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शीतलहरी

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शीतलहरी भा शीतलहर भारत में जाड़ा की सीजन में बहुते बेसी ठंढा के दौर होला, खास क के उत्तरी भारत में जब तापमान अतना नीचे गिर की खुला में आदमी के जान ले जा सके के खतरा हो जाला। शीतलहरी के एक किसिम के प्राकृति आफत-बिपत के दर्जा दिहल गइल बाटे। एगो आँकड़ा के हिसाब से बिहार आ उत्तर प्रदेश में शीतलहरी से सभसे बेसी मउअत होखे लीं।[1]

अइसन मौसमी घटना दुनियाँ के औरियो देसन में देखे के मिले लीं। अमेरिका में तापमान में अचानक तेजी से गिरावट के कोल्ड वेव के नाँव दिहल जाला[2] जबकि जब मौसम में आइल अचानक ठंढक कई दिन ले जारी रहे ले तब एकरा के कोल्ड स्पेल कहल जाला।[3]

परिभाषा

[संपादन करीं]

भारतीय मौसम बिभाग शीतलहर के दू तरीका से परिभासा देला 10 °C से कम तापमान होखल आ नार्मल से -4.5°C से -6.4°C ले गिर जाइल।[4][5]

  1. अभिनव वालिया; बी. पी. यादव. "Cold Waves and its Management in India" (pdf). NDMA. ndma.gov.in (अंग्रेजी में). भारत सरकार. National Disaster Management Authority (NDMA). Retrieved 2 जनवरी 2026. {{cite web}}: Cite has empty unknown parameter: |1= (help)
  2. "Cold Wave (MH0502)". UNDRR. 7 June 2023. Retrieved 2 January 2026.
  3. "Human Verification". Human Verification. Retrieved 2 January 2026.
  4. "FAQ on Cold Wave (IMD)" (PDF). mausam.imd.gov.in. Retrieved 2 जनवरी 2026.
  5. "Cold wave (in Hazard Atlas)" (PDF). imdpune.gov.in. IMD Pune. Retrieved 2 जनवरी 2026.