रामनगर किला
| रामनगर किला | |
|---|---|
| रामनगर, बनारस के हिस्सा | |
| उत्तर प्रदेश, भारत | |
किला के मुख्य दरवाजा | |
| साइट जानकारी | |
| प्रकार | किला |
| लोकेशन जानकारी | |
| अक्षांस-देशांतर | 25°17′N 83°02′E / 25.28°N 83.03°E |
| साइट के इतिहास | |
| निर्माण | 1750 |
| निर्माणकर्ता | बलवंत सिंह |
| निर्माण-सामग्री | चुनार बलुआ पत्थर |
| घटना | रामलीला |
| गैरिसन जानकारी | |
| निवासी | अनंत नारायण सिंह |
रामनगर किला भारत के रामनगर, बनारस में स्थित एगो किला बाटे। ई गंगा नदी के पूरबी तीरे पर, तुलसी घाट के सोझा स्थित बा। चुनार के बलुआ पत्थर से बनल एह किला के निर्माण 1750 में महाराजा बलवंत सिंह द्वारा करावल गइल रहे। किला के वर्तमान निवासी अनंत नारायण सिंह बाड़ें। ऊ बनारस के महाराजा के रूप में भी जानल जालें, हालाँकि ई शाही उपाधि 1971 से आधिकारिक रूप से समाप्त क दिहल गइल।[1][2]
दसहरा से पहिले होखे वाली रामलीला एह किला के मुख्य आकर्षण हवे। ई रामलीला 31 चले ले आ एकरा महत्व के देख के एकरा के यूनेस्को के अमूर्त धरोहर सभ के लिस्ट में 2008 में सामिल कइल गइल।[3][4]
लोकेशन
[संपादन करीं]बनारस में गंगा नदी दक्खिन से उत्तर मुँह बहे ली। ई किला नदी के पूरबी (दाहिना) तीरे पर एगो सुंदर जगह पर स्थित बा, जवन बनारस के घाटन के ठीक सामने बा। ई बनारस से लगभग 14 किलोमीटर (8.7 मील) आ बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) से नवका रामनगर पुल के रास्ता से जाइल जाव त लगभग 2 किलोमीटर (1.2 मील) दूर बा। पुल बन जाए के बाद बीएचयू से किला तक पहुँचे में मुश्किल से 10 मिनट लागेला।
बनारस के दशाश्वमेध घाट से नाव द्वारा किला तक पहुँचे में लगभग एक घंटा के समय लागेला। किला के घाट पर घोड़ा के जुड़वाँ प्रतीक चिन्ह से सजल एगो रंग-बिरंग राज्यीय बजरा (बार्ज) बंधल देखल जा सकेला।[5] किला के भीतर एगो सुव्यवस्थित बगइचा भी बा, जवन महल तक जाए वाला रास्ता के हिस्सा हवे।[5][6]
इतिहास
[संपादन करीं]रामनगर किला के निर्माण महाराजा बलवंत सिंह द्वारा 1750 में करावल गइल रहे। किला के बाहरी प्राचीर पर मिलल शिलालेखन के आधार पर एकर कुछ हिस्सा के इतिहास 17वीं सदी तक पहुँचेला।[5]
आर्किटेक्चर
[संपादन करीं]ई इमारत हल्का पीयर रंग के चुनार बलुआ पत्थर से बनावल गइल बा। किला परिसर में वेद व्यास मंदिर, एगो म्यूजियम आ राजा के रिहायशी महल स्थित बा।[7] एहिजा दक्षिण दिशा ओर मुँह कइले हनुमान जी के एगो दक्षिणमुखी मंदिरो बा।[8]
किला के ऊँच जगह पर बनावल गइल बा, जवन बाढ़ के समय के जलस्तर से ऊपर बा।[9] एह ढाँचा में नक्काशीदार बालकनी, खुला आँगन आ मंडप मौजूद बाड़ें। किला के खाली कुछे हिस्सा ही आम लोग खातिर खुलल बा, जबकि बाकी हिस्सा काशी नरेश आ उनकर परिवार के निवास स्थान हवे। जब महाराजा अपना महल में मौजूद रहेलें, तब किला पर राजकीय ध्वज फहरावल जाला।
किला के भीतर महल में दू गो सफेद मीनार बाड़ी स, जहाँ सीढ़ी के रास्ता से पहुँचल जाला। सीढ़ियन के आखिर में एगो मेहराबदार प्रवेश द्वार बा, जवना से कई गो आँगन होके सफेद मीनारन तक पहुँचल जाला।[5] मीनार के एक ओर महाराजा के निजी निवास बा, जबकि दुसरे ओर दरबार हॉल आ स्वागत कक्ष स्थित बाड़ें। किला के दीवार पर मौजूद एगो शिलालेख में लिखल बा कि ई "बनारस के राजा के किलाबंद आवास, उनकर शाही नाव सहित" हवे।[10]
