मदन मोहन मालवीय

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महामना
पंडित मदन मोहन मालवीय
Madan Mohan Malaviya1.jpg
१९४१ में मालवीय
भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के अध्यक्ष
पद पर रहलें
1909–10; 1918
निजी जानकारी
जनम 25 दिसम्बर 1861
इलाहाबाद, भारत
निधन 12 नवम्बर 1946(1946-11-12) (उमिर 84)
बनारस
राष्ट्रीयता भारतीय
राजनीतिक पार्टी भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस
महतारी संस्था इलाहाबाद विश्वविद्यालय
कलकत्ता विश्वविद्यालय
प्रोफेशन शिक्षाशास्त्री
पत्रकार
वकील
नेता
स्वतंत्रता सेनानी
धर्म हिंदू
सम्मान Bharat Ratna Ribbon.svg भारत रत्न (२०१५) (मरणोपरांत)

मदन मोहन मालवीय जन्मस्थल : इलाहाबाद मृत्युस्थल: इलाहाबाद आन्दोलन: भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम प्रमुख संगठन: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रणेता मदन मोहन मालवीय इस युग के आदर्श पुरुष थे। अपने जीवन-काल में पत्रकारिता, वकालत, समाज-सुधार, मातृ-भाषा तथा भारतमाता की सेवा में अपना जीवन अर्पण करने वाले इस महामानव ने जिस विश्वविद्यालय की स्थापना की उसमें उनकी परिकल्पना ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षित करके देश सेवा के लिए तैयार करने की थी, जो देश का मस्तक गौरव से ऊचा कर सकें। यह द्रष्टव्य है कि महामना मालवीय सत्य, ब्रह्मचर्य, व्यायाम, देशभक्ति तथा आत्म-त्याग में इस देश में अद्वितीय स्थान रखते थे। इस बात को दोहराने की आवश्यकता नहीं है कि उपर्युक्त समस्त आचरण पर महामना सदैव उपदेश ही नहीं देते थे, परन्तु उसका सर्वथा पालन भी किया करते थे। अपने व्यवहार में महामना सदैव मृदुभाषी रहे। कर्म ही उनका जीवन था। ढेर सारी संस्थाओं के जनक एवं सफल संचालक के रूप में उनकी विधि-व्यवस्था का सुचारू सम्पादन करते हुए भी रोष अथवा कड़ी बोली का प्रयोग कभी नहीं किया।