रामेश्वरम
| Ramanathaswamy Temple | |
|---|---|
| Arulmigu Sri Ramanathaswamy Tirukkoyil | |
| बेसिक जानकारी | |
| लोकेशन | Rameswaram |
| अक्षांस-देशांतर | 9°17′17″N 79°19′02″E / 9.288106°N 79.317282°Eनिर्देशांक: 9°17′17″N 79°19′02″E / 9.288106°N 79.317282°E |
| धर्म/मत | Hinduism |
| देवता | Ramanathaswamy (Shiva) Parvatavardhini (Parvati) Rama |
| District | Ramanathapuram |
| राज्य | Tamil Nadu |
| देस | |
| वेबसाइट | https://rameswaramramanathar.hrce.tn.gov.in/hrcehome/index_temple.php?tid=35671 |
| Architectural description | |
| आर्किटेक्चर प्रकार | Tamil architecture |
| Creator | Pandya and Jaffna kings |
रामेश्वरम मंदिर भा रामेश्वरम तीर्थ, जेकरा के तमिल में रामनाथस्वामी मंदिर भा रामनाथस्वामी कोयिल कहल जाला, एगो प्रसिद्ध हिंदू मंदिर हवे जे शिव के समर्पित बाटे। तमिलनाडु के रामेश्वरम द्वीप पर स्थित ई प्रमुख हिंदू मंदिर हिंदू धर्म के बारह गो ज्योतिर्लिंग मंदिरन में सामिल बाटे। ई मंदिर पादल पेत्र स्थलम कहल जाए वाला 276 पवित्र शैव तीर्थस्थलन में भी शामिल बा, जिनकर महिमा अप्पर, सुंदरर आ संबंदर जइसन नायनार संत लोग अपना भक्ति गीतन में गवले बाड़ें। परंपरा के अनुसार, राम लंका जाए से पहिले एह मंदिर में स्थापित शिवलिंग के पूजा कइले रहलें। मानल जाला कि लंका (आज के श्रीलंका) जाए खातिर राम जे पुल पार कइले रहलें, ओकरा के राम सेतु कहल जाला। एह कारण रामनाथस्वामी मंदिर के रामायण आ रामकथा परंपरा में बिसेस महत्त्व हासिल बा।
ई मंदिर हिंदू धर्म के प्रसिद्ध चार धाम तीर्थस्थलन में भी सामिल बा, जिनहन के के दर्शन कइल बहुते पबित्र मानल जाला। मंदिर के विस्तार मुख्य रूप से 12वीं सदी में पांड्य वंश के शासनकाल में भइल। बाद में जाफना राज्य के शासक जयवीर सिंकैयारियन आ उनका उत्तराधिकारी गुणवीर सिंकैयारियन मंदिर के मुख्य गर्भगृह के जीर्णोद्धार करवले रहलें। रामनाथस्वामी मंदिर भारत के सभ हिंदू मंदिरन में सबसे लमहर परिकरमा गलियारा (कॉरिडोर) खातिर प्रसिद्ध बा। एकरे निर्माण आ बिकास में मुथुरामलिंग सेतुपति के योगदान महत्त्वपूर्ण मानल जाला।
ई मंदिर शैव, वैष्णव आ स्मार्त—तीनूँ प्रमुख हिंदू परंपरन के श्रद्धालुन खातिर महत्त्वपूर्ण तीर्थस्थल मानल जाला।