सामाजिक भूगोल

विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

सामाजिक भूगोल (अंगरेजी: Social geography) मानव भूगोल के एगो शाखा हउवे। ई शाखा सामाजिक सिद्धांत आ समाजशास्त्रीय संकल्पना (कांसेप्ट) सभ से संबंधित बा आ समाज के बिबिध तत्व आ प्रक्रिया सभ के स्थानिक (स्पेशियल) अध्ययन करे ला। हालाँकि, भूगोल में समाज के अध्ययन काफी सुरुआते से भ रहल बा, सामाजिक भूगोल के अध्ययन अलगा से एगो शाखा के रूप में भी ढेर दिना से हो रहल बा, एकरे बिसयबस्तु मने कि स्कोप के बारे में बिद्वान लोग अभिन ले एकमत नइखे। बिसयबस्तु के मामिला में सामाजिक भूगोल आ भूगोल के अउरी कई गो शाखा में आपस में ओभरलैप देखे के मिले ला आ साथे-साथ सामाजिक भूगोल आ समाजशास्त्र आ समाज कार्य (सोशल वर्क) नियर बिसय सभ से भी ओभरलैप देखे में आवे ला।

ब्रिटैनिका एन्साइक्लोपीडिया के बिबरन अनुसार, "सामाजिक भूगोल आपन धियान समाज में मौजूद बिभाजन सभ, सुरुआती तौर प बर्ग-बिभाजन, नृजातीयता (एथनिसिटी) आ कुछ हद तक धर्म (आधारित बिभाजन) पर केंद्रित करे ला; हालाँकि, हाल में एह में अउरी कई चीज जुड़ल बा, जइसे कि लिंग (जेंडर) आ कामुक झुकाव, उमिर इत्यादि।"[1]

परिभाषा[संपादन]

बिसय-बस्तु[संपादन]

इहो देखल जाय[संपादन]

संदर्भ[संपादन]

  1. "Human geography". britannica.com (English में). ब्रिटैनिका एन्साइक्लोपीडिया. पहुँचतिथी 14 अप्रैल 2018. Social geography concentrates on divisions within society, initially class, ethnicity, and, to a lesser extent, religion; however, more recently others have been added, such as gender, sexual orientation, and age. Unknown parameter |trans_title= ignored (मदद)