Jump to content

नेपाल संबत

विकिपीडिया से

नेपाल संवत (Newar: 𑐣𑐾𑐥𑐵𑐮 𑐳𑐩𑑂𑐧𑐟) एगो चांद्र-सौर पंचांग ह, जे नेपाल के नेवार समुदाय द्वारा इस्तेमाल कइल जाला। ई पंचांग 20 अक्टूबर 879 से लेके 1769 में मल्ल राजवंश के अंत तक नेपाल के आधिकारिक पंचांग रहल। एह दौरान नेपाल संवत के इस्तेमाल सिक्कन, पत्थर आ ताम्रपत्र के अभिलेखन, राजकीय आदेशन, इतिहास ग्रंथन, हिंदू आ बौद्ध पांडुलिपियन, कानूनी दस्तावेजन आ आधिकारिक पत्राचार में कइल जात रहे।

1769 में शाह राजवंश द्वारा नेपाल पर अधिकार कइला के बाद, देश के आधिकारिक पंचांग के रूप में पहिले शक संवत आ बाद में विक्रम संवत के अपनावल गइल। आजुओ नेपाल संवत नेपाल में सांस्कृतिक दृष्टि से बहुत महत्व रखेला, खास करके नेवार समुदाय के बीच। एह समुदाय के अधिकांश परब-तिहुआर एही पंचांग के आधार पर मनावल जालें। एह पंचांग के सांस्कृतिक आ ऐतिहासिक महत्व के देखत, 11 नवंबर 2023 से नेपाल सरकार सरकारी दस्तावेजन में विक्रम संवत के साथे-साथ नेपाल संवत के भी शामिल करे के फैसला कइलस।

नेपाल संवत के शुरुआत के बारे में कई गो लोककथा प्रचलित बाड़ी। एह में सबसे प्रसिद्ध कथा संखधर साख्वा से जुड़ल बा। लोकमान्यता के अनुसार, ओहें नेपाल संवत के शुरुआत कइले रहलें। हालाँकि, इतिहासकार लोग के अनुसार नेपाल संवत के वास्तविक ऐतिहासिक उत्पत्ति आजुओ निश्चित रूप से ज्ञात नइखे।