित संबिधान हवे।[2] भारत के शासन एही के अनुसार चले ला।

भारत के संबिधान, इहाँ संबिधान के सर्वोच्चता के स्थापना करे ला[3] न कि संसद के सर्वोच्चता, काहे से कि ई कौनों संसद के बनावल ना हवे बलुक एक ठो संबिधान सभा द्वारा बनावल गइल हवे। एकरा के उद्देशिका में बर्णित घोषणा के अनुसार भारत के लोग द्वारा अंगीकार कइल गइल हवे। भारत के संसद संबिधान से उप्पर ना हवे।

ई संबिधान के तारीख 26 नवंबर 1949 के संबिधान सभा द्वारा अंगीकार कइल गइल, आ ई 26 जनवरी 1950 से लागू भइल। एह दिन के भारत में गणतंत्र दिवस मनावल जाला।

संदर्भ[संपादन]

  1. "Preface, The constitution of India" (PDF). भारत सरकार. पहुँचतिथी 5 फरवरी 2015.
  2. Pylee, M.V. (1997). India's Constitution. S. Chand & Co. प. 3. ISBN 81-219-0403-X.
  3. "Constitutional supremacy vs parliamentary supremacy" (PDF). पहुँचतिथी 12 अक्टूबर 2015.

बाहरी कड़ी[संपादन]