आत्महत्या प धार्मिक बिचार

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आत्महत्या प ढ़ेर धार्मिक बिचार बाड़ऽसन।

प्रकृतिक धरम[संपादन]

द गोल्डन बो पुस्तक के अनुसार हत्या आ आत्महत्या सामान्य बा आ सतत रूप से होला।

आदि कोलंबिया[संपादन]

उत्तर आ दक्खिन अमेरिका मे ई एगो सामान्य काज बा।[1]

पगनवाद[संपादन]

एहू मे आत्महत्या के खराब नइखे मानल गईल।[2][3][4]

धार्मिक धरम[संपादन]

बौद्ध धर्म मे अईसन मानल जाला जे केहू के पहिले के करम के असर बर्तमान के भोग प पड़ेला, आ बर्तमान के करम आगे के भोगिआ निरधारित करेला। देह, माथा चाहे बोली से सोच के कइल किरिया के एगो परतिकितिरिया होला। एही परतिकितिरिया के चलते बेकत आपन जिनगी मे सुख चाहे दुख भोगेला।

बौद्ध धर्म जे हर केहू आपन जिनगी मे दुक्ख भोगेला, एह दूक्ख के कारन पहिले के कइल कुकरम होखेला आ एकरे चलते अदिमी जनम मरन के चाक मे बन्हाइल रहेला। एकरा से बहरी निहले ला बौद्ध धर्म मे अरिय अठांगिक मग्ग देल बा।

बौद्ध धरम के पहिल्का उपदेस जीनगी के बिनास से बचे के बा एह से आत्महत्या करे से भूल मानल बा। जदि केहू खीस मे आत्महत्या करऽता तऽ अगिला जनम मे ओकरा बड़ी दुक्ख होखी।[5][6] आत्महत्या के मनाही नइखे बाकिर एहसे निरबान प्राप्त होखे मे दिक्कत होला आ जीवन मरन के चाक चलत रहेला।[7]

संदर्भ[संपादन]

  1. Frazer, J. G. (2016). The Golden Bough : a Study in Magic and Religion. Palgrave Macmillan Limited. ISBN 978-1-349-00400-3. OCLC 1084428217.
  2. Danielle Gourevitch, "Suicide among the sick in classical antiquity." Bulletin of the History of Medicine 43.6 (1969): 501-518.
  3. John D. Papadimitriou, et al. "Euthanasia and suicide in antiquity: viewpoint of the dramatists and philosophers." Journal of the Royal Society of medicine 100.1 (2007): 25-28. online
  4. Anton J. L. Van Hooff, From autothanasia to suicide: Self-killing in classical antiquity (Routledge, 2002).
  5. 千萬不要自殺﹗--悔恨千年剧烈痛苦!
  6. 珍惜生命(墮胎與自殺的真相)
  7. 論佛教的自殺觀