लाँड़

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एशियाई हाथी के लाँड़

लाँड़ (संस्कृत:लिङ्ग, अंगरेजी:Penis) बहुत सारा जानवर सभ में नर सभ में सेक्स संबंधी अंग होला जे मैथुन यानी सेक्स करे के समय मादा के अंग में प्रवेश करे आ बीज चहुँपावे के काम करे ला।[1]

ई कई वर्टीब्रेट आ इनवर्टीब्रेट सभ में पावल जाला बाकी हर नर जानवर में पावल जाय इहो जरूरी ना बाटे। ज्यादातर जानवर सभ में ई बाहरी अंग होला, मने कि शरीर से बहरें निकलल रहे ला।

लाँड़ शब्द के प्रयोग अलग-अलग जानवरन में, मादा के अंग में प्रवेश करे वाला अलग-अलग अंग सभ के कहल जाला बाकी अइसन सगरी अंग सभ के लाँड़ कहल जाय इहो जरूरी ना बा। उदहारण खाती कई ठो किरौना के प्रजाति सभ में एह तरह के प्रवेश खातिर इस्पेशल टांग/बाँह होखे ले जबकि मकड़ी सभ में जबड़ा के आगे निकले वाला पेडीपाल्प (मुँह के दुनो ओर के सूंढ़ भा चिमचा नियर अंग) से सेक्स के समय बीज पहुँचावे के काम होला, आ इनाहन के लाँड़ ना कहल जाला भले ई काम उहे करे लें। एकरे अलावा स्तनधारी (मैमल) सभ के एगो बर्ग यूथेरिया सभ में ई अंग दू गो काम करे ला, सेक्स के समय बीज निकालल आ पेशाब लागे पर पेशाब निकालल।

संदर्भ[संपादन]

  1. Janet Leonard; Alex Cordoba-Aguilar R (18 June 2010); The Evolution of Primary Sexual Characters in Animals; Oxford University Press; ISBN 978-0-19-971703-3; ओरिजिनल से पुरालेखित 11 October 2013 के; पहुँचतिथी 20 July 2013.