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दीप

विकिपीडिया से
फिजी देस के एगो छोटहन दीप
ब्रिटिश दीपसमूह कई ठे दीप सभन से मिल के बनल हवे जेह में ग्रेट ब्रिटेनआयरलैंड सभसे बड़ बाने
अमेरिका में एगो झील के बीचा में दीप
चीन में एगो चट्टानी टापू
ब्राजील के ई दीप सभ वास्तव में पहाड़ सभन के निचला हिस्सा के बूड़ जाए के कारण बनल हवें
जमीन के नीचे के गुफा में बनल एगो दीप
मैनहट्टन में करीब 16 लाख लोग निवास करे ला
अंतरिक्ष से हवाई दीप के लिहल फोटो
जापान के कंसाई हवाइअड्डा एगो बनावटी दीप पर बा

दीप भा टापू (Island; हिंदीसंस्कृत: द्वीप) महादीप से छोटहन साइज के जमीनी हिस्सा टुकड़ा होल जेवन चारो ओर से पानी से घेराइल होखे।[1][2] दुसरे शब्दन में, समुंद्र, झील भा नदी के बीचा में पानी से घेराइल जमीन के दीप भा टापू कहल जाला। दीपन के उनहन के उत्पत्ती के आधार पर कई किसिम में बाँटल जाला। महादीपीय दीप भा टेक्टोनिक दीप ओह दीपन के कहल जाला, जे प्लेट टैक्टॉनिक्स के कारण कवनो महादीप (कंटीनेंट) से अलग होके बनल बाड़ें; ई कंटीनेंटल शेल्फ के हिस्सा होलें।[1] जबकि महासागरीय दीप अइसन दीप हउवें, जे कबो कवनो महादीप के हिस्सा ना रहल हवें। महासागरीय दीप ज्वालामुखी गतिविधि से बन सके लें आ बाद में चल के कोरल रीफ (मूँगा के चट्टान) के बिकास से ई एटॉल के रूप ले सके लें। समुंद्र तट पर तलछट के जमाव से दीप बन सके ला, जवना के बैरियर आइलैंड कहल जाला। नदीझील में भी अगर कौनों अइसन रचना होखे तब ओहू के दीपे कहल जाला। भोजपुरी क्षेत्र में नदी के बीच अइसन टापू सभ के दिया चाहे दियारा कहल जाला; हालाँकि, ई शब्द नदी के तीरे निचली कछारो वाली जमीन खातिर इस्तेमाल होला। आर्टिफिशियल दीप ऊ दीप हउवें, जे मनुष्य द्वारा बनावल जालें। एहमें लैगून के भीतर बनावल गइल छोट-छोट चट्टानी दीप से ले के, बिकास कार्य खातिर समुद्र भा झील के हिस्सा माटी-बालू भर के तइयार कइल गइल बड़हन साइज के लैंड रिक्लेमेशन परियोजना तक शामिल बाड़ी स।

दीप अनेक प्रकार के पेड़-पौधा आ जिया-जंतु के निवास होलें। महासागरीय दीपन के चारों ओर समुंद्र होखे के कारण नया प्रजातियन के उहाँ पहुँचे में प्राकृतिक बाधा रहेला। एहसे जवन प्रजाति दीप तक पहुँच जालीं, ऊ बाकी दुनिया से अलग रहके अपनहीं ढंग से बिकसित होखे लागे लीं। महाद्वीपीय दीपन पर ओह महाद्वीप के पेड़-पौधा आ जीव-जंतु पावल जालें, जवना महादीप से ऊ अलग भइल रहलें। अगर महाद्वीपीय दीप बहुत पहिले महाद्वीप से अलग भइल होखे, त नेचुरल सिलेक्शन के कारण ओह दीप के जीव-जंतु आ वनस्पति समय के साथ मुख्य भूमि (मेन महादीप) पर पावल जाए वाला प्रजातियन से काफी अलग किसिम के बिकसित हो सके लीं। टापू सब के जीवभूगोल के अध्ययन के आइलैंड बायोज्योग्राफी कहल जाला।

मनुष्य कम से कम हजारन साल से दीपन पर रहत आ एक दीप से दुसरे दीप तक जतरा करत आइल बा। इतिहासी जुग में कुछ दीपन पर लोग थलसेतु (लैंड ब्रिज) के जरिये चहुँपल, कुछ महादीपन से अलग भइला के बाद आबाद भइलें, जबकि कई दीपन तक लोग नाइ से पहुँच के बसल। धरती के बहुत उत्तर भा दक्खिन (ध्रुव वाला इलाका सभ में) के कुछ दीपन के मौसमी बर्फ भा हिमनद के बर्फ मुख्य भूमि से जोड़ देले आ ई पुल के काम कइले होखिहें। आज दुनियाँ में मनुष्य के लगभग 10% आबादी दीपन पर रह रहल बाटे। प्राकृतिक सुंदरता, अलगाव आ अनोखा संस्कृति के चलते दीप पर्यटक लोगन के बहुते पसंदीदा पर्यटन स्थल भी हउवें।

