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शुगर रोग

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शुगर रोग
दूसर नाँवDiabetes mellitus (अंग्रेजी), मधुमेह (हिंदी)
A hollow circle with a thick blue border and a clear centre
नीला रंग के गोला जे शुगर के चीन्हा हवे[1]
मेडिकल ब्रांचइंडोक्राइनोलॉजी
लच्छनबेर-बेर पेशाब लागल, बेसी पियास, बेसी भूख[2]
रोग बिगड़ले परडायबेटिक केटोएसिडोसिस (ketoacidosis), हाइपरओस्मोलार हाइपरग्लाइकेमिक अवस्था, दिल के बेमारी, दिल के दौरा, हाथ-गोड़ में सुई गड़े नियर अनुभव, किडनी फेल भइल, गोड़ में घाव, बोध (देखे सुने) में कमी, गैस्ट्रोपैरेसिस (gastroparesis)[2][3][4][5]
रिस्क रहेलाटाइप 1: परिवार में इतिहास[6]
टाइप 2: मोटापा, कसरत के कमी, जेनेटिक[2][7]
जाँच के तरीकाब्लड शुगर के जाँच[2]
इलाजसेहतमंद खानपान, कसरत[2]
दवाईइंसुलिन, शुगर के दवाई[2][8][9]
फ्रीक्वेंसी463 मिलियन (8.8%)[10]
मौत4.2 मिलियन (2019)[10]

शुगर के रोग चाहे शुगर के बेमारी, जेकरा आम जनता खाली शूगर के नाँव से बोलावे ले, मेटाबोलिज्म (हिंदी:चयापचय) संबंधी रोग हवे जेह में हाई ब्लड शुगर के समस्या पैदा हो जाले आ लमहर समय ले चल सके ले।[11] बेर-बेर पेशाब लागल, बहुत पियास लागल आ बहुत जादे भूख लागल एह बेमारी के सभसे आम लच्छन सभ बाड़ें।[2][12] अगर एकर इलाज न करावल जाय तब ई शरीर के अंदर कई किसिम के जटिलता पैदा क सके ला[2] आ कई अंग सभ के परमानेंट नोकसान पहुँचा सके ला।

अंग्रेजी में डायबिटीज मेलिटस (Diabetes mellitus) चाहे खाली भर डायबिटीज कहल जाल आ हिंदी में मधुमेह कहाला। अंग्रेजी में एकरा के रोग भा बेमारी, मने की डिजीज, ना कहल जाला बलुक डिसऑर्डर कहल जाला। खून में जरूरत से बेसी शुगर होखे के हाइपरग्लाइसिमिया (hyperglycemia) आ आसान भाषा में हाई ब्लड शुगर कहल जाला।

शुगर के बेमारी, डायबिटीज मेलिटस, या त इंसुलिन के कमी से होला या फिर इंसुलिन के साथे रिस्पांस कम होखे से।[13] एह तरीका से ई प्रमुख रूप से तीन किसिम के होला:[2]

  • टाइप-1: जेह में पैंक्रियाज में भरपूर मात्रा में इंसुलिन ना बन पावे ला।
  • टाइप-2: जेह में शरीर के कोशिका सभ इंसुलिन के उचित जबाब ना दे पावे लीं; एकरा इंसुलिन रेजिस्टेंस कहल जाला। बाद में रोग बढ़े पर इंसुलिन के कमी भी सामिल हो सके ला।[14] एकर मुख्य कारन मोटापा आ बिना शारीरिक मेहनत भा कसरत के जिंदगी होखे ला।
  • गेस्टेशनल: जेह में औरत लोगन के गरभ के दौरान अचानक ब्लड शुगर हाई हो जाला जबकि पहिले से शुगर बढ़े के कौनों इतिहास ना होखे ला।

