हयग्रीव
| हयग्रीव | |
|---|---|
| ज्ञान के देवता[1] | |
हयग्रीव के एगो पेंटिंग, नटराज मंदिर, चिदंबरम | |
| दूसर नाँव | हयशीर्ष |
| संबंधित बाड़े | वैष्णव संप्रदाय |
| धाम | वैकुंठ |
| मंत्र | "ज्ञानानन्दामयं देवं निर्मलास्फटिकाकृतीं । आधारं सर्वविद्यानां हयग्रीवम् उपासमे॥" (jñānānandamayaṃ devaṃ nirmala sphaṭikākṛtim / ādhāraṃ sarva viddyānāṃ hayagrīvaṃ upāsmahe //) |
| हथियार | सुदर्शन चक्र पांचजन्य |
| Consort | लक्ष्मी |
हिंदू कथा सभ में हयग्रीव एगो हिंदू देवता, विष्णु के घोड़ा के सिर वाला अवतार, हवें। एह अवतार के मकसद एगो दानव के मारल रहे आ ओहू के नाँव हयग्रीवे (कश्यप आउर दनु के वंशज) रहल, जेकर सिर घोड़ा के रहे आ देहि मानव के रहे।[2] हयग्रीव के मंदिर आसाम में राजधानी गौहाटी से कुछ दूरी पर पौराणिक मणिकूट परबत पर बाटे जेकरा के आज्काल्ह हाजो के नाँव से जानल जाला।[3]
कथा
[संपादन करीं]पुराणन में बर्णित कथा के अनुसार, सृष्टि के समय मधु आ कैटभ नाम के दू गो दानव ब्रह्मा से वेद चुरा लिहलें। तब विष्णु हयग्रीव के रूप धारण क के वेदन के वापस ले आइलें।[4] एगो अउरी दूसर कथा के अनुसार, सृष्टि के समय खुद विष्णु हयग्रीव रूप में वेद के संकलन (कंपाइल) कइलें।
हयग्रीव के विष्णु के दस अवतार में से एगो मानल जाला, जवन भागवत पुराण के दशम स्कंध, अध्याय 40 में उल्लेखित बा। एह ग्रंथ में, अक्रूर के प्रार्थना में हयग्रीव के नाम आवेला, जब ऊ यमुना नदी में स्नान करत समय दिव्य दर्शन कइलें।[5]
संदर्भ
[संपादन करीं]- ↑ Ninan, M. M. (23 June 2008). The Development of Hinduism. Madathil Mammen Ninan. ISBN 9781438228204.
- ↑ "The Hare Krsnas - Battles of Vishnu Avatars - Ajnana / Hayagriva". www.harekrsna.com. Retrieved 2021-11-15.
- ↑ Rai 2024.
- ↑ प्रसाद "मागध", p. 328.
- ↑ "Srimad Bhagavatam: Canto 10 - Chapter 40". bhagavata.org. Retrieved 2021-11-15.
ग्रंथ सूची
[संपादन करीं]- प्रसाद "मागध", कृष्णनारायण. श्री विष्णु और उनके अवतार (Hindi में). नई दिल्ली: वाणी प्रकाशन. ISBN 978-81-7055-823-1.
- Rai, Kuber Nath (1 August 2024). Dharm Nirpekshta Banam Rashtriya Sanskriti. Lokbharti Prakashan. ISBN 978-81-961206-9-6. Retrieved 3 May 2026.
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