पृथिवी बिज्ञान
पृथिवी बिज्ञान (अंग्रेजी: Earth science, अर्थ साइंस चाहे geoscience, जियोसाइंस; हिंदी: पृथ्वी विज्ञान) ज्ञान-बिज्ञान क अइसन शाखा हवे जेवना में पृथिवी क अध्ययन कइल जाला। ई भूगोल, भूगर्भशास्त्र, मौसम विज्ञान वगैरह विषयन क एकट्ठा रूप हवे; आ भौतिक बिज्ञानन आ नैचुरल साइंस सभ के ब्यापक कटेगरी में आवे ला।
दुसरे शब्दन में पृथिवी बिज्ञान में अइसन सगरी प्राकृतिक विज्ञान (नैचुरल साइंस) के अध्ययन-क्षेत्र शामिल बाटे, जवन धरती ग्रह से जुड़ल बाड़ें।[1] ई बिज्ञान (साइंस) के एगो शाखा हवे, जवन धरती के चार गो मुख्य मंडल—बायोस्फीयर, हाइड्रोस्फीयर, वायुमंडल, आ जियोस्फीयर (थलमंडल भा लिथॉस्फीयर)—के भौतिक, रासायनिक आ जैविक बनावट, आ इनकर आपसी संबंध भा जुड़ाव (लिंकेज) के अध्ययन करेला। अर्थ साइंस के प्लैनेटरी साइंस (ग्रह सभ के बिज्ञान) के एगो हिस्सा भी मानल जा सकेला, बाकिर एकर इतिहास कहीं जादे पुरान बा।
जियोलॉजी
[संपादन करीं]जियोलॉजी (भूबिज्ञान भा भूगर्भशास्त्र) मोटा तौर पर धरती के बनावट (स्ट्रक्चर), पदार्थ (सब्सटेंस) आ प्रक्रिया (प्रॉसेस) के अध्ययन हवे। जियोलॉजी मुख्य रूप से थलमंडल (लिथॉस्फियर), मने की, धरती के ऊपरी हिस्सा के पढ़ेला, जेहमें धरती के क्रस्ट आ चट्टान सभ के अध्ययन मुख्य बाटे। एहमें लिथॉस्फियर के भौतिक गुण आ ओह में होखे वाली प्रक्रिया के अध्ययन होखेला, साथे ई भी देखल जाला कि ई प्रक्रिया जमीन के भीतरी गर्मी (जियोथर्मल एनर्जी) से कइसे प्रभावित होखे लीं। जियोलॉजी में रसायन विज्ञान, भौतिकी (फिजिक्स) आ जीव विज्ञान के पहलू भी शामिल बाड़ें, काहेकि ई सभ आपस में जुड़ल बिज्ञान बाड़ें। इतिहासी जियोलॉजी, एह बिज्ञान के ओह इस्तेमाल के कहल जाला, जेकरा से धरती के इतिहास के समझल जाला आ समय के साथ ओकरा में कइसे बदलाव आइल, ई जानल जाला।
जियोलॉजी के साथे-साथ अउरी कई गो बिसय-उपबिसय पृथिवी बिज्ञान के भीतर आवे लें। जियोकेमिस्ट्री धरती के रासायनिक घटक आ प्रक्रिया के अध्ययन करेला, जियोफिजिक्स धरती के भौतिक गुण के पढ़ाई करे ला। पैलियोंटोलॉजी में लिथास्फियर में मिले वाला जीवाश्म (फॉसिल) के अध्ययन कइल जाला। प्लैनेटरी जियोलॉजी धरती से बाहर के ग्रह–उपग्रह जइसन खगोलीय पिंडन से जुड़ल जियोसाइंस के पढ़ेला। जियोमॉर्फोलॉजी (भूआकृतिबिज्ञान) भू-आकृति (लैंडस्केप) आ थलरूप सभ के उत्पत्ति के अध्ययन करेला। स्ट्रक्चरल जियोलॉजी में चट्टान सभ में होखे वाला बदलाव (डिफॉर्मेशन) के पढ़ेला, जवन पहाड़ आ मैदान जइसन रूप बनावेला। रिसोर्स जियोलॉजी ई देखेला कि खनिज से ऊर्जा संसाधन कइसे हासिल कइल जा सकेला। एनवायरमेंटल जियोलॉजी, प्रदूषण आ दूषित पदार्थ (कंटामिनेंट) सभ के माटी आ चट्टान पर असर के अध्ययन करेला। खनिजबिज्ञान (मिनरोलॉजी), खनिज (मिनरल) सभ के अध्ययन हवे, जवन खनिज के बनावट, क्रिस्टल संरचना, खनिज से जुड़ल खतरा, आ उनकर भौतिक आ रासायनिक गुण के समझेला। पेट्रोलॉजी, चट्टानन के अध्ययन हवे, जेहमें चट्टान के निर्माण आ ढाँचा के अध्ययन शामिल बा। पेट्रोग्राफी, पेट्रोलॉजी के ईगो उपशाखा हवे जेवना में चट्टान के प्रकार (टाइपोलॉजी) आ वर्गीकरण के अध्ययन कइल जाला।
पृथिवी बिज्ञान (अर्थ साइंस) के उपशाखा सभ
[संपादन करीं]- हाइड्रोलॉजी
- लिम्नोलॉजी (फ्रेश पानी के साइंस)
- समुंद्रबिज्ञान
- Biological oceanography (marine biology)
- Geological oceanography (marine geology)
- जियोलॉजी
- भूगोल
- Geochemistry
- भूआकृति बिज्ञान (जियोमार्फोलॉजी)
- जियोफिजिक्स
- Geochronology
- Geodynamics (see also Tectonics)
- Geomagnetism
- Gravimetry (also part of Geodesy)
- Seismology
- Glaciology
- Hydrogeology
- Mineralogy
- Petrology
- Speleology
- Volcanology
- सिस्टम सभ
- अउरी दूसर
संदर्भ
[संपादन करीं]- ↑ "Earth sciences | Definition, Topics, & Facts". Britannica (अंग्रेजी में). Retrieved 2023-08-19.
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