भारत में पेट्रोल डीजल के दाम
भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम (अंग्रेजी: Petrol Diesel prices in India), आ अउरीयो पेट्रोलियम उत्पाद'न के दाम तय करे के बेवस्था समय के साथ कई चरणन से गुजरल बा। आज के बाजार-आधारित मूल्य प्रणाली तक पहुँचे से पहिले भारत में सरकार द्वारा नियंत्रित कई अलग-अलग व्यवस्था लागू रहल बाटे।[1][2] 1948 में आयात समता मूल्य पर आधारित व्यवस्था से शुरुआत भइल, जे बाद में लागत-आधारित प्रणाली आ 1975 में लागू प्रशासित मूल्य प्रणाली (APM) में बदल गइल। APM के तहत सरकार उपभोक्ता मूल्य नियंत्रित करत रहे आ पेट्रोल से होखे वाला आमदनी के उपयोग एलपीजी आ केरोसिन जइसन उत्पाद पर सब्सिडी देवे खातिर कइल जात रहे।
2002 में APM के आधिकारिक रूप से समाप्त कइल गइल, जबकि 2010 में पेट्रोल आ 2014 में डीज़ल के मूल्य पूरी तरह विनियम-मुक्त क दिहल गइल। 16 जून 2017 से भारत में डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग सिस्टम लागू बा, जवना के तहत तेल विपणन कंपनियाँ रोजाना अंतरराष्ट्रीय बाजार के स्थिति के आधार पर दाम में संशोधन करे ली।
वर्तमान में रिफाइनरी स्तर पर पेट्रोल आ डीज़ल के आधार मूल्य ट्रेड पैरिटी प्राइसिंग (TPP) पद्धति से तय कइल जाला, जवना में 80 प्रतिशत आयात समता मूल्य आ 20 प्रतिशत निर्यात समता मूल्य के भारित औसत शामिल रहेला। एह गणना खातिर इंडियन बास्केट ऑफ क्रूड ऑयल के उपयोग होखेला, जबकि खुदरा मूल्य में आधार लागत के अलावा मालभाड़ा, डीलर कमीशन, केंद्रीय उत्पाद शुल्क, राज्य सरकारन के वैट आ अन्य कर भी शामिल होलें। एह कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चा तेल के दाम में बदलाव के साथ-साथ कर संरचना आ स्थानीय शुल्क भी भारत में पेट्रोल आ डीज़ल के खुदरा दाम के प्रभावित करेलन।
ऐतिहासिक बिकास
[संपादन करीं]आयात समता आ लागत-आधारित व्यवस्था (1948 — 1975)
[संपादन करीं]1948 में भारत सरकार आ बर्मा शेल के बीच वैल्यूड स्टॉक अकाउंट (VSA) व्यवस्था लागू भइल, जवन आयात समता मूल्य (इम्पोर्ट पैरिटी प्राइस) के सिद्धांत पर आधारित रहे [1]. बाद में 1957 में एह व्यवस्था के जगह लागत-आधारित (कॉस्ट-प्लस) प्रणाली लागू कइल गइल, जवना में घरेलू उत्पादन लागत आ निर्धारित लाभ के आधार पर मूल्य तय कइल जात रहे।[2][3]
प्रशासित कीमत बिधी (APM) (1975 — 2002)
[संपादन करीं]जुलाई 1975 में प्रशासित मूल्य प्रणाली (Administered Pricing Mechanism — APM) लागू भइल। एह व्यवस्था के तहत सरकार पेट्रोलियम उत्पादन के दाम तय करत रहे आ ऑयल पूल अकाउंट के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव से घरेलू उपभोक्तन के बचावे के कोशिश कइल जात रहे।[1][4] पेट्रोल से होखे वाला आमदनी के उपयोग एलपीजी आ केरोसिन जइसन उत्पाद पर सब्सिडी देवे खातिर भी कइल जात रहे।[5]
1 अप्रैल 2002 से APM के आधिकारिक रूप से समाप्त क दिहल गइल, बाकिर सरकार के हस्तक्षेप पूरा तरह खत्म ना भइल; अंतरराष्ट्रीय कच्चा तेल के दाम में तेजी से बढ़ोतरी के कारण पेट्रोल, डीज़ल, एलपीजी आ केरोसिन के दाम पर सरकार के प्रभाव कई साल तक जारी रहल।[1][6]
पखवाड़ावार संशोधन आ विनियमन-मुक्ति (2002 — 2017)
[संपादन करीं]2006 से पेट्रोल आ डीज़ल खातिर ट्रेड पैरिटी प्राइसिंग (TPP) प्रणाली अपनावल गइल। एह व्यवस्था में रिफाइनरी गेट मूल्य के गणना 80 प्रतिशत इम्पोर्ट पैरिटी प्राइस (IPP) आ 20 प्रतिशत एक्सपोर्ट पैरिटी प्राइस (EPP) के भारित औसत से कइल जाला।[7][4] ट्रेड-पैरिटी सिस्टम में इंडियन बास्केट ऑफ क्रूड ऑयल के उपयोग कइल जाला, जवना में ओमान-दुबई (सावर ग्रेड) आ ब्रेंट डेटेड (स्वीट ग्रेड) कच्चा तेल के मिश्रण शामिल बा।[8][9]
पेट्रोल के मूल्य जून 2010 में आ डीज़ल के मूल्य अक्टूबर 2014 में सरकारी नियंत्रण से मुक्त क दिहल गइल; एहके बाद तेल विपणन कंपनियन के अंतरराष्ट्रीय बाजार के स्थिति के आधार पर मूल्य तय करे के अधिकार मिल गइल।[10][1] एह बदलाव के बाद खुदरा मूल्य पर कर, उत्पाद शुल्क आ वितरण लागत जइसन घटकन के भूमिका बढ़ गइल।[11]
