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मछेंदरनाथ

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मछेंदरनाथ
नैपाल में एगो मिनिएचर मूर्ती
Personal life
Born10वीं सदी
Died11वीं सदी
Religious life
Religionहिंदू, बौद्ध
Founder ofहठयोग
Philosophyहठयोग, तंत्र
Sectनाथ, कौल, शैव
Senior posting
कौलज्ञाननिर्णयः, अकुलवीरतन्त्रम्[2]

मछेंदरनाथ भा मछिंदरनाथ (संस्कृत: मत्स्येंद्रनाथ) भारत आ आसपास के इलाका में बौद्धहिंदू परंपरा नाथ-सिद्ध उप-परंपरा के जोगी लोगन में गिनल जाये वाला प्रमुख संत हवें। इनके सभसे सच्छ्म चेला गोरखनाथ रहलें जिनके नाथ पंथ के संस्थापक मानल जाला; जबकि कुछ बिद्वान लोग खुद मछेंदरे के नाथ पंथ के अस्थापना करे वाला माने ला।

मछेंदरनाथ के हठयोग के पुनर्जीवित करे वाला संत मानल जाला, आ हठयोग से जुड़ल शुरुआती ग्रंथन में से कुछ के रचनाकारो इहे मानल जालें। नाथ परंपरा में नवनाथ में गिनल जालें; जेकर आदि गुरू हिंदू परंपरा में त्रिदेव में सामिल देवता शिव के मानल जाला। मान्यता हवे कि मछेंदर के आदि गुरु सिवजी से सीधा शिक्षा मिलल रहे। उनकर संबंध कौल शैव मत से जोड़ल जाला।

ओहर मछेंदर आ गोरखनाथ चौरासी महा सिद्ध लोग में गिनल जाला लोग। मछेंदर गोरक्षनाथ के गुरु मानल जालें, जे शुरुआती हठयोग परंपरा के एगो प्रमुख व्यक्तित्व रहलन। हिंदू आ बौद्ध दुनो परंपरा में उनकर बड़ा सम्मान बा। कुछ लोग उनकरा के अवलोकितेश्वर के अवतारो मानेला।

इहो देखल जाय

[संपादन करीं]
  1. उद्धरण खराबी:Invalid <ref> tag; no text was provided for refs named "Brahmin".
  2. 1 2 Suhas Chatterjee (1998), Indian Civilization and Culture, P.441
  3. Feuerstein, Georg (2013-09-11). The Yoga Tradition: Its History, Literature, Philosophy and Practice (Kindle Locations 12785-12786). Hohm Press. Kindle Edition. "Hindu tradition associates the creation of Hatha- Yoga with Goraksha Nâtha (Hindi: Gorakhnâth) and his teacher Matsyendra Nâtha"