गति
भौतिकी मे गति, समय जोर कोनो बस्तु के स्थान मे परीवरतन के कहल जाला। गनित मे गति के दुरत्व, वेग, परवेग के भेस मे लउकावल जाला। कोनो बस्तू के गति के निरिक्षण होकरा जोरे एगो परसंग परनाली लगाइके कइल जाला।
जदि कोनो परसंग परनाली ले देखला प बस्तू के स्थान मे परिवरतन नइखे होखत हेकर माने हई हऽ की ऊ बस्तु असथिर बा। बिना परसंग परनाली के गति के बिबरन ना दिहल जा सकेला। एहिसे ब्राम्हण के सभे बस्तु के गतिमान मानल जा सकेला।[1]
कोनो चीझा के स्थान, चाहे अस्तिथी मे बदलाव के गति कहल जा सकेला। उदाहरन बदे, केहू तरंग चाहे कवाँटम कन के गति बदे बतिया सकेला। गति के नापे वला मुख्य मात्रा वेगमान हटे। बस्तु के वेगमान होकर भार आउर वेग संगे अधिकावेला। अइसन बेबसथा जेहमे बहरा से कोनो बर ना लागेला, होकर वेगमान समय संगे ना बदलेला, एहिसे कोनो बस्तु के गति बिना ओहपऽ बर लगवले नइखे बदलल जा सकत।
गति के नियम
[संपादन करीं]भौतिकी मे, भारी बस्तुअन के गति के बरनन दुगो गति के नियम से होखेला। ब्रह्मांड के सभ बड़हन बस्तुअन के गति के बरनन क्लासिकल मैकेनिक्स के परयोग के होखेला आ छोटहन कन सभे के क्वांटम मैकेनिक्स के परयोग के होखेला। गति के तीनिगो नियम न्यूटन दिहले बाड़न।
| पहिलका नियम: | कोनो जड़ परसंग परनालि मे, कोनो बस्तु तबले अस्थिर रहेला चाहे एक्के वेग से चलेला, जबले ओहपऽ बहरा से केवनो बर ना लगावल जाला। |
| दूसरका नीयम: | कोनो जड़ परसंग परनालि मे, बस्तु प लगावल सउँसे बर सदिकन के जोड़ ओह बस्तु के भार m आउर परवेग a के गूना होखेला।: F = ma. |
| तीसरका नियम: | जवन खानी एगो बस्तु दोसरा बस्तु प बर लगवेला, ओही खानी दोसरका बस्तु पहिलका प बराबर बर बिपरित दिसा ने लगवेला। |
चिरायत बरबिद्या
[संपादन करीं]चिरायत बरबिद्या के परयोग बड़हन कनन के गति बतावे ला कइल जाला। आपन दायरा मे की एकदम सटिक परिनाम देवेला। चिरायत बरबिद्या न्यूटन के गति के नियम प निरभर रहेला। ई नियम सभ कोनो चीझ के गति आ ओहपे लागत बर के संबंध देखावेलऽ सन। एखिनी के पहिला हाली आइजक न्युटन जी आपन किताब प्रिंसिपिया नेचुरालिस प्रिंसिपिया मेथेमेटीका मे लिखले रहनी जेवन 5 जुलाई 1684 के छपल रहे।
सपेक्ष बरबिद्या
[संपादन करीं]आधुनिक गतीबिज्ञान जेवन की विद्युत्चुम्बकत्व दिया सोध कई के बिकसित भइल बा, ओहमें कुलि वेगन के अँजोरिया के गतिवेग संगे भागा लगाई के देखावल जाला। हेकरे के बिशेस सापेक्षता कहल जाला।
क्वांटम मैकेनिक्स
[संपादन करीं]क्वांटम मैकेनिक्स कर छोटहन कन सभ के गति के बुझे जाने बदे परयोग होला। हेकर परयोग अती तरलता खानी जरूरी आ अबुझ चीजन के बूझे बदे कइल जाला।
मनुस के ना बूझावे वला गातियन के सूची
[संपादन करीं]ब्रह्माण्ड के आउर सभ बस्तुअन खानी हरदम गति मे रहेला बाकिर एह सभ के अलावे कुछु अइसनो अइसनो गति होला जेकरा देखल ना जा सके चाहे देखल कठिन होखेला।
ब्रह्माण्ड
[संपादन करीं]काल-अवकाश के छितरे के कारन ई हऽ की ब्रह्मांड के हर चीझ एगो रबर बैंड खानी छितरऽता। ई गति अस्पष्ट बा आ भौतिक नइखे।
गैलेक्सी
[संपादन करीं]बहुते बैज्ञानिक ई मानेलन कि आकाशगंगा ब्रह्माण्ड में घुरऽता जेकर गति 600 km प्रति सेकेंड हवे।
सूरूज आ गरहा
[संपादन करीं]सूरूज आकाशगंगा जोरे घुरऽता आ सूरूज के चहुदिसी मय गरहा सभ घुरेलऽसन।
धरती
[संपादन करीं]धरती आपन अक्ष प घुरेले, दिन आ रात हेकरा परमानित करेला। धरती सूरजो के चारो देने घूरेले आ एक बरिस मे आपन एक घुमरि पुरावेले।
महादेस
[संपादन करीं]प्लेट टेक्टॉनिक्स के सिधांत कहेला की महादीप सभ धरती के सतह प गति मे बाड़ऽसन।
भितारिया देह
[संपादन करीं]मनुस के जियरा निरंतर काज करत रहेला।
अँजोर
[संपादन करीं]अंजोरा 299,792,458 m/s के गति से चलेला, निर्यात मे एहसे तेज कूछुवो ना चले। हेकर संगे अँजोरिया के गति परसंग परनाली प निरभर ना करे।
गति के परकार
[संपादन करीं]- सरल आवर्त गति: पेंडुलम के गति।
संदर्भ
[संपादन करीं]- ↑ Tyson, Neil de Grasse; Charles Tsun-Chu Liu; Robert Irion (2000). The universe : at home in the cosmos. Washington, DC: National Academy Press. ISBN 978-0-309-06488-0.
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