गंगा
भोजपुरी इलाका में बसे वाला लोगिन खातिर गंगा एगो नदीये भर ना हई....उ त पाले पोसे वाला माई हई । गंगा के प्रति भोजपुरिया लोगन के लगाव जुड़ाव आम जिनगीये ना बलुक पर्दा के रंगीन जिनगीयो में भी लउकेला ।
साजन के लंबा उमिर के दुआ होखे चाहे लइकी के बियाह खातिर परेशान बाप के बिनती....हर हाल में लोग गंगा मइया के आशीर्वाद चाहेलन। गंगा मइया के महिमा के हर केहू मानेला अउर भोजपुरी फिलमन में..त गंगा माई के कउनो ना कउनो तरीका से हमेशा शामिल कइल जात रहल बा।
भोजपुरी फिल्म निर्माता जब पहिला भोजपुरी फिल्म के बारे में सोचले त सबसे पहिले उनकर दिमाग में अइली....गंगा मइया। अउर गंगा मईया के नांव के शीर्षक वाली फिलम गंगा मइया तोहे पियरी चढ़इबो जब रीलीज भइल. त भोजपुरी सिनेमा में एगो नया इतिहास लिखा गईल
सीन- भोजपुरी समाज अऊर ऐकर संस्कार के संगे गंगा मईया अईसे गुंथाईल बाड़ी. की ऐकरा के कबो अलग ना कईल जा सकेला । ई बात फिलिम बनावे वालन के भी बखूबी मालूम बा । ऐहिसे ना गंगा मईया से जोड़के शुरु भईल भोजपुरी फिलिम के सफर हाल फिलहाल में आईल गंगा ले जारिये बा ।
गंगा मइया हमनी के आस्था से जुड़ल बाड़ी...अउर फिलिम निर्माता लोगन के ऐह आस्था के नीमन तरह से भुनावअ ताड़न । महुआ न्यूज खातिर जया श्रीवास्तव के रिपोट।
फिल्मे – गंगा तोहे पियरी चढ़इबो गंगा किनारे मोरा गांव दुल्हा गंगा पार के गंगा मैय्या तोहार किरिया गंगा अबाद रखिह सजनवा के गंगा घाट गंगा मैय्या तोहे चुनरी चढ़ईबो गंगा जइसन माई हमार गंगा