कबिता

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कबिता आदमी की मन की भावना के प्रगट करे क एअगो माध्यम आ साहित्य क एगो बिधा हवे जेवन लय आ तुक में बन्हल रचना होले आ अलंकार वाली भाषा क प्रयोग होला। हालाँकि संस्कृत की एगो परिभाषा "वाक्यं रसात्मकं काव्यं" की अनुसार ऊ सगरी वाक्य-रचना जिनहन के पढ़ला-सुनला पर मन में रस के अनुभूति होला, ऊ कबिता कहालीं।