टाइप 1 शुगर के मैनेज करे ला इंसुलिन के सुई लगावही के परे ला।[2] टाइप 2 शुगर के रोकथाम आ मैनेजमेंट कइल जा सके ला जेह में सेहतमंद खानपान, रेगुलर मेहनत-कसरत, सही वजन बना के राखल आ तमाकू के इस्तेमाल ना कइल शामिल बा[2] एकरे खातिर खाए जाए वाली दवाई के रूप में इंसुलिन के खातिर कोशिका सभ के जबाब देवे के छमता बढ़ावे वाली दवाई दिहल जालीं। इनहन के इंसुलिन सेंसिटाइजर कहल जाला आ इंसुलिन के साथे चाहे बिना इंसुलिन के दिहल जा सके लीं।[15] जेकरा ई बेमारी हो गइल होखे ओकरा के सलाह दिहल जाला कि ब्लड प्रेशर के धियान रखे आ हाथ गोड़ के सुरक्षा आ आँख के सही देखभाल करे।[2] इंसुलिन आ खाए वाली दवाई से कई बेर अचानक हाइपोग्लाइसेमिया, मने कि लो ब्लड शुगर, के समस्या हो सके ला।[16]मोटापा कम करे वाला आपरेशन (सर्जरी) कई बेर ओह लोग में टाइप 2 शुगर में कामे आवे ला जेकरा ई बेमारी मोटापा बहुत होखे के कारन भइल होखे।[17] गेस्टेशनल शुगर, मने कि गरभ के अवस्था में महतारी के भइल शुगर आमतौर प जचगी के बाद अपने-आपे नीक हो जाला।[18]

2019 तक के आँकड़ा देखल जाय तब 463 मिलियन (46.3 करोड़) लोगन के दुनियाँ भर में शुगर होखे के एस्टीमेट बा (कुल पुरहर (एडल्ट) लोगन के आबादी के 8.8 %), जेह में 90 % केस टाइप 2 शुगर के बाड़ें।[10] Rates are similar in women and men.[19] ट्रेंड देखल जाय तब इहे बुझा रहल बाटे कि एकर केस में बढ़ती हो रहल बा आ ई बढ़ती आगहूँ चालू रहे के संभावना बा।[10] शुगर के बेमारी केहुओ के जल्दी मौत के रिस्क के लगभग दुगुन्ना बढ़ा देला।[2] साल 2019 में शुगर के चलते कम के कम करीबन 42 लाख लोगन के मौत भइल।[10] एह तरीका से ई दुनियाँ में मौत के सभसे आम कारन सभ में 7वाँ नंबर के बेमारी बाटे।[20][21] बैस्विक रूप से एह बेमारी के कुल आर्थिक कीमत 2017 में US$727 बिलियन होखे के अनुमान लगावल गइल रहे।[10] अकेल्ले अमेरिके में US$327 बिलियन रकम लोग एह बेमारी पर साल 2017 में खरच कइल।[22] आम लोगन के तुलना में शुगर के मरीज लोगन के बेमारी आ इलाज पर खरच 2.3 गुना बेसी देखल गइल बाटे।[23]

भारत में शुगर रोग के बात कइल जाय तब, एगो रपट के मोताबिक, 2019 में कुल 77 मिलियन (सात करोड़ सत्तर लाख) लोग के एहिजा शुगर के रोग रहे; मने कि दुनियाँ के कुल शुगर मरीजन में से छह गो में से एक ब्यक्ति भारत से बा।[24]

