बैस्विक गरमाव

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1880 से 2016 के बीच बैस्विक औसत सतही-तापमान के बदलाव के ट्रेंड, 1951–1980 के औसत के तुलना में। करिया रेखा - बैस्विक सालाना औसत, लाल रेखा - पाँच साल के खिड़की से स्मूथ कइल, आ नीला रंग से 95% बिस्वास इंटरवल।

बैस्विक गरमावजलवायु में बदलाव पछिला लगभग एक सदी के समय में धरती के जलवायु सिस्टम में औसत तापमान के बढ़ती आ एकरा से जुड़ल परभाव सभ खातिर इस्तेमाल होखे वाला शब्दावली हईं सऽ।[1][2] कई तरह के बैज्ञानिक सबूत ई देखा रहल बाने कि जलवायु सिस्टम गरम हो रहल बाटे।[3][4][5] उन्नईसवीं सदी के बीच के दौर में तापमान नापे खातिर अइसन बैज्ञानिक उपकरण सभ के बिकास भइल जे 1950 से पहिले मौजूद भी ना रहलें आ इनहन से नापल रिकार्ड में पुराजलवायु बिज्ञान के रिकार्ड सभ के जोड़ के हजार साल से भी पाछे के जलवायु के बारे में जानल जा सकत बा।[6]

साल 2013 में आइपीसीसी (IPCC) के पाँचवा रपट में ई साफ़ कहल गइल कि "बीसवीं सदी के मध्य के बाद से गरमाहट में जवन बढ़ती देखल जा रहल बा ओकर सभसे प्रमुख कारण मनुष्य के प्रभाव के होखले के बहुत ढेर संभावना बा"।[7] सभसे बड़ा पैमाना पर मनुष्य के परभाव ग्रीनहाउस गैस - कार्बनडाई आक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड इत्यादि के वातावरण में छोड़ले के रूप में बा। रपट में जलवायु मॉडल सभ के भाबिस्यानुमान (प्रोजेक्शन) के सारांश ई बतावत बा की 21वीं सदी में औसत सतही तापमान 0.3 से 1.7 °C (0.5 से 3.1 °F) ले अउरी बढ़ले के संभावना बा अगर अनुमान कम से कम के बारे में लगावल जाय आ अधिक से अधिक ई 2.6 से 4.8 °C (4.7 से 8.6 °F) तक ले भी हो सकेला।[8]

बैस्विक गरमाव के परभाव पूरा बिस्व के हर इलाका में बराबर ना होखी, बलुक ई एक प्रदेश से दूसरा प्रदेश के बीच अलग-अलग मात्र में रही।[9][10] गरमाहट में बढती के फल के रूप में ई अनुमान लगावल गइल बा कि एकरा से पूरा बिस्व के ताप बढ़ी, समुंद्र तल में उठान होखी, बरखा के पैटर्न में बदलाव होखी आ उपोष्णकटिबंध में रेगिस्तान सभ के बिस्तार बढ़ी।[11]

इहो देखल जाय[संपादन]

संदर्भ[संपादन]

  1. Gillis, Justin (28 November 2015); "Short Answers to Hard Questions About Climate Change"; दि न्यू यॉर्क टाइम्स; पहुँचतिथी 29 November 2015. 
  2. Simpson, John; Oxford English Dictionary; (Global warming is a) gradual increase in the overall temperature of the earth’s atmosphere generally attributed to the greenhouse effect caused by increased levels of carbon dioxide, CFC’s, and other pollutants. 
  3. Hartmann, D. L.; Klein Tank, A. M. G.; Rusticucci, M. (2013); "2: Observations: Atmosphere and Surface"; IPCC WGI AR5 (Report); p. 198; Evidence for a warming world comes from multiple independent climate indicators, from high up in the atmosphere to the depths of the oceans. They include changes in surface, atmospheric and oceanic temperatures; glaciers; snow cover; sea ice; sea level and atmospheric water vapour. Scientists from all over the world have independently verified this evidence many times. 
  4. "Myth vs Facts...."; EPA (US); 2013. The U.S. Global Change Research Program, the National Academy of Sciences, and the Intergovernmental Panel on Climate Change (IPCC) have each independently concluded that warming of the climate system in recent decades is 'unequivocal'. This conclusion is not drawn from any one source of data but is based on multiple lines of evidence, including three worldwide temperature datasets showing nearly identical warming trends as well as numerous other independent indicators of global warming (e.g., rising sea levels, shrinking Arctic sea ice).
  5. Borenstein, Seth (29 November 2015); "Earth is a wilder, warmer place since last climate deal made"; पहुँचतिथी 29 November 2015. 
  6. IPCC, Climate Change 2013: The Physical Science Basis - Summary for Policymakers, Observed Changes in the Climate System, p. 4, in Script error: The function "harvard_citation_no_bracket" does not exist.. "Warming of the climate system is unequivocal, and since the 1950s, many of the observed changes are unprecedented over decades to millennia."
  7. "It is extremely likely that human influence has been the dominant cause of the observed warming since the mid-20th century." IPCC, Climate Change 2013: The Physical Science Basis - Summary for Policymakers, Observed Changes in the Climate System, p. 15, in Script error: The function "harvard_citation_no_bracket" does not exist..
  8. Stocker et al., Technical Summary, in Script error: The function "harvard_citation_no_bracket" does not exist..
  9. Parry, M.L., "Technical summary", Box TS.6. The main projected impacts for regions , in Script error: The function "harvard_citation_no_bracket" does not exist.
  10. Solomon et al., Technical Summary, Section TS.5.3: Regional-Scale Projections, in Script error: The function "harvard_citation_no_bracket" does not exist..
  11. Lu, Jian; Vechhi, Gabriel A.; Reichler, Thomas (2007); "Expansion of the Hadley cell under global warming" (PDF); Geophysical Research Letters 34 (6): L06805; Bibcode:2007GeoRL..3406805L; doi:10.1029/2006GL028443. 

बाहरी कड़ी[संपादन]