महावीर जयंती
| महावीर जयंती | |
|---|---|
वर्धमान महावीर के मुर्ती, मदुरै, तमिलनाडु में। | |
| अन्य नाँव | महावीर जन्म कल्याणक |
| मनावे वाला | जैन लोग |
| प्रकार | धार्मिक |
| महत्त्व | भगवान महावीर के जनम के उपलक्ष में |
| मनावे के तरीका | जैन मंदिर में जाइल |
| Observances | प्रार्थना, पूजा आ धार्मिक करमकांड |
| समय | चइत सुदी तेरस (वीर निर्वाण संवत) |
| 2025 तारीख | 10 अप्रैल |
| 2026 तारीख | 31 मार्च[1] |
| केतना बेर | सालाना |
महावीर जयंती, भा महावीर जन्म कल्याणक जैन धर्म के माने वाला लोग के एगो तिहुआर हवे जे भगवान महावीर के जनम के उपलक्ष में मनावल जाला। ई तिहुआर चइत महीना के अँजोर पाख के तेरस तिथी के मनावल जाला आ आमतौर प अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से मार्च भा अप्रैल के महीना में पड़े ला।[2] महावीर, जैन धर्मं के 24वाँ आ अंतिम तीर्थंकर[नोट 1] रहलें।
जनम
[संपादन करीं]परंपरा अनुसार महावीर के जनम वज्जि गणराज्य के वैशाली के लगे कुंडग्राम में मानल जाला।[3] ज्यादातर इतिहासकार लोग वसुकुंड के रूप में एकर पहिचान करे ला।[4] जैन ग्रंथ सभ के मोताबिक इनके जनम चैत्र मास शुक्लपक्ष के त्रयोदशी (चइत सुदी तेरस) के भइल आ साल 599 ईसा पूर्व रहल।[5][6]
महावीर के नाँव वर्धमान रखल गइल रहे, अरथ "बढ़े वाला", काहें कि इनके जनम के समय राज्य में धन-संपति के बढंती होखत रहे।[7] वासोकुंड में, गाँव-गिराँव के लोग महावीर के बहुत माने ला; एगो परिवार के जमीन "अहल्या भूमि" (जेपर हर न चलावे के होखे) के रूप में लगभग चार सौ बरिस से बिना जोतले रखल गइल बा जे महावीर के जनमभूईं मानल जाले।[3]
इहो देखल जाय
[संपादन करीं]संदर्भ
[संपादन करीं]टीका-टिप्पणी
[संपादन करीं]- ↑ descending half of the worldly time cycle as per Jain cosmology which is actually current now
हवाला
[संपादन करीं]- ↑ "Bank Holiday: आज महावीर जयंती पर बैंक बंद है या खुले? जानें RBI ने कहां-कहां दी है सरकारी छुट्टी, चेक करें पूरी लिस्ट". Jansatta (Hindi में). 31 मार्च 2026.
- ↑ Gupta, K.R. (2006). Concise Encyclopaedia of India. Atlantic Publishers & Dist. p. 1001. ISBN 9788126906390. Retrieved 6 May 2017.
- 1 2 Jalaj 2011, p. 4.
- ↑ "Row over Mahaveer's birthplace". दि टाइम्स ऑफ इंडिया.[मुर्दा कड़ी]
- ↑ (India), Gujarat (1975). Gazetteers: Junagadh. p. 13.
- ↑ Kristi L. Wiley: Historical Dictionary of Jainism, Lanham 2004, p. 134.
- ↑ Kailash Chand Jain 1991, p. 32.
स्रोत ग्रंथ
[संपादन करीं]- Jain, Kailash Chand (1991), Lord Mahāvīra and His Times, Motilal Banarsidass, ISBN 978-81-208-0805-8
- Jain, Pannalal (2015), Uttarapurāṇa of Āchārya Guṇabhadra, Bhartiya Jnanpith, ISBN 978-81-263-1738-7
- Jalaj, Dr. Jaykumar (2011), The Basic Thought of Bhagavan Mahavir, Mumbai: Hindi Granth Karyalay, ISBN 978-81-88769-41-4
बाहरी कड़ी
[संपादन करीं]- History of Jainism
- Lord Mahavira Sayings
- The Significance of Mahavir Jayanti Archived 2018-04-01 at the Wayback Machine