दीप यूरोपीय देशन के उपनिवेश बनावे के दौर में मेन टारगेट बन गइल रहलें। एह कारण प्रशांत महासागर के अधिकांश दीप यूरोपीय शासन के अधीन आ गइलें। बाद में उपनिवेशवाद के अंत (डीकोलोनाइजेशन) के प्रक्रिया से कई दीप, हालाँकि सभे ना, आजाद भा खुदशासित देश बन गइलें। उपनिवेशवाद के प्रभाव आजुओ औद्योगीकरण, बाहरी (आक्रामक) प्रजातियन के फैलाव, परमाणु हथियार के परीक्षण आ पर्यटन के रूप में देखल जा सकेला। आज दीप आ दीप देश जलवायु बदलाव से गम्हीर खतरा झेल रहल बाड़ें। समुद्र तल के बढ़त लेवल से मालदीव, मार्शल दीपसमूहतुवालू जइसन देशन के पूरा तरीका से समुंदर में बूड़ जाए के खतरा मेंड़रा रहल बा। उष्णकटिबंधीय चक्रवातन के फ्रीक्वेंसी आ तीव्रता बढ़ला से आधारभूत ढाँचा आ जंगली जीवन के आवास के भारी नुकसान हो सके ला।जवन प्रजाति खाली दीपन पर पावल जाली, ऊ विलुप्त होखे के सबसे बेसी खतरा झेलत बाड़ी स। कुछ दीप अंतरराष्ट्रीय विवाद के मुद्दा बाड़ें; उदाहरण खातिर, ताइवान पर चीन अपना दावा करे ला।

परिभाषा

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दीप जमीन के अइसन हिस्सा होला, जे चारों ओर से पानी से घेराइल होखे आ कवनो महादीप न होखे। दीप आ महादीप के अलग करे खातिर साइज के कवनो तय मानक नइखे। महादीप सभ के भूगर्भीय आधार पर परिभाषित कइल बाटे। ई कवनो बिसेस टेक्टोनिक प्लेट पर स्थित सबसे बड़हन भूभाग होलें।[3] दीप झील, नदी, समुद्र आ दुसरा जलाशयन में कतहूँ बन सके लें।[4] जवन जमीनी हिस्सा ज्वार के समय पानी के ऊपर ना रहेला आ खाली भाटा के समय दिखाई देला, ओहके आमतौर पर दीप ना मानल जाला।[5] कुछ दीप, जे भूमि पुनरुद्धार (लैंड रिक्लेमेशन) भा पुल के माध्यम से मुख्य भूमि से जोड़ दिहल गइल बाड़ें, कुछ संदर्भन में अब दीप ना मानल जालें। हालाँकि ई बात सभे स्थिति में लागू नइखे।[6]

मनुष्य आ दीप

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अपना अलग किसिम के आबोहवा, संस्कृति आ प्राकृतिक सुंदरता के कारण दीप बहुत समय से पर्यटकन के पसंदीदा पर्यटन स्थल रहल बाड़ें। हालाँकि, कई दीपन में हवाई जहाज आ नाव के सीमित सुबिधा के चलते आवागमन में कठिनाई हो सके ले। एकरे साथे-साथ, पर्यटकन के बेसी संख्या होखले पर सड़क, पानी, बिजली आ बाकी इन्फ्रास्ट्रक्चर सुबिधा सभ पर दबावो बढ़ जाला।

ठंडा जलवायु वाला दीपन में पर्यटन अक्सर मौसमी (सीजनल) होला। उहाँ लोग प्राकृतिक सुंदरता आ स्थानीय संस्कृति के आनंद लेवे खातिर आवेला, आ पर्यटन दीप के अर्थव्यवस्था के खाली एगो हिस्सा होखेला। एकरा विपरीत, उष्णकटिबंधीय दीपन में पर्यटन कई बेर स्थानीय अर्थव्यवस्था आ बिकास के सबसे मेन आधार बन जाला। एह दीपन के आर्थिक बिकास बनवले रखे खातिर पर्यटन के साथे-साथ कई बेर लगातार विदेशी सहायता के भी जरूरत पड़े ला।

इहो देखल जाय

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  1. 1 2 "Definition, Types, Examples, & Facts". Encyclopedia Britannica. 21 June 2026. Retrieved 11 July 2026.
  2. "island". Cambridge Dictionary. 8 July 2026. Retrieved 11 July 2026.
  3. "Continent". education.nationalgeographic.org (अंग्रेजी में). Archived from the original on July 16, 2019. Retrieved June 26, 2024.
  4. "Island". education.nationalgeographic.org (अंग्रेजी में). Retrieved July 13, 2024.
  5. Baldacchino, Godfrey (2007). Bridging islands: the impact of fixed links. Charlottetown, Prince Edward Island: Acorn Press. ISBN 978-1-894838-24-5. OCLC 70884504.
  6. Pigou-Dennis, Elizabeth; Grydehøj, Adam (2014). "Accidental and ideal island cities: islanding processes and urban design in Belize City and the urban archipelagos of Europe". Island Studies Journal. 9 (2): 259–276. doi:10.24043/isj.305.

बाहरी कड़ी

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  • विकिमीडिया कॉमन्स पर Island (category) से संबंधित मीडिया
  • Quotations related to Islands at Wikiquote