भोजपुरी खाना

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भोजपुरी व्यंजन उत्तर भारत में बने वाला कुल व्यंजन मे क एगो हिस्सा ह आ यूपी-बिहार में रहे वाला भोजपुरी लोगन क खाना बनवले का तरीका ह।

भोजपुरी खाना मसाला की मामला में हल्का और कम गरम ह लेकिन अदमी की पसंद से एके गरम और मसालेदार बना सकल जाला, इ खाना भोजपुरी जीवन की तौर तरीका की अनुसारे बनल बा काँहे की ऐजा लोग खेत में काम कके दिनभर में आपन खूब कैलोरी जरावेला। भोजपुरी लोग त्योहार पर्व बड़ी शान से मनावेला और ओ लोगन क व्यंजन देवता लोगन के चढ़ावलो जाला।

भोजपुरी लोग माँस मच्छी और शाक सब्जी दुनु बड़ी मजे से खाए वाला लोग ह। ए लोगन क खाना मुगलई व्यंजन और पड़ोसी अवधी व्यंजन से प्रभावित बा।

पश्चिमी धारणा क उल्टा जेमें भारत का रसा वाला व्यंजन के करी कहाला, भोजपुरी खाना की इतिहास में करी पत्ता चाहें करी पावडर डरले क कौनों साक्ष्य नाहीं मिलेला। असल में त पूरा उत्तर भारत में जहाँ गाढ़ा रसा वाला खाना बनेला ओकरी खातिर करी पत्ता एगो अंजान मसाला की तरह बा, आ समझीं जे एके करी के बजाय खिचड़ी की तरह मानल जाला।

1.मुख्य आहार[संपादन]

अधिकतर अदमी क मुख्य आहार गेहूं आ चावल ह। दाल, सेम, मीट (मटन, बकरा और मुर्गा, बीफ और सूअर क माँस की अलावा), हरी और पत्तेदार सब्जी, पनीर, ताजा पानी क झींगा और मछरी एइजा की लोगन क रोजाना क आहार क बड़ा हिस्सा ह।

1.1 नाश्ता[संपादन]

ए क्षेत्र क नाश्ता रोटी आधारित ह आ एमें कई तरह क रोटी जवन की पूरा गेहूं का या फेर मैदा क बनेला जैसे की रोटी, परौठा, भरवां परौठा जेमें सब्जी भराला और दही और रायता।

ख़ास मौका प हलवा-पूरी, खीर/सेवई-पूरी, पुआ-दही, छोला-भटूरा चाहें नान कौन माँसाहारी व्यंजन की साथ नाश्ता में परोसाला। एइजा आमतौर पर गली गली में मिले वाला एगो सामान्य नाश्ता पूरी-सब्जी चाहें कचौरी और जलेबी।

1.2 दोपहर क खाना[संपादन]

दोपहर क खाना चावल प आधारित होला जेमें उबालल चावल की साथ प्रेशर कुकर में पानी की साथ पकावल चना, मसूरी, मूंग, उड़द, अरहर इत्यादि क दाल होला जेके नमक हल्दी की साथ पकावल जाला, सब्जी-कोरमा (सब्जी चाहें माँस कम मसाला में रसा की साथ अच्छा से पकावल), चोखा (उबालल चाहें भूजल पीसल आलू, बैंगन और टमाटर साथ में कईगो जड़ीबूटी और सीजन वाला सब्जी मिलावल), चटनी (धनिया क चटनी एइजा क परम्परागत चटनी ह, जेमें धनिया की साथ, हरियर मरीचा, लहसुन, निम्बू और सरसो क तेल क खूब गहरा स्वाद मिलेला), भुजिया (ऊँगली की आकार में कटल आलू कडाही में भूजल), अचार और साथ में जेके चावल के सिवाय रोटी पसंद होखे ओकरी खातिर रोटीयो शामिल कइल जाला। कौनों ख़ास मौका पर, कई प्रकार क चावल क व्यंजन बनेला जैसे की, पुलाव, बिरयानी आदि परोसाला, ए तरह से दुपहरिया की खाना में कई तरह क बदलाव देख सकेनी जा, वईसे देखल जा त ऐसन कौनों ख़ास मौका पर खाना पूरा तरह से बदल जाला जेमें बहुत बढ़िया आ स्वादिष्ट व्यंजन और मिठाई शामिल होला।

1.3 शाम क नाश्ता/नमकीन[संपादन]

आमतौर प इ सांझी क चाह की साथ लिहल जाला। एमें कई तरह का नमकीन शामिल होला जे गहरा छानल आ नमक मिलावल होला। कई बेर एकरी जगह सुखल मेवा जैसे की, किशमिश, बादाम, खजूर/छुहारा, जमीनी बादाम, अखरोट, चिलगोजा काजू, पिस्ता या दूध में भिगोवल सुखल अंजीर पर्याप्त मात्रा में लिहल जाला।

1.4 रात क खाना[संपादन]

रातो की खाना में अधिकतर रोटी होला जेके सब्जी चाहें कोरमा की साथ खाइल जाला चाहें रोटी तुर के गर्म दूध में डार के खाइल जाला ( दूध में शक्कर डरा सकेला), एके दूध रोटी कहल जाला। कई बेर चारकोल पर चाहें गाय की गोबर की गोइंठा (कंडा) पर लिट्टी सेंकल जाला और एके चोखा चाहें मुर्गा (चिकन कोरमा) की साथ खाइल जाला। ख़ास मौका पर रात की खाना में बदलाव देखे के मिलेला, ऐसन टाइम पर मांसाहरी खाना जैसे की कोरमा, कबाब और कोफ्ता (माँस का टुकड़ा रसा की साथ) तंदूरी रोटी की साथ या फिर नान और सलाद की साथ खाइल जाला।

2 सात्विक खाना[संपादन]

पवित्र शहर बनारस में सात्विक खाना खईले क परम्परा ह। इ एगो लेक्टो शाकाहारी खाना ह एमें प्याज लहसुन के बरावल जाला। इ अधिकतर ब्राहमण आ पंडित लोग खाला लोग।