समुद्रगुप्त
Appearance
| समुद्रगुप्त | |
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गुप्त साम्राज्य के राजचीन्हा गरुण स्तंभ के साथ समुद्रगुप्त के जमाना के सिक्का। | |
| 4था गुप्त सम्राट | |
| Reign | ल॰ 335 – c. 380 CE |
| Predecessor | चंद्रगुप्त I |
| Successor | चंद्रगुप्त II या रामगुप्त |
| Spouse | दत्तादेवी |
| Issue | चंद्रगुप्त II, रामगुप्त |
| House | गुप्त साम्राज्य |
| Father | चंद्रगुप्त I |
| Mother | कुमारदेवी |
समुद्रगुप्त (ल॰ 335 – c. 380 CE) प्राचीन भारत में गुप्त साम्राज्य के एगो राजा रहलें। ई गुप्त वंश के चउथा राजा रहलें जे पहिला चंद्रगुप्त के बाद राजगद्दी पर बइठलें। इनके शासन काल में गुप्त साम्राज्य के बहुत बिस्तार भइल[1] आ ई महाराजाधिराज के पदबी धारण कइलें। इनका बाद इनके लइका चंद्रगुप्त II राजा बनलें।
समुद्रगुप्त के बारे में इलाहाबाद में मौजूद प्रयाग प्रशस्ति नाँव के लेख से काफी जानकारी मिले ला।[2] ई कीर्तिलेख कौशांबी के अशोक स्तंभ पर लिखवावल गइल रहे जे अब इलाहाबाद के किला में बा।
संदर्भ
[संपादन करीं]- ↑ अल्तेकर 2002.
- ↑ पांडे, p. 9.3.
स्रोत ग्रंथ
[संपादन करीं]- पांडे. प्राचीन भारत. McGraw-Hill Education (India) Pvt Limited. ISBN 978-0-07-070544-9.
{{cite book}}: Invalid|ref=harv(help) - रमेशचंद्र मजुमदार; अल्तेकर (2002). Vakataka-Gupta Yug Laghbhag 200-550 E Tak Bhartiya Jan Ka Itihas. मोतीलाल बनारसीदास. ISBN 978-81-208-3056-1.
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