मौत

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Dead bird
एगो मुर्दा चिरई

मउअत भा मौत (हिंदी: मृत्यु, अंगरेजी: Death) एगो जीवधारी के जिंदा रखे वाला सगरी क्रिया सभ के रुक गइले के स्थिति हवे। जीवबिग्यानी हिसाब से अइसन सगरी जीवीय क्रिया सभ जे कवनो जीवधारी के जिंदा रखें लीं, कौनों कारण बस अगर रुक जायँ तब ऊ जीवधारी मू जाला।[1] बुढ़ापा (उमिर बढ़ के पूरा हो गइल), दुसरा शिकारी जीव के शिकार बन गइल, पोषण के कमी, बेमारी, आत्महत्या, हत्या, भुखमरी, शरीर में पानी के कमी, एक्सीडेंट या फिर घातक चोट के बाद ट्रामा नियर बिबिध कारण से मौत हो सके ला। मू जाए के बाद जीवधारी के शरीर कुछ समय के बाद खराब होखे आ सरे सुरू हो जाला आ अंत में नष्ट हो जाला।

मौत, या आमतौर पर आदमी सभ के मौत, एगो दुःखद चीज के रूप में देखल जाला। अइसन स्थिति, मानवी लगाव के कारण होले। एही वजह से, मनुष्य भा अन्य कई सामाजिक आ भावनाप्रधान जीव सभ में ई खाली भर एगो जीवबैज्ञानिक घटना भर ना होला बलुक एकर भावनात्मक आ सामाजिक पहलू भी महत्व के चीज बा। मौत के भय, डिप्रेसन, दुःख, भावनात्मक दर्द, करुना, दया नियर कई मनोबिग्यानी आ भावना संबंधी चीज मौत से जुड़ल बा। मौत के डर, अकेले कई तरह के चीज खाती जिम्मेदार कारण मानल जाला, कहीं-कहीं ई जीव के सर्वाइवल तक खाती महत्व के चीज मानल जाला।[2]

कई गो संस्कृति सभ में मौत के बाद दोबारा जनम लेवे, यानी पुनर्जनम के मान्यता भी चलनसार बा। मनुष्य के मौत के बाद ओकरे अंतिम क्रियाकरम के भी अलग-अलग जगह अलग-अलग तरीका बा।

संदर्भ[संपादन]

  1. Raymond Pearl (2009); The Biology of Death; Read Books; ISBN 978-1-4446-3181-4. 
  2. Clifton D. Bryant (2003); Handbook of Death and Dying; SAGE; pp. 3–; ISBN 978-0-7619-2514-9.