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होर्मुज जलडमरू

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होर्मुज़ जलडमरू
सैटलाइट इमेज में होरमुज़ जलडमरू
Topographic map of Iran and surrounding areas, including the Strait of Hormuz
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होर्मुज़ जलडमरू
Strait of Hormuz (Iran)
Topographic map of Iran and surrounding areas, including the Strait of Hormuz
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होर्मुज़ जलडमरू
Strait of Hormuz (West Asia)
लोकेशनफारस के खाड़ीओमान के खाड़ी
निर्देशांक26°36′N 56°30′E / 26.6°N 56.5°E / 26.6; 56.5निर्देशांक: 26°36′N 56°30′E / 26.6°N 56.5°E / 26.6; 56.5
प्रकारजलडमरू
थाला के देसईरान, ओमान, यूनाईटेड अरब अमीरात
न्यून. चौड़ाई21 समु-मील (24 मील; 39 किमी)
दीपहोर्मुज दीप
कश्म दीप
आबादी

हर्मुज़ जलडमरू (फारसी: تنگه هرمز, अरबी: مضيق هرمز) एगो जलडमरू हवे, जे फारस के खाड़ीओमान के खाड़ी के बीच पड़ेला आ इनहन के जोड़ के समुंद्री रस्ता बनावेला। ई फारस के खाड़ी से खुला समुंदर तक जाए वाला एकलौता समुंद्री रास्ता हवे, आ दुनिया के सबसे रणनीतिक “चोक प्वाइंट” में गिनल जाला। सदियन से ई इलाका अइसने महत्व वाला रहल चलि आइल बाटे—जेकरा पीछे बिसाल जमीनी हिस्सा बाटे, जहाँ बहुते कीमती व्यापारिक सामान मिलेला, बाकिर लाभदायक बंदरगाहन तक पहुँच आसान ना हवे आ इहे जलडमरू एकलौता रस्ता हवे जहाँ से एह बिसाल भूभाग के चीजन के समुंद्री ब्यापार हो सके। अपना संस्मरण में बाबर (मुगल राज के पहिलका बादशाह) लिखलन कि कइसे बादाम दूर फ़रगाना क्षेत्र से उठाके हॉर्मुज़ ले लियावल जात रहे, ताकि ऊ बजार तक पहुँच सके।

हॉर्मुज़ जलडमरू के उत्तर किनारा पर ईरान पड़ेला, आ दक्षिण किनारा पर मुसंदम प्रायद्वीप बा, जे संयुक्त अरब अमीरात आ मुसंदम गवर्नरेट (जे ओमान के एगो अलग–थलग हिस्सा हवे) में बाँटल बा। ई जलडमरूमध्य करीब 104 माइल (90 समुंद्री मील; 167 किमी) लमहर बा, आ एकर चौड़ाई लगभग 60 माइल (52 समुंद्री मील; 97 किमी) से घट के 24 माइल (21 समुंद्री मील; 39 किमी) तक हो जाला।

2023 से 2025 तक, करीब 20 % दुनिया के लिक्विफाइड प्राकृतिक गैस (LNG) आ 25% समुद्र से होखे वाला तेल के व्यापार हर साल हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुजरल। एहसे ई मार्ग दुनियाभर के ऊर्जा व्यापार में सबसे महत्वपूर्ण रहल बा। मध्यपूर्व के संघर्षवो के दौरान ई जलडमरूमध्य अब तक ले कौनों लमहर समय खातिर बंद ना भइल बा (जइसन तिरान जलडमरू/बाब-एल-मंदेब जलडमरू के साथ कुछ इलाका में भइल), बाकिर ईरान कई बेर एकरा बंद करे के धमकी देवत रहल बाटे।

28 फरवरी 2026 के दिन, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) समुद्री जहाजन के VHF रेडियो संदेश भेजलें, जवना में कहल गइल कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से “कवनो जहाज गुजरला के अनुमति नइखे।” ई सनेसा तब भेजल गइल जब अमेरिका आ इज़राइल के हमलन के बाद तनाव बढ़ गइल बा, जवना में तेज हवाई आ मिसाइल ठोकाव शामिल रहल। कई जहाज VHF पर ई चेतावनी सुने के बाद या त रुक गइलें या वापस लौट गइलें, काहेकि सुरक्षा गारंटी (बीमा) नइखे मिलत। एह चेतावनी के बावजूद आधिकारिक रूप से पूरा ब्लॉक देश के तरफ से दर्ज़ ना भइल, बाकिर कई कंपनियन आ जहाजन के मालिक लोग होर्मुज़ के रास्ता से गुजरल बंद क देहल। एही से समुद्री यातायात आ पेट्रोलियम के सप्लाई भारी प्रभावित भइल बा।

