भाबर

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भाबर हिमालय के दक्खिन ओर शिवालिक श्रेणी के ठीक नीचे वाला इलाका के कहल जाला जहाँ हिमालय से उतरे वाली नदी कुल माटी, बालू, कंकड़ रूप में अवसाद जमा क के एगो अइसन पट्टी बनवले बाड़ी जेवन उत्तराखंड, नेपालपच्छिमी बंगाल के उत्तरी हिस्सा में फइलल बाटे। ई बेल्ट अइसन बड़े बड़े कंकड़ आ बालू से बनल बाटे कि नदी के पानी कहीं कहीं एह में गायब भी हो जाला आ जमीन के अन्दर बहत दूर आ के फिर निकले ला। एकरा ठीक नीचे वाला इलाका के तराई कहल जाला।

भूगोल आ भूबिज्ञान[संपादन]

भाबर के नाँव से जानल जाए वाली ई पट्टी निचला हिमालय भा शिवालिक परबत माला के ठीक दक्खिन में पावल जाला। ई लगभग 8 से 15 किलोमीटर चाकर बेल्ट जम्मू से ले के आसाम तक बिस्तार लिहले बा आ एकर चौड़ाई पच्छिम में ढेर बा जबकि पूरुब ओर कम बाटे।[1] आमतौर पर ई पूरा पट्टी कंकड़-पाथर के बनल हवे आ एहिजे के मौजूद पदार्थ सभ के अध्ययन ई सूचित करे ला की ई मटेरियल सभ शिवालिक के धो के बहावल सामाग्री हवे जे नद्दिन द्वारा ले आ के गला क दिहल हवे।[2] एह इलाका के ऊपरी चट्टानी परत बहुत छेददार यानी सरंध्र (पोरस) हवे, एही कारन अगर नदी में बहुत बहाव न होखे, मने की छोट-मोट नदी होखे तब ऊ एह इलाका में जमीन के भीतर से बहे लागे ले ऊपर से बहाव के पता ना लागे ला।[1] एह इलाका में प्राकृतिक रूप से जंगल पावल जाँय आ अब्बो इ बेल्ट खेती खाती बहुत नीक ना मानल जाला।[1]

इहो देखल जाय[संपादन]

संदर्भ[संपादन]

स्रोत[संपादन]

  • माजिद हुसैन. भारत का भूगोल. McGraw-Hill Education (India) Pvt Limited. ISBN 978-0-07-070285-1.