औरत
औरत, स्त्री, नारी चाहे महिला (अंग्रेजी: woman) मनुष्यन में उमिरदार (वयस्क भा एडल्ट) मादा (फीमेल) के कहल जाला; कम उमिर के मानव मादा के लड़िकी भा लइकी कहल जाला। हालाँकि, एह शब्दन के कई बेर खास अरथ (सेंस) में इस्तेमाल हो सके ला - जइसे कि 'औरत' आ 'स्त्री' शब्द के इस्तेमाल कई बेर 'मेहरारू' (पत्नी) के अरथ में हो सके ला; 'महिला' शब्द आमतौर प आदर के संघे कवनो संभ्रांत आ कुलीन औरत (अंग्रेजी के लेडी के अरथ में) खातिर कइल जाला। 'नारी' आ 'स्त्री' शब्दन के इस्तेमाल फेमिनिज्म से जुड़ल कांसेप्ट सभ में होला - जइसे कि नारी अधिकार, नारी सशक्तिकरण आ खुद नारीवाद भा स्त्रीवाद (फेमिनिज्म खातिर)।
अपना मूल अरथ में, पुरहर उमिर के मानव मादा, जे संतान पैदा करे में सक्षम होखे। आमतौर पर औरत के पास एक्स (X) क्रोमोसोम के एगो जोड़ा होला, जवना में एकहक क्रोमोसोम माता आ पिता से मिलल होला। औरत (मादा) भ्रूण के लैंगिक विकास मुख्य रूप से एह कारण होला कि ओकरा लैंगिक गुणसूत्रन में सक्रिय SRY जीन मौजूद ना रहेला। औरतन के शारीरिक बनावट पुरुष से मुख्य रूप से औरतन वाला प्रजनन तंत्र के चलते अलग किसिम के होला। एह औरतन के प्रजनन तंत्र (बच्चा पैदा करे वाला सिस्टम आ अंग) में अंडाशय, अंडवाहिनी (फैलोपियन ट्यूब), गर्भाशय, योनि आ भग शामिल बाड़ें। सामान्य रूप से महिला के श्रोणि (पेल्विस) बेसी चाकर, कूल्हा बेसी विकसित आ स्तन पुरुष के तुलना में बड़हन होखे लें। ई सगरी बिसेसता सभ गर्भधारण, जचगी आ संतान के दूध पियावे में मददगार होलें। औरतन में आमतौर पर चेहरा आ शरीर पर बाल कम होले, शरीर में वसा (बॉडी फैट) के रेशियो बेसी होखे ला, आ औसतन ऊ पुरुषन के तुलना में हाईट में कम लमहर आ कम मांसल होखे लीं। सेहत के नजरिया से महिलन में कुछ रोगन, जइसे स्तन कैंसर, के रिस्क बेसी हो सकेला, जबकि कुछ दूसर रोगन, जइसे फेफड़ा के कैंसर, के जोखिम पुरुषन के तुलना में अपेक्षाकृत कम देखल जाला।
मानव इतिहास के अधिकांश काल में पितृसत्तात्मक सामाजिक व्यवस्था आ पारंपरिक लैंगिक भूमिकन के कारण औरतन के खातिर बिबिध किसिम के अवसर (मोका भा अपार्चुनिटी) अक्सर सीमित रहल बा। हालाँकि, 20वीं सदी के दौरान अनेक समाजन में एह किसिम के रोकटोक आ प्रतिबंधन में कमी आइल, जवना के परिणामस्वरूप औरतन के शिक्षा, रोजगार आ सार्वजनिक जीवन में बेसी मोका मिले सुरू भइल। औरतन के खिलाफ होखे वाली हिंसा के अधिकांश घटना पुरुषन द्वारा कइल जाले। आजुओ कुछ देशन में महिलन के प्रजनन (संतान पैदा करे) के अधिकार आ अन्य नारी अधिकार पूरा रूप से प्राप्त नइखे। कई धर्म आ सरकार औरतन के जीवन, व्यवहार आ सामाजिक भूमिका से जुड़ल कुछ विशेष नियम आ मानदंड (पैमाना) भी निर्धारित करे लें। नारीवादी आंदोलन (फेमिनिस्ट आंदोलन) के प्रमुख उद्देश्य औरत आ पुरुष के बीच समान अधिकार, समान अवसर आ लैंगिक समानता स्थापित कइल बाटे।
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