मालवा
मालवा पश्चिम-मध्य भारत के एगो ऐतिहासिक क्षेत्र हवे, जवन ज्वालामुखीय उत्पत्ति वाला पठार पर स्थित बा। भूवैज्ञानिक दृष्टि से, मालवा पठार से आशय आमतौर पर विंध्य पर्वतमाला के उत्तर में स्थित ज्वालामुखीय उच्चभूमि से होला। राजनीतिक आ प्रशासनिक रूप से ई क्षेत्र पूर्व के मध्य भारत राज्य के भी पर्याय मानल जाला, जवन बाद में मध्य प्रदेश में मिला दिहल गइल। वर्तमान में ऐतिहासिक मालवा क्षेत्र में पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिला आ दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सा शामिल बा। कई बेर मालवा के परिभाषा के विस्तार क के विंध्य के दक्षिण में स्थित निमाड़ क्षेत्र के भी एकरा में शामिल कइल जाला।
प्राचीन मालव राज्य के समय से मालवा एगो अलग राजनीतिक इकाई रहल बा आ एह पर समय-समय पर कई राज्य आ राजवंश शासन कइले बाड़ें। मालवा 1947 तक एगो प्रशासनिक इकाई के रूप में भी मौजूद रहल, जब ब्रिटिश भारत के मालवा एजेंसी के स्वतंत्र भारत के मध्य भारत (मालवा संघ) राज्य में मिला दिहल गइल, आ बाद में ई मध्य प्रदेश के हिस्सा बन गइल।