डायनामिक प्राइसिंग सिस्टम (2017 — वर्तमान)
[संपादन करीं]16 जून 2017 से भारत में डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग सिस्टम लागू भइल। एह व्यवस्था में पखवाड़ावार संशोधन के जगह रोज बिहान मूल्य में बदलाव कइल जाए लागल, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार के प्रभाव धीरे-धीरे घरेलू खुदरा दाम में शामिल हो सके आ अचानक होखे वाला बड़ा मूल्य-वृद्धि से बचल जा सके।[1] डायनामिक प्राइसिंग के उद्देश्य बा कि रिफाइनरी-गेट से लेकर रिटेल तक के दाम अंतरराष्ट्रीय कच्चा तेल आ विनिमय दर के बदलत स्थिति के अधिक निकटता से प्रतिबिंबित करे।
ट्रेड पैरिटी प्राइसिंग
[संपादन करीं]वर्तमान में पेट्रोल आ डीज़ल के आधार मूल्य के गणना ट्रेड पैरिटी प्राइसिंग के आधार पर कइल जाला। एह गणना में इंडियन बास्केट ऑफ क्रूड ऑयल के इस्तेमाल होखेला, जवना में ओमान-दुबई आ ब्रेंट के मिश्रण शामिल बा; रिफाइनरी-गेट प्राइस में अंतरराष्ट्रीय कच्चा तेल, शिपिंग, बीमा, और अन्य लागत शामिल कइल जाला, आ ओकरा बाद परोक्ष आ प्रत्यक्ष कर, वितरण-लागत आ मार्जिन जोड़ के खुदरा मूल्य तय होला।[7][12]
तेल मार्केटिंग कंपनी (OMCs) रिफाइनरी गेट मूल्य (कर लगावे से पहिले के मूल लागत) तय करे खातिर ट्रेड पैरिटी प्राइसिंग (TPP) नामक फार्मूला इस्तेमाल करेली।
TPP के मूल गणना
[संपादन करीं]TPP एह मान्यता पर आधारित बा कि भारत 80% ईंधन आयात करेला आ 20% ईंधन निर्यात करेला।
- ट्रेड पैरिटी प्राइस = (0.80 × इम्पोर्ट पैरिटी प्राइस) + (0.20 × एक्सपोर्ट पैरिटी प्राइस)
इंडेक्स
[संपादन करीं]ट्रेड पैरिटी प्राइसिंग गणना के आधार इंडियन बास्केट ऑफ क्रूड ऑयल होला। भारत कवनो एकल सूचकांक जइसे ब्रेंट क्रूड पर निर्भर ना रहेला, बल्कि एगो विशेष मिश्रण के इस्तेमाल करेला, जवना में दू प्रमुख हिस्सा शामिल बा:
- सावर ग्रेड (Sour Grade): ओमान आ दुबई क्रूड के औसत, जवन कुल बास्केट के 71.03% हिस्सा बनावेला।
- स्वीट ग्रेड (Sweet Grade): डेटेड ब्रेंट, जवन कुल बास्केट के 28.97% हिस्सा बनावेला।
इहो देखल जाय
[संपादन करीं]फुटनोट
[संपादन करीं]संदर्भ
[संपादन करीं]- Dinkar, S (6 June 2024). "Shifting sands: How India's fuel pricing policy evolved over the years". Business Standard. Retrieved 2 June 2026.
- "Petroleum Product Pricing Reforms in India: Are We on the Right Track?". TERI. 1 April 1998. Retrieved 2 June 2026.
- "Energy-Pricing-in-India" (PDF). Retrieved 2 June 2026.
- "Petroleum Planning & Analysis Cell". Government of India. 1 April 2016. Retrieved 2 June 2026.
- "Pricing Methodology Report GOI" (PDF). Retrieved 2 June 2026.
- "Petrol and Diesel Prices". PRS Legislative Research. 2 June 2026. Retrieved 2 June 2026.
- "Trade_Parity_Pricing_Methodology" (PDF). PPAC. Retrieved 2 June 2026.
- "International Prices of Crude Oil (Indian Basket), Petrol and Diesel". Government of India. 13 April 2026. Retrieved 2 June 2026.
- "Ministry of Statistics and Programme Implementation, Government of India" (PDF). Government Of India. Retrieved 2 June 2026.
- राव, राघवेंद्र (30 May 2026). "तेल कंपनियों ने कमाया मुनाफ़ा फिर पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दाम की वजह क्या है?". BBC News हिंदी (Hindi में). Retrieved 2 June 2026.
- Foundation, Observer Research (20 May 2024). "भारत में कैसे तय होती हैं पेट्रोल और डीजल की क़ीमतें : करों की पड़ताल". orfonline.org. Retrieved 2 June 2026.
- "What Determines Retail Prices for Gasoline and Diesel?". Volta Oil. 1 January 2016. Retrieved 2 June 2026.