सूरज का सातवाँ घोड़ा

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सूरज का सातवाँ घोड़ा, धर्मवीर भारती के लिखल, हिंदी भाषा के एगो उपन्यास हवे। 1952 में छपल ई उपन्यास किस्सागोई के शैली में लिखल गइल एगो छोट उपन्यास हवे जे भारती के पहिला उपन्यास गुनाहों का देवता के बाद लिखल गइल। एह उपन्यास में माणिक मुल्ला नाँव के ब्यक्ति अपना पुरान दिनन के इयाद क के तीन गो औरतन के कहानी सुनावे लें जे उनुके जिनगी में अइलीं, जमुना (एगो मिडिल क्लास के औरत), लिली (पढ़ल लिखल बुद्धिमान औरत) आ सत्ती (गरीब कामकाजी औरत)। उपन्यास दुपहरिया के गलचौर में सुनावल सात गो कहानी सभ के रूप में बा जिनहन के माणिक मुल्ला अपना दोस्त आ परिचित लोग के सुनावे लें।

उपन्यास के अंग्रेजी अनुबाद परसिद्ध हिंदी लेखक सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन "अज्ञेय" द्वारा कइल गइल आ ई अनुबाद दि सन्स सेवेंथ हॉर्स के नाँव से 1999 में छपल। एही उपन्यास पर श्याम बेनेगल के डाइरेक्शन में हिंदी में 1992 में एही सूरज का सातवा घोड़ा नाँव से फिलिम बनल जेह में रजित कपूर, राजेश्वरी सचदेव, पल्लवी जोशी, नीना गुप्ताअमरीश पुरी मुख्य भूमिका में रहल लोग। बाद में एह उपन्यास के कई बेर डरामा (नाटक) के रूप में खेलल गइल।