गांधार कला

गांधार कला भा ग्रीको-बुद्धिस्ट कला (अंग्रेजी: Greco-Buddhist art) प्राचीन यूनानी कला आ बौद्ध धर्म के सांस्कृतिक मेल-जोल के कलात्मक रूप हवे। एकर बिकास मुख्य रूप से प्राचीन गंधार क्षेत्र में भइल, जे भारतीय उपमहादीप के उत्तर-पच्छिमी भाग में रहे।
गांधार कला के बिकास कई ऐतिहासिक घटना सभ के परिणाम रहे। एह प्रॉसेस के शुरुआत सिकंदर महान के गंधार क्षेत्र में कुछ समय खातिर लड़ल गइल जुद्ध आ बिजय अभियान से भइल। एकरा बाद सम्राट अशोक एह क्षेत्र में बौद्ध धर्म के बढ़ावा दिहलें। बाद में इंडो-यूनानी राज्य सभ में बौद्ध धर्म सभसे मेन धर्म बन गइल।
हालाँकि, गांधार कला के असल बिकास कुषाण साम्राज्य के शासनकाल में भइल। पहिली से तीसरी सदी ईस्वी के बीच के बनल, भगवान गौतम बुद्ध के अबतक ले मिलल सबसे पुरान सुरक्षित भक्तिपरक मूर्ति, एही समय बनल। तीसरी से पाँचवीं सदी ईस्वी के बीच गांधार कला अपना चरम पर पहुँच गइल आ आज मौजूद अधिकतर प्रमुख कलाकृति आ कलात्मक रूप एही दौर के मानल जालें।
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