“हॉर्मुज़” शब्द के उत्पत्ति (etymology) फारसी भाषा से मानल जाला, जवन ज़रथुष्ट्र धर्म के देवता अहुरा मज़्दा के नाम के मिडिल फारसी उच्चारण से निकलल मानल जाला। एकरा अलावा ई भी मानल गइल बा कि ई नाम स्थानीय फारसी शब्द हुर-मोग़ से आइल हो सकेला, जेकर मतलब “खजूर के जगह” होला। एगो अउरी दूसर बिचार वाला लोगन के थियरी कहेला कि हॉर्मुज़ जलडमरू के नाम शायद 'इफ्रा होर्मिज़्द' पर रखल गइल होखे, जे फारस के राजा शापुर द्वितीय के माई रहली (जे 309 से 379 ईस्वी तक शासन कइलें)। एक ठो कम संभावना वाला थियरी इहो बा कि ई नाम यूनानी शब्द होर्मोस (ὅρμος) से आइल हो सके ला, जेकर मतलब “खाड़ी” भा “छोटहन बंदरगाह” होला।

नेविगेशन

[संपादन करीं]

आपस में टक्कर के खतरा कम करे खातिर, जलडमरू से गुजरत जहाज ट्रैफिक सेपरेशन इस्कीम (TSS) के पालन करे लें। एहमें अंदर जाए वाला जहाज अलग लेन इस्तेमाल करे लें, आ बाहर निकले वाला जहाज अलग लेन; हर लेन करीब 2 मील चाकर बाटे। एह दूनो लेन के बीच में 2 मील चाकर “मीडियन” (बीच वाला हिस्सा) बाटे। जलडमरू के पार करे खातिर, जहाज ईरान आ ओमान के इलाकी जलक्षेत्र (टेरीटरियल वाटर्स) से होकर गुजरे लें, आ ई सब "संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि" (UNCLOS) के ट्रांजिट पैसेज नियम के तहत होखेला।[1] हालाँकि सगरी देस एह संधि के मंजूरी ना दिहले बाड़ें,[2] बाकिर ज्यादातर देस—जइसे अमेरिका[3]—एह परंपरागत नौवहन नियम के मानेला, जवन एह संधि में लिखल बा।

1959 में ईरान जलडमरूमध्य के कानूनी स्थिति बदल दिहलस। ऊ अपना इलाकाई समुद्री जलक्षेत्र के सीमा बढ़ा के 12 समु-मील (22 किमी) क दिहलस, आ ई घोषित कइलस कि अब ऊ खाली “इनोसेंट पैसेज” (निर्दोष आवागमन) भर के मान्यता दी, अगर एह बढ़ावल इलाका से कौनो जहाज भा कंटेनर गुजरत होखे।[4] 1972 में ओमानो देस आदेश जारी करके अपना क्षेत्रीय समुद्र के सीमा 12 समु-मील (22 किमी) तक बढ़ा दिहलस। एहसे 1972 तक हॉर्मुज़ जलडमरू पूरा तरह से ईरान आ ओमान के संयुक्त क्षेत्रीय जल से “घेरा” गइल। 1971 में, ईरान ग्रेटर टुंब आ लेसर टुंब द्वीपन पर (जवन हॉर्मुज़ के पच्छिम में बाड़ें) अरब देसन के इच्छा के खिलाफ कब्जा कइलस, आ एहसे जलमार्ग (नेवीगेशन चैनल) पर ओकर कंट्रोल अउरी बढ़ गइल।[5]

  1. Alejandra Roman & Administration. "Strait of Hormuz". The Encyclopedia of Earth. Archived from the original on 5 April 2016. Retrieved 2 June 2015.
  2. "Chronological lists of ratifications of, accessions and successions to the Convention and the related Agreements as at 26 October 2007". Division for Ocean Affairs and the Law of the Sea. UN. Archived from the original on 14 April 2009. Retrieved 29 June 2017.
  3. U.S. President (10 March 1983). "Presidential Proclamation 5030" (PDF). United States Department of State. Archived (PDF) from the original on 25 March 2021. Retrieved 21 January 2008.
  4. Groves, Steven (24 August 2011). "Accession to the U.N. Convention on the Law of the Sea Is Unnecessary to Secure U.S. Navigational Rights and Freedoms". The Heritage Foundation. Archived from the original on 17 May 2021. Retrieved 9 April 2017.
  5. Henderson, Simon (7 December 2007). "Unwanted Guest: The Gulf Summit and Iran". The Washington Institute For Near East Policy. Retrieved 15 June 2009.