ग्रे मार्केट
ग्रे मार्केट (अंग्रेजी: gray market) भा डार्क मार्केट (अंग्रेजी: dark market) (जेकरा के कई बेर भरमबस “पैरेलल मार्केट” बूझ लिहल जाला) ओह सामान के कारोबार हवे, जे मूल निर्माता या ट्रेडमार्क मालिक द्वारा अधिकृत (ऑथराइज्ड) ना होखेवाला रास्ता से खरीदल-बेचल जाला।[1] ग्रे–मार्केट वाला सामान मतलब अइसन प्रोडक्ट से बाटे जे निर्माता के आधिकारिक चैनल से बाहर बेचाइल जा रहल होखे। अइसन कारोबार शेयर मार्केट में भी देखे के मिले ला - ग्रे मार्केट मूल रूप से एगो अनौपचारिक कारोबारी जगह हवे, जहवाँ शेयर आ सामान औपचारिक मान्यता प्राप्त चैनल से बाहर खरीदे–बेचे जालें। ग्रे मार्केट स्टॉक ओह शेयरन के कहल जाला, जिनकर आइपीओ (IPO) के औपचारिक लॉन्च से पहिले अनौपचारिक रूप में कारोबार होत होखे।[1] एह तरह के स्टॉक पर बोली–भाव ट्रेडर लोग नियामक ढाँचा के बाहर तय करे ला। एसे लेनदेन अनौपचारिक होला, बाकिर कानूनी होखेला। काहे कि ई सौदा लिस्टिंग से पहिले होला, एसे एह में भाव में उतार–चढ़ाव आ बाकी जोखिम भी काफी रहेला। ग्रे मार्केट स्टॉक आमतौर पर छोट निवेशक समूह के बीच खरीदे–बेचे जालें। एहमें लेनदेन पूरा भरोसा पर टिकला पर होखेला। ई गैरकानूनी त ना हवे, बाकिर ई सौदा औपचारिक बाजार के नियम में ना आवेला। एहकर मतलब ई भइल कि औपचारिक लिस्टिंग होखे तक एह स्टॉक के पूरा निपटान (सेटलमेंट) ना हो सकेला।[2]
ग्रे मार्केट प्रीमियम
[संपादन करीं]ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) चाहे जीएमपी ओह दाम के कहल जाला, जवना पर IPO के शेयर लिस्टिंग से पहिले ग्रे मार्केट में खरीदे–बेचे जालें। जीएमपी से समझ में आवेला कि कवनों स्टॉक खातिर निवेशक भावना (सेंटिमेंट) आ डिमांड कइसन बा। जीएमपी अधिक होखे के मतलब होला, स्टॉक खातिर माँग मजबूत बाटे, जबकि जीएमपी कम चाहे निगेटिव होखे तब एकर अरथ बा कि निवेशक के रुचि कमजोर बाटे।
इहो देखल जाय
[संपादन करीं]संदर्भ
[संपादन करीं]- 1 2 "ग्रे मार्केट क्या है: इसका अर्थ, यह कैसे काम करता है, प्रकार". bajajfinserv.in (Hindi में). 12 दिसंबर 2023. Retrieved 2 दिसंबर 2025.
- ↑ "ग्रे मार्केट क्या है?". एंजेल वन (Hindi में). 21 अप्रैल 2020. Retrieved 2 दिसंबर 2025.