लघुगणक (Logarithm)

लघुगणक (अंग्रेजी: Logarithm) गणित के एगो बुनियादी अवधारणा हवे, जे घातांक (exponentiation) के उल्टा क्रिया हवे। लघुगणक बतावेला कि कवनो आधार (base) के कवनो घात में ले जाइल से दीहल संख्या मिलेला[1]।
उदाहरण:
क्योंकि
गणित, विज्ञान, इंजीनियरिंग, वित्त, आ कंप्यूटर साइंस में लघुगणक के व्यापक उपयोग होला, खास कर तब जब माप के पैमाना बहुत छोट (जइसे सूक्ष्मजीव) या बहुत बड़ (जइसे ग्रहों के दूरी) हो।
परिभाषा
[संपादन करीं]कवनो धनात्मक संख्याख्या a (जहाँ a ≠ 1), आ धनात्मक संख्या x खातिर[2],
के मतलब हवे कि:
एहमें:
- के आधार (base) कहल जाला।
- के लघुगणकीय संख्या या अर्ज्य (argument) कहल जाला।
- के लघुगणक (logarithm) कहल जाला।
आधार हमेशा धनात्मक होखे के चाहीं आ 1 से अलग होखे के चाहीं। भी धनात्मक संख्या होखे के चाहीं, काहेकि लघुगणक ऋणात्मक या शून्य संख्या खातिर परिभाषित नइखे (साधारण वास्तविक संख्या के संदर्भ में)[3]।
उदाहरण
[संपादन करीं]- log2 16 = 4, काहेकि 24 = 2 × 2 × 2 × 2 = 16.
- लघुगणक ऋणात्मक भी हो सकेला: काहेकि
- कवनो भी आधार b खातिर, logb b = 1 आ logb 1 = 0, होला, काहेकि b1 = b and b0 = 1, होला।
इतिहास
[संपादन करीं]लघुगणक के खोज स्कॉटलैंड के गणितज्ञ जॉन नेपियर (John Napier) सन 1614 में कइले रहलें[4]। ओह समय लंबा-लंबा गुणा-भाग के गिनती बहुत कठिन आ समय-खपत वाला रहे, खासकर खगोलशास्त्र, नौवहन, आ सर्वेक्षण में। नेपियर लघुगणक सारणी (logarithm tables) बनवलें, जे जोड़-घटाव के मदद से गुणा-भाग करे में सहूलियत देलस।
स्विस गणितज्ञ जॉस्ट बर्गी (Joost Bürgi) भी स्वतंत्र रूप से लगभग ओकरे समय पर लघुगणक सारणी बनवलें। बाद में, अंग्रेज गणितज्ञ हेनरी ब्रिग्स (Henry Briggs) नेपियर के साथ मिलके आधार 10 वाला "साधारण लघुगणक" के विकास कइलें, जे आज तक विज्ञान आ इंजीनियरिंग में मानक रूप से उपयोग होला[5]।
लघुगणक सारणी आ स्लाइड रूल (slide rule) के उपयोग 20वीं सदी के मध्य तक होता रहल, जब तक इलेक्ट्रॉनिक कैलकुलेटर आ कंप्यूटर आम ना हो गइलें।
प्रकार
[संपादन करीं]लघुगणक के प्रमुख प्रकार निम्नलिखित बा:
- साधारण लघुगणक (Common Logarithm):
- आधार 10 पर आधारित।
- या बस log से लिखल जाला।
- विज्ञान आ अभियंत्रण में व्यापक उपयोग, काहेकि मापन के पैमाना अक्सर 10 के घात में बदलत बा।
- प्राकृतिक लघुगणक (Natural Logarithm):
- आधार e ≈ 2.71828 पर आधारित, जहाँ e प्राकृतिक स्थिरांक हवे।
- ln से लिखल जाला।
- कलन (Calculus), भौतिकी, आ वित्तीय गणित में घातांकी वृद्धि (exponential growth) आ क्षय (decay) के अध्ययन खातिर महत्वपूर्ण।
- अन्य आधार वाला लघुगणक:
- किसी भी धनात्मक आधार (1 से अलग) पर परिभाषित हो सकेला, जइसे (binary logarithm) कंप्यूटर विज्ञान में उपयोग होला।
उपयोग
[संपादन करीं]लघुगणक के उपयोग बहुते व्यापक बा:
- गणना में सरलता: लघुगणक सारणी आ स्लाइड रूल के उपयोग से गुणा-भाग जोड़-घटाव में बदल जाला।
- वैज्ञानिक मापन[6]:
- pH पैमाना (अम्लता/क्षारीयता मापन)
- डेसिबल (ध्वनि तीव्रता मापन)
- रिक्टर पैमाना (भूकंप के तीव्रता मापन)
- वित्त[7]:
- चक्रवृद्धि ब्याज
- निवेश के वार्षिक वृद्धि दर (CAGR)
- गणितीय विश्लेषण:
- घातांकी फलन के उल्टा क्रिया
- अवकलन आ समाकलन में लघुगणकीय फलन के उपयोग
संदर्भ
[संपादन करीं]- ↑ Ganit-I, Chapter 5, Class 12. NCERT.
- ↑ "Logarithm Calculator". Omni Calculator. Retrieved 11 August 2025.
- ↑ "Intro to Logarithms". Khan Academy. Retrieved 11 August 2025.
- ↑ Napier, John. (1614). Mirifici Logarithmorum Canonis Descriptio.
- ↑ Boyer, Carl B. A History of Mathematics. John Wiley & Sons.
- ↑ "Why We Use Logarithms". LibreTexts Mathematics. Retrieved 11 August 2025.
- ↑ "Applications of Exponential and Logarithmic Functions". LibreTexts Mathematics. Retrieved 11 August 2025.