म्यूजियम
[संपादन करीं]किला के म्यूजियम सरस्वती भवन के नाम से जानल जाला। ई म्यूजियम ओह भवन में स्थित बा, जवन पहिले किला के दरबार हॉल भा सार्वजनिक सभा कक्ष के रूप में इस्तेमाल होखत रहे। ई अपना अनोखा आ दुर्लभ संग्रह खातिर प्रसिद्ध बा। एहिजा अमेरिकी पुरान मोटरगाड़ी (विंटेज कार), रत्न-जड़ित पालकीनुमा कुर्सी (सेडान चेयर), हाथीदाँत के कलाकृति, मध्यकालीन पोशाक आ सोना-चाँदी के जरीदार राजसी पालकी सभ सुरक्षित रखल गइल बाड़ी स।
संग्रहालय में चाँदी से बनल हाथी के हौदा, गहना, किमख्वाब रेशम से बनल पोशाक, आ हथियारन के एगो प्रभावशाली कमरा भी बा, जहाँ तलवार; अफ्रीका, बर्मा आ जापान से आइल पुरान बंदूक सभ रखल गइल बाड़ी स।[11] एहिजा पुरान माचलॉक बंदूक, सजावटी हुक्का, कटार, महाराजन के चित्र आ कई गो संगीत वाद्य भी मौजूद बाड़ें। कुछ काला रंग के वाद्य यंत्र रखरखाव के कमी के कारण समय के साथ सफेद पड़ गइल बाड़ें।
संग्रहालय के सबसे दुर्लभ वस्तुन में एगो खगोलीय घड़ी भी शामिल बा।[2] ई घड़ी खाली समये ना बतावेला, बल्कि साल, महीना, हफ्ता आ दिन के साथे-साथे सूर्य, चंद्रमा आ दोसर ग्रह सभ से जुड़ल खगोलीय जानकारी भी देखावेला। एह घड़ी के निर्माण 1852 में बनारस राजमहल के दरबारी खगोलशास्त्री द्वारा कइल गइल रहे।
एह संग्रहालय में कई गो पांडुलिपि, खासकर धार्मिक ग्रंथ, सुरक्षित रखल गइल बाड़ी स। एकरे अलावा मुगल मिनियेचर शैली से सजल कई गो पुस्तक भी एह संग्रह के हिस्सा बाड़ी स।[1][2][9] संग्रहालय में इस्लामी सांस्कृतिक परंपरा के दर्शावे वाली 535 चित्रांकन भी मौजूद बाड़ी स, जिनका चारों ओर फूल-पत्ती के सुंदर सजावटी किनारा आ अलंकरण बनावल गइल बा।[12][13]
उत्सव तिहुआर
[संपादन करीं]
एक महीना तक चले वाली रामलीला के दौरान रामनगर किला आ महल के खास तौर पर सजावल जाला, जवना से ई बहुत रंग-बिरंग आ आकर्षक दिखाई देला। एह अवसर पर रामायण के अलग-अलग प्रसंगन के मंचन कइल जाला। अंग्रेजी कलेंडर के अनुसार अक्टूबर महीना में मनावल जाए वाला दशहरा उत्सव के हिस्सा के रूप में रामायण पर आधारित एगो भव्य झाँकी आ जलूस निकालल जाला। एह दौरान राक्षस राजा रावण, उनकर भाई-बंधु आ सहयोगियन के पुतला दहन कइल जाला, जवन बुराई पर अच्छाई के विजय के प्रतीक मानल जाला। उत्सव में राजपरिवार के पुरान आ बहुमूल्य वस्तुन के प्रदर्शनी आ झाँकी शामिल रहेला।[7]
काशी नरेश आजुओ अपना पारिवारिक परंपरा के निभावत बाड़ें। ऊ किला के पीछे के सड़कन पर आयोजित होखे वाला सालाना रामलीला महोत्सव में सजावल गइल हाथी पर सवार होके जुलूस के अगुवाई करेलन।[13] पुरान समय में एह नाटक के मंचन स्थानीय सैनिक टुकड़ी द्वारा कइल जात रहे आ पूरा महीना तक चले वाला एह उत्सव में रामायण के कथा के पाठ भी कइल जाव।[14][15]
किला में दूसर धार्मिक आ सांस्कृतिक उत्सवो आयोजित होलें। माघ (जनवरी–फरवरी) महीना में वेद व्यास मंदिर के सामने मेला लागेला, जहाँ भारी संख्या में श्रद्धालु रामनगर आवेलन। फागुन (फरवरी–मार्च) महीना में राज मंगल नाम के उत्सव मनावल जाला। एह अवसर पर लोगन से भरल नावन के जलूस निकले ला, एह में गीत-संगीत आ नृत्य के कार्यक्रम होखेला। ई नाव यात्रा अस्सी घाट से शुरू होके गंगा नदी के रास्ता रामनगर किला के सोझा से गुजरे ला।[15]
