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कीनाराम (संत)

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संत कीनाराम भा बाबा कीनाराम, (1627 ईस्वी — 1755 ईस्वी[1]) एगो अघोरी संत (औघड़) आ भोजपुरी भाषा के कवी[2] रहलन। ऊ कीनारामी संप्रदाय के अस्थापना कइलन। ई संप्रदाय ब्रिटिश राज के दौरान बनारस में सामाजिक ऊँच-नीच आ गैर-बराबरी अउरी पावर डाइनामिक्स के सोझा एगो प्रतिरोध के बिचार के रूप में उभर के आइल।


कीनाराम के जनम 1627 ईस्वी में भादो के अँजोर पाख के पंचिमी तिथि के भइल बतावल जाला। उनके माई-बाबू लोग बनारस की लगे चंदौली के ओर के रहल लोग।[3] ऊ बचपने से बैराग के भाव वाला रहलें आ बहुत कमे उमिर में सभ त्याग के साधू बन गइलन। बाद में कालू राम के चेला बन गइलन। ओकरा बाद ऊ बनारस में क्रीं कुंड के लगे आपन धूनी रमवलन।[4]

कीनाराम के रचना सभ नीचे दिहल बाड़ी स:

  • विवेक सागर
  • राम गीता
  • राम रसाल
  • गीतावली
  • राम चपेटा[5]
  • पोथिविवेकसार
  1. Singh, Rana B.P. "The Context of Students' March: Kashinath Singh's Our Front". Cultural Landscapes and the Lifeworld. Literary Images of Banaras (Kashi): 284–298.
  2. Singh, Radheyshyam; Rawat, Pawan Kumar. Lok Sahitya Evam Sanskriti (अंग्रेजी में). Lokbharti Prakashan. ISBN 978-81-19996-37-7. Retrieved 17 जुलाई 2026.
  3. "कैसे बने कीनाराम इतने बड़े अघोराचार्य, कब हुआ वैराग्य और कहां पर हुई थी दीक्षा? जानें रोचक कहानी". News18 हिंदी (Hindi में). Archived from the original on 2025-07-23. Retrieved 17 जुलाई 2026.
  4. Barrett 2008, p. 36.
  5. Srivastava, Justice Shambhu Nath (19 अगस्त 2018). Bharatiya Sanskriti Ke Rakshak Sant: BHARATIYA SANSKRITI KE RAKSHAK SANT: The Crusaders of Indian Culture - A Book on Indian Saints by JUSTICE SHAMBHU NATH SRIVASTAVA (Hindi में). Prabhat Prakashan. ISBN 978-93-87968-11-0. Retrieved 17 जुलाई 2026.
  • Gupta, Roxanne Poormon (1993). The Politics of Heterodoxy and the Kina Rami Ascetics of Banaras.
  • Barrett, Ron (2008). Aghor Medicine: Pollution, Death, and Healing in Northern India. University of California Press. ISBN 9780520941014.
  • Upadhyay, Krishnadeo (1972). Bhōjpurī sāhitya kā itihaśa.