थेलीज
थेलीज़ | |
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Posthumous portrait of Thales by Wilhelm Meyer, based on a bust from the 4th century | |
| Born | ल॰ 626/623 BC |
| Died | ल॰ 548/545 BC (aged ल॰ 78) |
| जुग | Pre-Socratic philosophy |
| इलाका | Western philosophy |
| मतपरंपरा | Ionian/Milesian |
मुख्य इन्ट्रेस्ट | |
उल्लेख जोग बिचार | |
थेलीज (अंग्रेजी: Thales of Miletus; /ˈθeɪliːz/ THAY-leez, थे'लीज़; Ancient Greek: Θαλῆς; ल॰ 626/623 – c. 548/545 BC) एशिया माइनर के आयोनिया क्षेत्र में स्थित माइलीटस नगर के एगो प्राचीन यूनानी, पूर्व-सुकराती (प्री-सोक्रेटिक) दार्शनिक रहलें। थेलीज के ओह सात महान मनीषी (सेवन सेजेस) में गिनल जाला जे लोग के प्राचीन यूनान के बिद्या सभ के संस्थापक मानल जा सके ला।
अठारहवीं सदी से शुरू भइल इतिहास लेखन में बहुत लोग उनकरा के यूनानी परंपरा के पहिला दार्शनिक माने लागल। उनसे पहिले दुनिया के व्याख्या करे खातिर मुख्य रूप से पौराणिक कथा (माईथोलॉजी) के सहारा लिहल जाव, बाकी थेलीज प्राकृतिक दर्शन (नेचुरल फिलॉसफी) के आधार पर दुनिया के समझावे के कोशिश कइलें। एही कारण से कई लोग उनकरा के गणित, बिज्ञान (आधुनिक साइंस}) आ निगमनात्मक तर्क (डिडक्टिव रीजनिंग) के प्रवर्तको माने ला।[1]
थेलीज के मान्यता रहे कि पूरा प्रकृति एगो मूल तत्व पर आधारित बा, आ उनकरा हिसाब से ऊ मूल तत्व पानी रहे। ऊ मानत रहलें कि धरती पानी पर तैरत बा। गणित में, थेलीज प्रमेय (Thales's Theorem) उनहीं के नाम पर रखल गइल बा। इंटरसेप्ट प्रमेय के भी कई बेर थेलीज के प्रमेय कहल जाला।
कहल जाला कि थेलीज मिस्र के पिरामिड के ऊँचाई आ किनारा से जहाज के दूरी के गणना कइले रहले। बिज्ञान के क्षेत्र में, थेलीज एगो खगोलवेत्ता भी रहलें। मान्यता बा कि ऊ मौसम के अनुमान लगवले आ एगो सूर्य ग्रहण के भविष्यवाणियो कइले रहलें। उर्सा मेजर तारामंडल (सतहवा) के स्थिति के पहचान, आ अयनांत (सोल्स्टिस) तथा विषुव (इक्विनॉक्स) के समय के जानकारी भी उनहीं से जोड़ल जाला।
ऊ एगो इंजीनियरो रहलें। कहल जाला कि ऊ लिडियन सेना के हेलीस नदी पार करावे के उपाय निकाललें। इतिहासकार प्लूटार्क लिखलें कि “ओह समय थेलीजे एगो अइसन व्यक्ति रहलें, जे फिलासफी के खाली सैद्धांतिक विचार से निकाल के व्यवहारिक रूप देहलें।”[2]
संदर्भ
[संपादन करीं]- ↑ Russell, Bertrand (1945). A History of Western Philosophy. Simon & Schuster.
- ↑ Dunham, William. Journey Through Genius: The Great Theorems of Mathematics. p. 6.