पॉपुलर संस्कृति में
[संपादन करीं]गंगा नदी के किनारा पर स्थित सुंदर स्थान के कारण रामनगर किला आ महल के फिल्मन के बाहरी शूटिंग लोकेशन के रूप में अक्सर इस्तेमाल कइल गइल बा। बनारस एहिजा शूट कइल गइल लोकप्रिय फिल्मन में से एगो हवे।[1][2] एह जगह के इस्तेमाल रियलिटी टेलीविजन कार्यक्रम द अमेजिंग रेस 18 के सातवाँ पड़ाव (पिट स्टॉप) के रूप में भी कइल गइल रहे।
संदर्भ
[संपादन करीं]- 1 2 3 Mitra, Swati (2002). Good Earth Varanasi city guide. Eicher Goodearth Limited. pp. 124–127. ISBN 9788187780045. Retrieved 6 November 2012.
- 1 2 3 4 "Lonely Planet review for Ramnagar Fort & Museum". Lonely Planet. Retrieved 6 November 2012.
- ↑ "Ramlila, the traditional performance of the Ramayana - UNESCO Intangible Cultural Heritage". ich.unesco.org. Retrieved 6 June 2026.
- ↑ Chakravarty, Saurabh (2 September 2022). "beginning of ramlila of ramnagar in varanasi in list of UNESCO world heritage is considered to be from beginning of nineteenth centuryJagranSpecial". Jagran (Hindi में). Retrieved 5 June 2026.
- 1 2 3 4 "Fort, Ramnagar [Benares]". Online Gallery of British Library. Archived from the original on 30 July 2022. Retrieved 7 November 2012.
- ↑ "Rambag (Ramnagar) [Benares]". Online Gallery of British Library. Archived from the original on 5 October 2022. Retrieved 7 November 2012.
- 1 2 "Ramnagar Fort & Museum". Official Website of Eastern UP Tourism. Archived from the original on 30 नवंबर 2013. Retrieved 7 नवंबर 2012.
- ↑ "Ramnagar". National Informatics Centre. Retrieved 7 November 2012.
- 1 2 Fodor's India, 5th Edition. Random House Digital, Inc. 2004. p. 168. ISBN 978-1-4000-1312-8.
- ↑ "The Raja of Benares's palace at Ramnagar from the river, with the Raja's state boat". Online Gallery of British Library. Archived from the original on 28 November 2022. Retrieved 7 November 2012.
- ↑ Karkar, S.C. (2009). The Top Ten Temple Towns of India. Kolkota: Mark Age Publication. p. 13. ISBN 978-81-87952-12-1.
- ↑ Sāmarasya: studies in Indian art, philosophy, and interreligious dialogue : in honour of Bettina Bäumer. D.K. Printworld. 2006. p. 193. ISBN 9788124603383. Retrieved 7 November 2012.
- 1 2 Good Earth Varanasi City Guide. Eicher Goodearth Limited. 2003. pp. 124–127. ISBN 9788187780045.
- ↑ Heitzman, James (2008). The City in South Asia. Psychology Press. p. 54. ISBN 9780415343558.
- 1 2 "Ram Leela Mela. As performed before at Ram Nugur before the Raja of Benares". Online Gallery of British Library. Archived from the original on 5 March 2016. Retrieved 7 November 2012.
बाहरी कड़ी
[संपादन करीं]| विकिमीडिया कॉमंस पर संबंधित मीडिया Ramnagar Fort पर मौजूद बा। |