भारतीय पेट्रोलियम इंडस्ट्री

भारत में पेट्रोलियम इंडस्ट्री (अंग्रेजी: Petroleum industry in India) के शुरुआत 1889 में भइल, जब आसाम राज्य के डिगबोई नगर के नगीचे देस के पहिला तेल भंडार के खोज भइल। भारत में प्राकृतिक गैस इंडस्ट्री के शुरुआत 1960 के दशक में भइल, जब आसाम आ बॉम्बे हाई क्षेत्र में गैस भंडार के खोज कइल गइल। 31 मार्च 2018 तक भारत में अनुमानित कच्चा तेल भंडार 594.49 मिलियन मीट्रिक टन (एमटी) आ प्राकृतिक गैस भंडार 1339.57 बिलियन घन मीटर (बीसीएम) रहल।
भारत अपना कुल तेल जरूरत के लगभग 82 % हिस्सा आयात करेला आ एह निर्भरता के कम करे खातिर लोकल हाइड्रोकार्बन खोज, नवीकरणीय ऊर्जा आ देसी एथनॉल ईंधन के बढ़ावा देवे के प्रयास करत बा। 2019 में भारत 205.3 मिलियन मीट्रिक टन कच्चा तेल (आ संबंधित उत्पाद) के साथ दुनिया के दूसरा सबसे बड़ा नेट आयातक रहल। एकरे साथे देश के रिफाइनिंग क्षमता लगातार बढ़त गइल बा, जवन 215.1 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) से बढ़ के वित्तीय वर्ष 2024–25 तक 258.1 एमएमटीपीए तक पहुँच गइल।
मार्च 2021 तक वित्तीय वर्ष 2020–21 में भारत के घरेलू कच्चा तेल उत्पादन 5.2 प्रतिशत घट गइल, जबकि प्राकृतिक गैस उत्पादन में 8.1 प्रतिशत के कमी दर्ज कइल गइल। एह अवधि में देश में 30.4917 मिलियन मीट्रिक टन कच्चा तेल आ 28.67 बिलियन घन मीटर प्राकृतिक गैस के उत्पादन भइल। अगस्त 2021 में कच्चा तेल उत्पादन में 2.3% के गिरावट दर्ज भइल, जबकि घरेलू प्राकृतिक गैस उत्पादन में 20.23% के बढ़ोतरी देखल गइल।
भारत में प्राकृतिक गैस खातिर लगभग 12 अमेरिकी डॉलर प्रति एमएमबीटीयू तक के मूल्य उपलब्ध बा, जबकि कई बाजारन में गैस के खोज आ उत्पादन लागत 3 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू तक सीमित बा। ऑयल रिकवरी के दर अभी भारत में लगभग 30–35% बा, जबकि आधुनिक तकनीक के उपयोग से एह दर के लगभग दुगुना कइल जा सकेला।
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