डिजिटल फोटोग्राफी

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Nikon D700 — a 12.1-megapixel full-frame DSLR
The Canon PowerShot A95

डिजिटल फोटोग्राफी, फोटोग्राफी क एगो प्रकार ह जवने में फोटो खींचे खातिर इलेक्ट्रॉनिक फोटोडिटेक्टर सरणी युक्त, लेंस की जरिए फोकस करे वाला कैमरा क उपयोग होला, इ पुराना तकनीक की बिल्कुल उलट बा जहाँ फोटो एगो फिल्म पर स्टोर होला। एमें खिंचल फोटो डिजिटल फॉर्मेट में एगो कंप्यूटर फ़ाइल की तौर पर स्टोर कइल जाला जवन आगे की प्रक्रिया जैसे की डिजिटल प्रोसेसिंग, डिजिटल पब्लिशिंग या प्रिंटिंग खातिर तैयार होला।

ए तरह की तकनीक की आगमन तक, तस्वीर प्रकाश की प्रति संवेदनशील फोटो फिल्म और कागज की द्वारा बने, बाद में फोटो के डेवलेप करे खातिर तरल रासायनिक घोल क इस्तेमाल करे के पड़े। डिजिटल तस्वीरन के आम तौर पर कंप्यूटर आधारित फोटोइलेक्ट्रिक और यांत्रिक तकनीक की इस्तेमाल से बनावल जाला, बिना कौनो रासायनिक घोल वाला प्रक्रिया के।

डिजिटल फोटोग्राफी डिजिटल इमेजिंग की कई प्रकार में से एगो ह। एकरी अलावा डिजिटल तस्वीरन के गैर फोटोग्राफिक उपकरण की इस्तेमालो से बनावल जा सकेला, जैसे की कंप्यूटर टोमोग्राफी स्कैनर और रेडियो दूरबीन की उपयोग से। डिजिटल तस्वीरन के अन्य मुद्रित फोटो या फिर निगेटिव क स्कैनिंग क के भी बनावल जा सकेला।

पहिला उपभोक्ता डिजिटल कैमरन क 1990 की दशक में विपणन कइल गईल रहे। पेशेवर धीरे धीरे डिजिटल की तरफ आकर्षित हो गईन स, और उन्हन के एकर लाभ ऐसन समय में मिलल जब नियोक्ता चाहें ग्राहक डिजिटल फाइल्स क माँग करें स, काहें की डिजिटल फ़ाइल पर पारम्परिक तरीका की तुलना में ज्यादा तेज काम होखे।

2007 की शुरुआत में डिजिटल कैमरा सेलफोन में शामिल कइल गइल और बाद की साल में इ पूरी तरह से फ़ैल गईल काहें की इ सोशल मिडिया, ईमेल जैसन सुविधा से जुड़ल रहे।

डिजिटल कैमरा[संपादन]

इतिहास[संपादन]

15 जुलाई 1965 के मंगल ग्रह की पहिला नजदीक से गुजरे वाला अन्तरिक्ष यान मेरिनर -4 की जरिए नासा द्वारा डिजाइन कइल कैमरा से तस्वीर लिहल गईल रहे। एमें ठोस अवस्था वाला सेंसर तत्व क मोजेक के बजाय डिजिटाइज़र आधारित एगो विडियो कैमरा क इस्तेमाल कइल गईल रहे, मगर एके हमनी क डिजिटल कैमरा की तौर पर परिभाषित नाहीं करेनी जा, इ एगो डिजिटल छवि बनवलस जेके मंद गति से धरती प भेजे खातिर एगो टेप पर संग्रहित कइल गईल रहे।[1]

डिजिटल कैमरा की निर्माण क पहिला दर्ज प्रयास 1975 में स्टीवन सैसन जवन ईस्टमैन कोडक में इंजीनियर रह न, उनकी द्वारा कइल गईल रहे।[2][3] इ ओ समय क एगो नया बनल ठोस अवस्था वाला इमेज सेंसर चिप क इस्तेमाल कईन, इ चिप फेयरचाइल्ड सेमीकंडक्टर द्वारा 1973 में विकसित कइल गईल रहे।[4] कैमरा क वजन 8 पाउंड (3.6 किलो) रहे, इ ब्लैक एंड वाइट तस्वीर खिंचले रहे जवन की कैसेट टेप पर संग्रहित कइल गईल। मगर इ प्रोटोटाइप कैमरा खाली एगो तकीनीकी प्रयोग रहे और एकर बनवले क उद्देश्य व्यवसायिक उत्पादन क नाहीं रहे।

पहिला डिजिटल कैमरा जवन की कम्प्यूटरीकृत फ़ाइल के रूप में फोटो रिकॉर्ड कइलस उ संभवतः 1988 के फ़ूजी डी एस-1P रहे, एमें एगो 16 एमबी की आंतरिक मेमोरी कार्ड रहे और डाटा के मेमोरी में स्टोर करे खातिर एमें एगो बैटरी क इस्तेमाल कइल गईल रहे। ए कैमरा क कबो अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मार्केटिंग नाहीं कइल गईल और एहू बात क पुष्टि नइखे भइल की इ कबो जापान की अंदरों कहीं भेजल गईल होखे। पहली व्यावसायिक रूप से उपलब्ध डिजिटल कैमरा, 1990 क डाईकैम मॉडल 1 रहे; एके लोजीटेक फोटोमेन नामों से बेंचल गईल।[5][6]

संदर्भ[संपादन]

  1. "मेरिनर बुध, शुक्र और मंगल ग्रह के लिए"; नासा के तथ्य; पहुँचतिथी 2 August 2012. 
  2. "कोडक से डिजिटल फोटोग्राफी मील के पत्थर"; फोटोग्राफी इंटरनेशनल में महिलाओं; पहुँचतिथी 17 September 2007. 
  3. "कोडक ब्लॉग: हम कोई विचार नहीं था". 
  4. माइकल आर. पेरेज (2007); फोटोग्राफी के फोकल विश्वकोश (4 संस्करण); फोकल प्रेस; ISBN 0-240-80740-5. 
  5. "1990"; डीजीकैम हिस्ट्री डॉट कॉम; पहुँचतिथी 17 September 2007. 
  6. "Dycam मॉडल 1: दुनिया का पहला उपभोक्ता अभी भी डिजिटल कैमरा"; डीजीबार्न कंप्यूटर संग्रहालय.