अंकगणित

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अंकगणित गणित के तीन बड़ शाखा में एक ह। अंक चाहे संख्या के गणना से जुडल गणित के शाखा के अंकगणित कहल जाला । एकरा के (ग्रीक मेंΑριθμητική, जर्मन में Arithmetik, अंगरेजी में भी Arithmetic) कहल जाला। ई गणित के जरी ह। गणित के तीन को प्रकार बतावल गईल बा अंकगणित ,बीजगणित आ रेखा गणित एकरा में से अंकगणित से ही गणित शिक्षा के सुरुआत कइल जाला संसार में अईसन शायदे केहु होई जे अंकगणित के उपयोग न करत होई। अंकगणित के अंतर्गत जोड़, घटाव, गुना, भाग, भिन्न,दसमलव आदि के गड़ना कइल जाला |

अंकगणित के उत्पत्ति

आदमी जब उत्पन्न भइल तब ओकरा खेती-पाती के ज्ञान न रहे उ जंगल में फल आदि बटोर के खात रहे। फल बटोरे ओकरा दुरी जंगल में जायेके परत रहे। बरसात आदि में फल आदि के भण्डारण के समय फल आदि के गिनती के जरूरत भइल होई तब गणित तथा अंक के आवश्य्कता भइल | तब उ अपना अंगूरी के अंक बनवले | अंगूरी से अंगूरी के जब गिनब तब 9 गो अंगूरी मिली। एह प्रकार से 9 गो प्राकृतिक संख्या के आविष्कार भइल | जहां कवनो अंक ना रहे ओहिजा गोली पार दिआत रहे। वही गोली के बाद में शून्य नाम दिहल गईल वही गोली प चढ़ा के जब दोसर गोली लिखल गईल तब वोकर नाम अनंत दिहल गईल आर्यावर्त में अंकगणित के ज्ञान बहुत पुराना ह। बेद में भी गड़ना के उल्लेख मिलेला। आज भी शून्य ,अनंत आदि आर्यावर्त के ही देन मानल जाला।


अंक :- 1 से 9 तक के आकर के अंक कहल जाला अंक अवधी भाषा के देशज शब्द ह एकर मतलब गोद होला एह शब्द के हिंदी भाषा में भी प्रयोग भइल बा। रामचरित मानस में तुलशीदास जी भी एह शब्द के प्रयोग कइले बानी।

संख्या एक से अधिक अंक के जब एक संगे लिखल जाला तब ओकरा के संख्या कहल जाला। भोजपुरी में एहि से मिळत - जुलत एक अउर शब्द बा संखा जवना के मतलब संतान होला |


अंक गणित में गड़ना के प्रकार

अंक गणित में चार प्रक़र के गड़ना कइल जाला |

♦ जोड़:- संख्या दू प्रक़र के मानल गईल बा एगो के ऋणात्मक संख्या आ दोसरकी के धनात्मक संख्या कहल गईल बा गणित में एगो संख्या रेखा के कल्पना कइल जाला जेकरा मध्य में शून्य आ बाये दहिने कमश ऋणात्मक संख्या आ धनात्मक संख्या मानल गईल बा चित्र देखि अब धनात्मक संख्या चाहे ऋणात्मक संख्या के आपस में जोड़े के किया जोड़ कहल जाला जैसे : 2 + 5 = 7 या -5 +-3 =-8

♦ घटाव :- दुनो प्रकार के संख्या के आपस में घटावे के क्रिया घटाव कहला जैसे 5-3 = 2 या -8 - -5 =-13

♦ गुना :- दुनो प्रकार के संख्या के आपस के गुडांफल निकले के किया के गुना कहल जाला जैसे 5 X 3 = 15

♦ भाग :- दुनो प्रकार के संख्या के आपस में भागफल निकले के क्रिया भाग कहला जैसे 6 ÷ 3 = 3