मास्टर अजीज
मास्टर अजीज (5 मार्च 1910 – 1973) बिहार के सारण जिला (अमनौर) के प्रसिद्ध भोजपुरी लोकगीतकार, कीर्तनिया आ स्वतंत्रता सेनानी रहलें। ऊ “भोजपुरी के दूसरा कबीर” के नाम से जानल जालन।[1] ऊ आपन रचना में साम्प्रदायिक सौहार्द, राम–कृष्ण के भजन-कीर्तन आ देशभक्ति के भाव के खूब सुंदर तरीका से प्रस्तुत कइलें। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उनका गीत बहुत लोकप्रिय रहल। ऊ मूल रूप से कीर्तनिया रहलें, जे गाँव-गाँव घूम के राम, कृष्ण आ शिव के कथा के साथे देशभक्ति गीत गावल करेलें। ऊ निर्गुण आ सगुण दुनो धारा के साथे लेके चले वाला कवि रहलें, आ हिंदू–मुस्लिम दुनो समाज में बराबर सम्मान पावेलें। स्वतंत्रता संग्राम के समय ऊ अपना गीतन से लोग में देशभक्ति आ राष्ट्रवाद के भावना जगवलें। आजो उनका सम्मान में उनका गीत लोक कलाकार लोग—जइसे चंदन तिवारी—द्वारा गावल जाला, आ उनका भोजपुरी भाषा आ देस खातिर कइल योगदान के याद कइल जाला।
जिनगी
[संपादन करीं]मास्टर अजीज के जनम कंडकुना गाँव (अमनौर, छपरा, बिहार) में भइल। 1973 में उनकर निधन भइल।
संदर्भ
[संपादन करीं]- ↑ द्विवेदी, भगवती प्रसाद (27 अगस्त 2021). "भोजपुरी के दोसरका कबीर रहले मास्टर अजीज, हिंदू-मुस्लिम दूनों धर्म से भइल रहे अंतिम संस्कार". hindi.news18.com. news18.com. Retrieved 2 अप्रैल 2026.
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बाहरी कड़ी
[संपादन करीं]- मास्टर अजीज, कविता कोश प।
- मास्टर अजीज के कीर्तन, भाग-1, भोजपुरी साहित्यांगन प।
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