पितरपख

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पितरपख
Pitru Paksha 2007.jpg
बाणगंगा पोखरा के किनारे पितरपख के नहान आ जल दिहल, 7 सितंबर 2007
मनावे वाला हिंदू
प्रकार हिंदू
मनावे के तरीका 16 चंद्रमा तिथी
Observances श्राद्ध
सुरू भादो के पुर्नवासी
अंत कुआर के अमौसा
समय सितंबर/अक्टूबर
संबंधित बा पितर (पूर्वज) लोग के तर्पण

पितरपख (संस्कृत: पितृपक्ष) कुआर महीना के अन्हरिया वाला पाख के कहल जाला जे भादों के पुर्नवासी के अगिला दिन से सुरू हो के कुआर के अमौसा ले रहे ला आ एह समय के दौरान हिंदू लोग अपना पितर लोग के तिथी मनावे ला आ सालाना श्राद्ध करे ला। एकरा के पितृपक्ष, आ सोलह श्राद्ध के नाँव से भी जानल जाला।

एह अवधि के हिंदू लोग अशुभ माने ला, काहें से की एह में मौत आ मर चुकल लोग के पूजा (श्राद्ध) के बिधान हवे। एही कारण कई तरह के शुभ कामकाज एह दौरान बंद रहे ला। एकरे अंतिम तिथी के भोजपुरी क्षेत्र में पितरसउनन कहल जाला, जबकि अन्य क्षेत्रन में सर्वपित्री अमावस्या, पितृ अमावस्या, पेद्दल अमावस, महालय अमावस्या भा महालय कहल जाला। महालय से बंगाल में दुर्गा पूजा के सुरुआत मानल जाला। अगिला दिन से नवरातर के सुरुआत हो जाला।

संदर्भ[संपादन]

  1. "2016 Shraddha Days". दृक पञ्चांग.