  1. "Diabetes Blue Circle Symbol". International Diabetes Federation. 17 March 2006. Archived from the original on 5 August 2007.
  2. 2.00 2.01 2.02 2.03 2.04 2.05 2.06 2.07 2.08 2.09 2.10 2.11 2.12 "Diabetes Fact sheet N°312". WHO. October 2013. Archived from the original on 26 August 2013. Retrieved 25 March 2014.
  3. उद्धरण खराबी:Invalid <ref> tag; no text was provided for refs named Kit2009
  4. Krishnasamy S, Abell TL (July 2018). "Diabetic Gastroparesis: Principles and Current Trends in Management". Diabetes Therapy. 9 (Suppl 1): 1–42. doi:10.1007/s13300-018-0454-9. PMC 6028327. PMID 29934758.
  5. उद्धरण खराबी:Invalid <ref> tag; no text was provided for refs named Sa2016
  6. Chiang JL, Kirkman MS, Laffel LM, Peters AL (July 2014). "Type 1 diabetes through the life span: a position statement of the American Diabetes Association". Diabetes Care. 37 (7): 2034–54. doi:10.2337/dc14-1140. PMC 5865481. PMID 24935775.
  7. "Causes of Diabetes". National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases. June 2014. Archived from the original on 2 February 2016. Retrieved 10 February 2016.
  8. उद्धरण खराबी:Invalid <ref> tag; no text was provided for refs named AFP09
  9. Brutsaert, Erika F. (February 2017). "Drug Treatment of Diabetes Mellitus". MSDManuals.com. Retrieved 12 October 2018.
  10. 10.0 10.1 10.2 10.3 10.4 10.5 "IDF DIABETES ATLAS Ninth Edition 2019" (PDF). www.diabetesatlas.org (अंग्रेजी में). Retrieved 18 May 2020.
  11. "About diabetes". World Health Organization. Archived from the original on 31 March 2014. Retrieved 4 अप्रैल 2014.
  12. "आर्काइव कॉपी के बा". Archived from the original on 2021-06-20. Retrieved 2021-05-25.
  13. Shoback DG, Gardner D, eds. (2011). "Chapter 17". Greenspan's basic & clinical endocrinology (9th ed.). New York: McGraw-Hill Medical. ISBN 978-0-07-162243-1.
  14. RSSDI textbook of diabetes mellitus (Revised 2nd ed.). Jaypee Brothers Medical Publishers. 2012. p. 235. ISBN 978-93-5025-489-9. Archived from the original on 14 October 2015.
  15. "The top 10 causes of death Fact sheet N°310". World Health Organization. October 2013. Archived from the original on 30 May 2017.
  16. Rippe RS, Irwin JM, eds. (2010). Manual of intensive care medicine (5th ed.). Wolters Kluwer Health/Lippincott Williams & Wilkins. p. 549. ISBN 978-0-7817-9992-8.
  17. Picot J, Jones J, Colquitt JL, Gospodarevskaya E, Loveman E, Baxter L, Clegg AJ (September 2009). "The clinical effectiveness and cost-effectiveness of bariatric (weight loss) surgery for obesity: a systematic review and economic evaluation". Health Technology Assessment. 13 (41): 1–190, 215–357, iii–iv. doi:10.3310/hta13410. hdl:10536/DRO/DU:30064294. PMID 19726018.
  18. Cash, Jill (2014). Family Practice Guidelines (3rd ed.). Springer. p. 396. ISBN 978-0-8261-6875-7. Archived from the original on 31 October 2015.
  19. उद्धरण खराबी:Invalid <ref> tag; no text was provided for refs named Vos2012
  20. "What is Diabetes?". Centers for Disease Control and Prevention (अमेरिकी अंग्रेजी में). 11 March 2020. Retrieved 18 May 2020.
  21. "The top 10 causes of death". www.who.int (अंग्रेजी में). Retrieved 18 May 2020.
  22. American Diabetes Association (2018-03-22). "Economic Costs of Diabetes in the U.S. in 2017". Diabetes Care. 41 (5): 917–928. doi:10.2337/dci18-0007. ISSN 0149-5992. PMC 5911784. PMID 29567642.
  23. "Deaths and Cost | Data & Statistics | Diabetes | CDC". cdc.gov (अमेरिकी अंग्रेजी में). 20 February 2019. Retrieved 2 July 2019.
  24. https://www.thehindu.com/sci-tech/health/india-has-second-largest-number-of-people-with-diabetes/article29975027.ece


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