तारकेश्वर मिश्र राही
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तारकेश्वर मिश्र 'राही' भोजपुरी भासा क गीतकार रहलन। राही भोजपुरी लोक-जीवन से गहराई से जुड़ल एगो कवि आ गीतकार रहलन, जेकरा लेखनी में गाँव-घर, दुख-सुख आ मानवीय संवेदना के सहज झलक मिलेला। ऊ लव-कुश (1982) जइसन खंड-काव्य लिखके रामकथा के लोकभाषा में सजीव बना दिहलन, अउरी कई गो गीत, कविता आ कजरी से भोजपुरी साहित्य के समृद्ध कइलें। राही के रचना में सरल भाषा, मीठ आंतरिक लय आ समाज के पीड़ित-शोषित वर्ग खातिर गहरा दरद देखे के मिलेला।
बाहरी कड़ी
[संपादन करीं]- तारकेश्वर मिश्र 'राही' क तीन गो कविता, मैना पतिरका में।
- राही के खंडकाव्य लव-कुश से एगो अंश, हिंदी समय वेबसाइट प।
- मऊ के आल इंडिया मुशायरा में कबिता पाठ करत राही, यूट्यूब पर।
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